PM मोदी का पेपर लीक माफियाओं को अल्टीमेटम: बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया तो 10 साल तक जेल तय!

संसद से सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक माफियाओं को कड़ी चेतावनी दी। नए कानून में 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

PM मोदी का पेपर लीक माफियाओं को अल्टीमेटम: बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया तो 10 साल तक जेल तय!
परीक्षा संशोधन बिल पास होते ही पीएम मोदी का बड़ा संदेश।

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   HighLights:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा संशोधन विधेयक पारित होने पर देश को वीडियो संदेश दिया
  • पेपर लीक माफियाओं और परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोहों को सख्त चेतावनी
  • परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने पर सरकार का जोर
  • संसद के दोनों सदनों से सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पारित

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk):  देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के मामलों पर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। संसद के दोनों सदनों से सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के नाम वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पेपर लीक माफियाओं और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले गिरोहों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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प्रधानमंत्री ने इस विधेयक को भारत की परीक्षा प्रणाली को मजबूत, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है और यह कानून उसी प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

'बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्षों से देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं। इससे लाखों मेहनती छात्रों के सपनों पर असर पड़ता है। अब ऐसे अपराधियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही वादा किया था कि पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाया जाएगा और अब संसद ने उसे मंजूरी देकर छात्रों के हित में बड़ा फैसला लिया है।

परीक्षा प्रणाली होगी और अधिक पारदर्शी

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार विश्वस्तरीय परीक्षा व्यवस्था तैयार करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसके तहत विशेषज्ञ टास्क फोर्स का गठन, आधुनिक तकनीक का उपयोग, फास्ट ट्रैक जांच व्यवस्था और राज्यों से मिले सुझावों को लागू किया जा रहा है ताकि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी को अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

'विकसित भारत-2047' के लिए युवाओं पर भरोसा

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा और छात्र देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उनकी प्रतिभा और मेहनत के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

दोनों सदनों से पारित हुआ संशोधन विधेयक

लोकसभा से पारित होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा ने भी सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही यह विधेयक संसद से पारित हो गया। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह कानून केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा में होने वाली हर प्रकार की अनुचित गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि यह कानून केवल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं पर ही नहीं बल्कि UPSC, रेलवे, बैंकिंग और अन्य केंद्रीय सार्वजनिक परीक्षाओं पर भी लागू होगा।

क्या हैं नए कानून के प्रमुख प्रावधान?

पेपर लीक और परीक्षा में संगठित धोखाधड़ी पर कठोर कार्रवाई।
दोषियों को 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान।
50 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
मामलों की त्वरित जांच और फास्ट ट्रैक ट्रायल की व्यवस्था।
आधुनिक तकनीक के माध्यम से परीक्षा सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रमुख सार्वजनिक परीक्षाएं कानून के दायरे में आएंगी।

विपक्ष का वॉकआउट, ध्वनिमत से पारित हुआ विधेयक

राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर सदन से वॉकआउट किया। इसके बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को पारित कर दिया। विपक्ष द्वारा लाए गए संशोधन प्रस्ताव भी खारिज कर दिए गए। सदन के नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को एकजुट होकर देश के युवाओं के हित में काम करना चाहिए।

देशभर के छात्रों को मिलेगा बड़ा भरोसा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून लागू होने के बाद पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वाले संगठित गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही लाखों छात्रों और अभिभावकों का प्रतियोगी परीक्षाओं पर विश्वास और मजबूत होगा। सरकार का कहना है कि ईमानदार छात्रों की मेहनत की रक्षा करना ही इस कानून का सबसे बड़ा उद्देश्य है।