नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा से हड़कंप: भारत सीमा से सटे जिलों में कर्फ्यू, कई शहरों में आगजनी-फायरिंग, हाई अलर्ट
नेपाल के सुनसरी, सिराहा, जनकपुर और भारत सीमा से सटे इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा के बाद अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू। डीजे विवाद से शुरू हुई हिंसा में 3 लोगों की मौत, आगजनी, पथराव और फायरिंग के बाद नेपाल सरकार अलर्ट मोड में। पढ़ें पूरी रिपोर्ट Threesocieties.com पर।
HighLights:
- नेपाल के सुनसरी, सिराहा और जनकपुर समेत कई इलाकों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू
- डीजे पर तेज संगीत और धार्मिक झंडों को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद के बाद हिंसा
- अब तक 3 लोगों की मौत, कई पुलिसकर्मी समेत दर्जनों घायल
- आगजनी, पथराव और फायरिंग से कई शहरों में तनाव
काठमांडू/जनकपुर (Threesocieties.com Desk): नेपाल के दक्षिणी हिस्से में भड़की सांप्रदायिक हिंसा ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। भारत के बिहार से सटे नेपाल के सुनसरी, सिराहा, सप्तरी और जनकपुर समेत कई इलाकों में तनाव चरम पर पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कई क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पुलिसकर्मियों सहित दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं।
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नेपाल सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और नेपाली सेना की तैनाती की गई है। भारत सीमा से सटे क्षेत्रों में भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार 26 जुलाई को सावन महीने के दौरान हिंदू श्रद्धालु कोशी बराज से पवित्र जल लेकर सुनसरी जिले के कप्तानगंज स्थित मंदिर की ओर जा रहे थे। यात्रा के दौरान डीजे पर तेज आवाज में संगीत बजाया जा रहा था। इसी दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने तेज आवाज और धार्मिक झंडों को लेकर आपत्ति जताई। देखते ही देखते बहस शुरू हुई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों की ओर से लाठी-डंडे, पत्थर और लोहे की रॉड तक इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।
पुलिस फायरिंग के बाद और बिगड़े हालात
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद हालात बेकाबू होने पर फायरिंग की गई। इस दौरान गोली लगने से सुनसरी निवासी ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई। बाद में सिराहा जिले में हुई हिंसा में 19 वर्षीय गणेश यादव की भी मौत हो गई। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हिंसा में अब तक कुल तीन लोगों की जान जा चुकी है।
आगजनी और पथराव से दहशत
हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने कई स्थानों पर जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। रिपोर्टों के मुताबिक लगभग तीन दर्जन दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। सिराहा के गोलबाजार में 11 मोटरसाइकिलें भी जला दी गईं। कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव हुआ, जिसमें कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए।
किन-किन इलाकों में लगा कर्फ्यू?
प्रशासन ने सुनसरी, सिराहा, जनकपुर, गोलबाजार और आसपास के कई संवेदनशील इलाकों में अगले आदेश तक कर्फ्यू लागू कर दिया है। कर्फ्यू के दौरान—
किसी भी प्रकार की रैली, प्रदर्शन और जनसभा पर रोक।
बिना अनुमति लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित।
संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और सेना की लगातार गश्त।
सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई।
भारत सीमा पर भी बढ़ी सतर्कता
नेपाल में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों पर भी सुरक्षा एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं। बिहार से लगने वाली सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या अफवाह को फैलने से रोका जा सके।
सरकार एक्शन मोड में
हिंसा के बाद नेपाल सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा एजेंसियों को हालात पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। सरकार ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने का दावा
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा बलों की तैनाती और लगातार निगरानी के कारण हालात धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रहे हैं। हालांकि एहतियात के तौर पर कर्फ्यू जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।




