बिजलीघरों को अब रोज मिलेंगी 3 रैक कोयला, BCCL CMD ने खदानों से वॉशरी तक लिया जायजा

BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने सिजुआ एरिया की खदानों और पाथरडीह वॉशरी का निरीक्षण किया। पावर प्लांटों को वॉश्ड कोल डिस्पैच 1 से बढ़ाकर 3 रैक प्रतिदिन करने का निर्देश दिया।

बिजलीघरों को अब रोज मिलेंगी 3 रैक कोयला, BCCL CMD ने खदानों से वॉशरी तक लिया जायजा
बिजलीघरों को कोयला सप्लाई बढ़ाने में जुटा BCCL।

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   HighLights:

  • BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने सिजुआ एरिया की प्रमुख खदानों का किया दौरा
  • अमलगमेटेड सेंद्रा-बांसजोड़ा-निचितपुर, तेतुलमारी, मुनीडीह और कांकणी खदानों की समीक्षा
  • उत्पादन, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कोयला डिस्पैच बढ़ाने पर जोर
  • CMD ने पाथरडीह वॉशरी का भी किया निरीक्षण, पावर प्लांटों को वॉश्ड कोल की सप्लाई बढ़ाने का निर्देश

धनबाद (Threesocieties.com Desk): बिजली क्षेत्र में कोयले की बढ़ती मांग को देखते हुए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने कोयला उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाने की दिशा में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। BCCL के CMD श्री मनोज कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में कंपनी खदान स्तर पर उत्पादन, परिचालन दक्षता और कोयला डिस्पैच की लगातार समीक्षा कर रही है, ताकि पावर सेक्टर को पर्याप्त और समय पर कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

इसी कड़ी में 6 सितंबर 2026 को BCCL के CMD ने सिजुआ एरिया की कई महत्वपूर्ण खदानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अमलगमेटेड सेंद्रा-बांसजोड़ा-निचितपुर, तेतुलमारी, मुनीडीह और कांकणी खदानों में चल रहे खनन कार्यों का जायजा लिया। CMD ने संबंधित अधिकारियों से खदानों में उत्पादन की स्थिति, परिचालन संबंधी आवश्यकताओं और कोयला डिस्पैच की मौजूदा व्यवस्था की जानकारी ली।

उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाने पर जोर

दौरे के दौरान मुख्य रूप से खदानों में उत्पादन बढ़ाने, ऑपरेशनल एफिशिएंसी बेहतर करने और कोयला डिस्पैच में तेजी लाने पर जोर दिया गया। पावर सेक्टर की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए BCCL का प्रयास है कि बिजली उत्पादन करने वाले संयंत्रों को पर्याप्त मात्रा में कोयला समय पर उपलब्ध कराया जाए। CMD ने फील्ड स्तर पर अधिकारियों के साथ खदानों की वास्तविक स्थिति की समीक्षा की और परिचालन से जुड़ी जरूरतों को समझा। इस तरह के नियमित फील्ड विजिट के जरिए कंपनी उत्पादन में आने वाली संभावित अड़चनों की पहचान कर समय पर आवश्यक कदम उठाने पर जोर दे रही है।

पाथरडीह वॉशरी का भी किया निरीक्षण

सिजुआ एरिया की खदानों के निरीक्षण के बाद CMD पाथरडीह वॉशरी पहुंचे। यहां उन्होंने पावर प्लांटों को भेजे जा रहे वॉश्ड पावर कोल के डिस्पैच की समीक्षा की। पाथरडीह वॉशरी से वर्तमान में प्रतिदिन एक रैक वॉश्ड कोयला पावर प्लांटों को भेजा जा रहा है। पावर सेक्टर की बढ़ती कोयला जरूरत को देखते हुए CMD ने संबंधित अधिकारियों को मौजूदा एक रैक प्रतिदिन की डिस्पैच क्षमता को बढ़ाकर तीन रैक प्रतिदिन करने का निर्देश दिया। इससे बिजलीघरों तक वॉश्ड पावर कोल की आपूर्ति में तेजी आने की उम्मीद है।

एक से तीन रैक प्रतिदिन करने का निर्देश

पाथरडीह वॉशरी में समीक्षा के दौरान CMD ने स्पष्ट रूप से डिस्पैच बढ़ाने पर जोर दिया। लक्ष्य है कि मौजूदा 1 रैक प्रतिदिन की तुलना में 3 रैक प्रतिदिन तक वॉश्ड कोल का डिस्पैच किया जा सके। बिजली क्षेत्र में कोयले की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BCCL की ओर से उत्पादन से लेकर डिस्पैच तक पूरी प्रक्रिया पर फोकस किया जा रहा है, ताकि कोयले की उपलब्धता और आपूर्ति के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सके।

फील्ड रिव्यू से संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर

BCCL की ओर से किए जा रहे लगातार फील्ड स्तर के निरीक्षण का उद्देश्य केवल उत्पादन के आंकड़ों की समीक्षा करना नहीं है, बल्कि खदानों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना भी है। खदानों में मौजूद परिचालन संबंधी जरूरतों की पहचान कर उनके समाधान की दिशा में समय पर कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है। कंपनी का फोकस बेहतर उत्पादन, संसाधनों का प्रभावी उपयोग, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और तेज कोयला डिस्पैच पर है। खासकर पावर सेक्टर की मांग को देखते हुए कोयले की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना BCCL की प्राथमिकताओं में शामिल है।

पावर सेक्टर की जरूरत पूरी करने की कवायद

देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कोयले की महत्वपूर्ण भूमिका है। बिजलीघरों में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए खनन कंपनियों पर उत्पादन के साथ-साथ समय पर डिस्पैच सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी रहती है। BCCL द्वारा सिजुआ एरिया की खदानों से लेकर पाथरडीह वॉशरी तक की समीक्षा इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। CMD के निर्देश के बाद पाथरडीह वॉशरी से वॉश्ड पावर कोल के डिस्पैच को एक से बढ़ाकर तीन रैक प्रतिदिन करने की दिशा में काम किया जाएगा।

BCCL की यह पहल आने वाले समय में पावर प्लांटों को कोयले की आपूर्ति को मजबूत करने के साथ कंपनी के उत्पादन और डिस्पैच प्रदर्शन को बेहतर बनाने में भी मददगार हो सकती है।