Dhanbad : शक्ति मंदिर में महाअष्टमी पर उमड़ी भीड़, दोपहर 1:30 बजे तक हुए दर्शन

धनबाद के शक्ति मंदिर में महाअष्टमी पर मां महागौरी की पूजा के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़। सुबह 5:15 बजे की मंगला आरती से दोपहर 1:30 बजे तक दर्शन, कन्या पूजन, संध्या आरती और सोमवार की दर्शन व्यवस्था की पूरी जानकारी पढ़ें।

Dhanbad : शक्ति मंदिर में महाअष्टमी पर उमड़ी भीड़, दोपहर 1:30 बजे तक हुए दर्शन
महाअष्टमी पर शक्ति मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, मां महागौरी के दर्शन को लगी लंबी कतार।

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      Highlights: 

  • धनबाद के शक्ति मंदिर में रविवार, 18 अक्टूबर को महाअष्टमी पर उमड़ी भारी भीड़
  • मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई 
  • सुबह 5:15 बजे की मंगला आरती के लिए श्रद्धालुओं की लगी लंबी कतार
  • दर्शन का सिलसिला दोपहर 1:30 बजे तक जारी रहा

धनबाद (Threesocieties.com Desk): आश्विन नवरात्र की महाअष्टमी पर रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को धनबाद के प्रसिद्ध शक्ति मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। माता रानी के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही। मंदिर में दर्शन का सिलसिला सुबह की मंगला आरती से लेकर दोपहर 1:30 बजे तक लगातार जारी रहा। मंदिर कमिटी के अनुसार, कई वर्षों बाद महाअष्टमी पर श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी भीड़ देखने को मिली।

मां महागौरी की विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना

महाअष्टमी के पावन अवसर पर शक्ति मंदिर में मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप का विधिवत पूजन किया गया। पंडित मुकेश पांडेय ने यजमान सुनील गंडोत्रा और उनकी धर्मपत्नी ज्योति गंडोत्रा से पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कराई। मंदिर में सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालु मां के दर्शन और मंगला आरती में शामिल होने के लिए कतार में खड़े रहे।

रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह 5:15 बजे होने वाली मंगला आरती का इंतजार करते हुए भक्तों की कतार लगातार लंबी होती गई। माता रानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने मां महागौरी के चरणों में शीश झुकाकर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना की प्रार्थना की।

भीड़ को देखते हुए मंदिर कमिटी और प्रशासन मुस्तैद

महाअष्टमी पर उमड़ी भीड़ को देखते हुए मंदिर कमिटी, महिला एवं पुरुष सेवादार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से दर्शन कराने के लिए लगातार व्यवस्था संभाली गई। मंदिर प्रबंधन की ओर से भक्तों से दिशा-निर्देशों का पालन करने और कतार में धैर्य बनाए रखने की अपील की गई। मंदिर कमिटी ने बताया कि श्रद्धालुओं ने भी व्यवस्था में सहयोग किया और लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद धैर्य बनाए रखा। मंदिर प्रबंधन ने सभी भक्तों के प्रति आभार जताया।

सोमवार को भी दोपहर 12:30 बजे तक खुले रह सकते हैं मंदिर के पट

मंदिर कमिटी के अनुसार, सोमवार को अष्टमी और नवमी तिथि के संयोग के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर के पट दोपहर 12:30 बजे तक अथवा श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहने तक खुले रखने का निर्णय लिया गया है। मंदिर कमिटी ने भक्तों से आग्रह किया है कि वे दर्शन के लिए घर से पर्याप्त समय लेकर निकलें। भीड़ अधिक होने की स्थिति में दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। जो श्रद्धालु अपेक्षाकृत कम भीड़ में दर्शन करना चाहते हैं, उन्हें शाम 4 बजे से 5:30 बजे के बीच आने की सलाह दी गई है। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से यह भी अपील की है कि वे अपने साथ कीमती सामान और आभूषण पहनकर आने से बचें तथा मंदिर की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

व्रतियों के लिए रोजाना तैयार हो रही फलाहारी खीर

नवरात्र के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर में व्रती भक्तों के बीच वितरण के लिए रोजाना फलाहारी खीर तैयार की जा रही है। मंदिर कमिटी की ओर से धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर में माता रानी को भोग-प्रसाद अर्पित कराने की बुकिंग कराने वाले भक्तों से भी विशेष अनुरोध किया गया है। उनसे कहा गया है कि वे निर्धारित समय से कम से कम आधा घंटा पहले मंदिर पहुंचें, ताकि समय पर माता रानी को भोग-प्रसाद अर्पित किया जा सके।

संध्या आरती में महिलाओं की विशेष भागीदारी

शक्ति मंदिर में संध्या आरती का कार्यक्रम भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 'हाथों में लेके दिया करें मां की आरती' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महिला श्रद्धालु आरती शुरू होने से पहले ही मंदिर के पीछे स्थित परिसर में अपना स्थान ग्रहण कर लेती हैं। इसके बाद भक्तिभाव के साथ आरती और पुष्पांजलि में शामिल होती हैं। मंदिर में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम नवमी तक जारी रहेगा। संध्या आरती के दौरान भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिल रहा है। महिलाएं दीप लेकर मां की आराधना करती हैं और सामूहिक रूप से आरती में भाग लेती हैं।

महाअष्टमी पर नौ कन्याओं और भैरव बाबा की पूजा

महाअष्टमी के अवसर पर मंदिर में कन्या पूजन भी पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। इस दौरान नौ कन्याओं और एक लांगुर, जिन्हें भैरव बाबा का प्रतीक माना जाता है, के चरण धोकर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद उन्हें हलवा, पूरी, चना और सब्जी का प्रसाद अर्पित किया गया। नवरात्र में कन्या पूजन को विशेष महत्व दिया जाता है। श्रद्धालु कन्याओं में देवी स्वरूप का दर्शन करते हुए उनकी पूजा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। शक्ति मंदिर में भी यह धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।

भक्तों की सेवा में जुटी रही पूरी टीम

महाअष्टमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच शक्ति मंदिर प्रबंधन समिति, महिला एवं पुरुष सेवादार, पुलिस प्रशासन और मंदिर के कर्मचारी लगातार सेवा में लगे रहे। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और भक्तों को किसी तरह की असुविधा से बचाने के लिए सभी ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई। मंदिर कमिटी ने मां के दर्शन के लिए पहुंचे सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और उनसे आगे भी सहयोग बनाए रखने की अपील की। महाअष्टमी पर शक्ति मंदिर में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर धनबाद में दुर्गापूजा और नवरात्र के प्रति लोगों की गहरी आस्था को प्रदर्शित किया।