नई दिल्ली: रवींद्र राय बनाये जा सकते हैं झारखंड बीजेपी प्रसिडेंट, तीन स्टेट में पार्टी का कोर वोटर रहे कास्ट की नाराजगी का भय

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नई दिल्ली:

बीजेपी को बिहार, यूपी व झारखंड में सालों से अपने कोर वोट रहे भूमिहार जाति की नाराजगी का भय सता रहा है. अब डैमेज कंट्रोल के लिए पार्टी ने बिहार व झारखंड में इस जाति के लीडरों का मान-मन्नौवल करने में लगी है. बीजेपी की सेंट्रल लीडरशीप ने कोडरमा से टिकट से वंचित डा रवींद्र कुमार राय को झारखंड बीजेपी का प्रसिडेंट बनाने की प्लानिंग कर रही है. डा राय को बड़ी जिम्मेवारी देकर पार्टी अपना वोट बैंक व संगठन को मजबूत कर सकती है. बीजेपी लोकसभा चुनाव के दौरान रवींद्र राय को झारखंड बीजेपी की कमान सौंप सकती है. सेंट्रल लीडरशीप रवींद्र राय को प्रदेश अध्यक्ष बनने को गहन मंथन कर रही है. डा राय हाल ही में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बुलावे पर उनसे मिलने दिल्ली भी गये थे. बीजेपी चुनाव के दौरान ही रवींद्र राय को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर एक तीर से कई निशाने साधना चाह रही है. रवींद्र राय को ख्य धारा में लाकर उनकी व्यक्तिगत नाराजगी तो दूर कर अन्य नुकसान की भी भरपाई करेगी. रवींद्र राय को कमान सौंपकर बीजेपी को सर्वण वोटरों को साधने में भी मदद मिलेगी. बीजेपी अध्यक्ष व एमपी अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा सिंहभूम से चुनाव लड़ रहे हैं. वह चुनाव संबंधी गतिविधियों में पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं. रवींद्र राय का टिकट कटने से सिर्फ कोडरमा ही नहीं, अन्य संसदीय क्षेत्रों में भी भूमिहार समाज में नाराजगी देखी जा रही है. सोशल मीडिया पर समाज के लोग व समाजिक संगठनों की ओर से बीजेपी के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की जा रही है. इसका असर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में चुनाव में पड़ सकता है. बीजेपी अब चाह रही है कि रवींद्र राय को अध्यक्ष बनाया जाता है तो वे पूरे झारखंड में बेहतर तरीके से चुनाव संचालन हो सकेगा. संघ पृष्ठभूमि से आनेवाले डा राय वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में झारखंड बीजेपी के प्रसिडेंट थे. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को राज्य की 14 में से 12 सीटों पर जीत मिली थी. खुद डा राय भी कोडरमा से जीते थे. आरोप है कि बिहार व झारखंड में बीजेपी के टिकट बंटवारे में इस भूमिहार जाति के लीडरों की अनदेखी की गयी है. बीजेपी ने इस जाति से बिहार में एक मात्र सेंट्रल मिनिस्टर गिरिराज सिंह को बेगुसराय से टिकट दिया है. गिरिराज वहां से लड़ना नहीं चाह रहे थे. बीजेपी ने झारखंड में एक मात्र इस जाति के कोडरमा संसदीय सीट से एमपी रहे डा रवींद्र कुमार राय का टिकट काट आरजेडी से आये अन्नपुर्णा देवी को मैदान में उतारा है. बीजेपी में उपेक्षा से इस जाति के वोटरों में खासी नाराजगी देखी जा रही है. बिहार में फस्ट फेज के संपन्न हुए चुनाव में संबंधित क्षेत्र में इस जाति के वोटरों का गुस्सा पार्टी भांप चुकी है. यही कारण है कि कर टिकट की दौड़ में पीछे छूट गए रवींद्र कुमार राय को बीजेपी में एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. डैमेज कंट्रोल के बीजेपी ने आनन-फानन में पिछले दिनों बिहार में भूमिहार समाज के दो लीडरों महाचंद्र प्रसाद सिंह व बिनोद शर्मा को पार्टी में शामिल कराया है.