रक्षाबंधन पर BCCL में ‘वृक्ष ही जीवन’ का संकल्प, अमृता देवी बलिदान दिवस पर हुआ पौधारोपण
धनबाद में अमृता देवी बलिदान दिवस पर धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ (BMS) ने BCCL के विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण किया। संघ ने पर्यावरण संरक्षण और युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए 28 अगस्त को राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस घोषित करने की मांग की।
Highlights:
- धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ (BMS) ने BCCL के विभिन्न क्षेत्रों में मनाया अमृता देवी बलिदान दिवस
- कोलियरी, परियोजनाओं, अस्पतालों और वाशरियों में किया गया फलदार पौधों का रोपण
- संघ कार्यकर्ताओं ने पौधों की देखभाल और संरक्षण का लिया संकल्प
धनबाद (Threesocieties.com Desk): भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। वहीं, धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ (BMS) के कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अमृता देवी बलिदान दिवस को पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया।
भारतीय मजदूर संघ की ओर से घोषित 28 अगस्त के अमृता देवी बलिदान दिवस के अवसर पर धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ के बैनर तले BCCL के विभिन्न क्षेत्रों, कोलियरियों, परियोजनाओं, चिकित्सालयों और वाशरियों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर फलदार पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया। कार्यक्रम में धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ के पदाधिकारी, क्षेत्रीय प्रभारी, शाखा पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में शामिल हुए।
युवाओं से सबसे बड़ी उम्मीद: मुरारी तांती
पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मुरारी तांती ने गोविंदपुर क्षेत्र में कहा कि आज प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग से प्रभावित वातावरण में सकारात्मक बदलाव लाने की सबसे बड़ी उम्मीद देश की युवा पीढ़ी से है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति, संगठन या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी।
मुरारी तांती ने कहा कि सभी लोगों को अपने-अपने क्षेत्र और आवासीय इलाकों के साथ-साथ कोलियरी मजदूरों और ग्रामीणों को भी अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी सुरक्षा और देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘वृक्ष ही जीवन है’ और बढ़ती आबादी के बीच लगातार घटते जंगल मानव जीवन के लिए गंभीर संकट का कारण बन सकते हैं। इसलिए वन कटाई पर रोक लगाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर पौधारोपण भी जरूरी है।
28 अगस्त को राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस घोषित करने की मांग
संघ अध्यक्ष ने केंद्र सरकार और झारखंड सरकार से 28 अगस्त को राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस घोषित करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि अमृता देवी और उनके साथियों का बलिदान पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और इस दिन को व्यापक स्तर पर पर्यावरण जागरूकता से जोड़ने की जरूरत है।
अमृता देवी और 363 लोगों के बलिदान को किया याद
धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ के महामंत्री उमेश कुमार सिंह ने अमृता देवी बलिदान दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 1730 में जोधपुर के राजा अजीत सिंह को नए महल के निर्माण के लिए इमारती लकड़ियों की आवश्यकता थी। पेड़ों की कटाई का विरोध करते हुए अमृता देवी और 363 अन्य लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया।
उन्होंने बताया कि पेड़ों को बचाने के लिए किया गया यह बलिदान पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। इस आंदोलन और बलिदान के प्रभाव से पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठाया गया। उमेश कुमार सिंह ने कहा कि इसी बलिदान की स्मृति और सम्मान में भारतीय मजदूर संघ की ओर से 28 अगस्त को अमृता देवी बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे पर्यावरण संरक्षण के संदेश से जोड़ा गया है।
पर्यावरण की रक्षा के साथ संरक्षण का भी लें संकल्प
महामंत्री ने कहा कि मानव जीवन के लिए पेड़-पौधों का महत्व किसी से छिपा नहीं है। ऑक्सीजन से लेकर पर्यावरण संतुलन तक वृक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में केवल पौधे लगाने की औपचारिकता पूरी करने के बजाय उनकी रक्षा और देखभाल का संकल्प लेना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का मुद्दा आज पूरी दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुका है। प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जंगलों की कमी और बदलते पर्यावरणीय हालात से निपटने के लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक होना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं।
BCCL के विभिन्न क्षेत्रों में चला पर्यावरण संरक्षण अभियान
अमृता देवी बलिदान दिवस के अवसर पर BCCL के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अलग-अलग कोलियरी, परियोजना, चिकित्सालय और वाशरी परिसरों में पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। संघ कार्यकर्ताओं ने पौधों की नियमित देखभाल और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कोयला क्षेत्र जैसे औद्योगिक इलाके में पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है।
धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ (BMS) ने अमृता देवी बलिदान दिवस के माध्यम से यही संदेश देने का प्रयास किया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लगातार चलने वाला सामाजिक अभियान होना चाहिए।
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