वाराणसी: भाजपा के प्रति बनाया गया अस्पृश्यता का माहौल : पीएम मोदी

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वाराणसी :

लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर पहुंचे. काशी में पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया.पीएम मोदी ने दीनदयाल हस्तकला संकुल में जनसभा को संबोधित किया. जनसभा में मोदी ने वाराणसी सेbएक बार फिर से सांसद निर्वाचित होने पर क्षेत्र की जनता व कार्यकर्ताओं का आभार जताया. जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये हिन्दुस्तान के लोकतंत्र की एक बहुत बड़ी घटना है जब यहाँ के लोगों ने चुनाव को जीत-हार के लिए नहीं बल्कि लोक पर्व की तरह समझा. लोक शिक्षा का माध्यम समझा. इस चुनाव की सभी कसौटियों पर आप डिस्टिंक्शन मार्क्स के साथ पास हुए हैं, इसलिए आप सभी अभिनंदन के पात्र हैं.मोदी ने कहा कि शायद ही कोई उम्मीदवार चुनाव के समय इतना निश्चिंत होता होगा, जितना मैं था. इस निश्चिंतता का कारण आपका परिश्रम और काशीवासियों का विश्वास था.नतीजे और मतदान दोनों समय मैं निश्चिंत था और बड़े मौज के साथ केदारनाथ में बाबा के चरणों में बैठ गया था.उन्हाेंने कहा कि 'हम लोकत्रंत में विश्वास रखने वाले लोग हैं. जहां-जहां हमें मौका मिला है, वहां विपक्ष की आवाज को महत्व दिया. मोदी ने कहा कि कई राज्यों में हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं की राजनीतिक विचारधारा के कारण हत्याएं हुई है. हमारे देश में राजनीतिक छुआछूत दिनों दिन बढ़ती जा रही है.कई जगह भाजपा का नाम लेते है ही अस्पृश्यता का माहौल बनाया जाता है.हम दो बातों को लेकर चलने का प्रयास करते हैं। पहला - भारत की महान विरासत और दूसरा आधुनिक विजन हमें हमारे कल्चर को भी बरकरार रखना है और वर्तमान स्थिति का भी ध्यान रखना है.पीएम ने हर-हर महादेव के जयकारे के साथ अपने सम्बोधन की शुरुआत की. उन्हाेंने कहा कि मैं भी भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता होने के नाते पार्टी और कार्यकर्ता जो आदेश करते हैं उसका पालन करने का मैं भरसक प्रयास करता हूं. एक मास पूर्व जब 25 तारीख को मैं यहां था तो जिस आन-बान और शान का विश्व रूप जो काशी ने दिखाया था उसने पूरे हिन्दुस्तान को प्रभावित किया था. हिन्दुस्तान का कोई ऐसा कौना नहीं था जो काशी की गलियों और रास्तों पर जो मिजाज काशी में दिख रहा था उसे पूरा हिन्दुस्तान देख रहा था. मोदी ने कहा कि 25 की शाम और 26 को जब मैंने यहां के प्रबुद्धजनों और कार्यकर्ताओं ने मुझसे कहा था कि एक माह तक आप यहां नहीं आएंगे तो आपका आदेश मेरे सिर माथे था. मैं 18, 19 को भी मैं नहीं आया सोचा आप लोग एंट्री नहीं देंगे.इसलिए मैं चला गया कि ये बाबा नहीं तो दूसरे बाबा सही. शायद ही कोई प्रत्याशी इतना निश्चिंत रहा होगा, क्योंकि मैं चुनाव से पहले भी और बाद में भी निश्चित था.इसलिए मैं बाबा केदार नाथ की शरण में चला गया. जो शक्ति आपने मुझे दी है वो मिलना सौभाग्य की बात है.यहां पर चुनाव को लोकोत्सव बना दिया.पूरे चुनाव अभियान में तू-तू-मैं-मैं का भाव कम और अपनत्व का भाव अधिक था। इस चुनाव में अलग-अलग दल और निर्दलीय साथी चुनाव मैदान में थे उनका भी आभार व्यक्त करता हूं कि उन्हाेंने भी काशी के अनुरूप चुनाव लड़ा. पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव में प्रशासन को भी काफी परेशानी हुई.पूरे विश्व का मीडिया जगत भी आया था, जिन्हें यहां के स्थानीय मीडिया ने सपोर्ट किया मैं उनका भी आभार प्रकट करता हूं. इस चुनाव में जब मेरा कार्यकर्ताओं से मिलना हुआ था तब मैंने कहा था कि इस चुनाव में नामांकन भले ही एक नरेन्द्र मोदी का हुआ हो, लेकिन चुनाव हर घर का नरेन्द्र मोदी लड़ेगा.इस पूरे चुनाव अभियान को आपने चलाया. मैं काशी के हर कार्यकर्ता का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्हाेंने इस चुनाव को जय और पराजय के तराजू से नहीं तौला उन्हाेंने इस चुनाव को लोक शिक्षा, लोक संस्कृति, लोक समर्पण का पर्व माना. इसमें कोई कमी ना रहे इसके लिए घर-घर गए .आप हर कसौटी पर डिक्टिशन मार्क से पास हुए हैं यहां की बेटियों ने स्कूटी पर जो यात्रा निकाली उससे पूरे देश में एक मैसेज गया. मोदी ने कहा कि हम वो लोग हैं जो हम जैसे हैं दुनिया हमें वैसा हमें देख ना लें। वे दो काम करती हैं कि किसी भी हालत में हमारे प्रति प्रसेपशन ना बने, इसके लिए वे झूठ बोलते हैं और तर्क-कुतर्क करते हैं ये 70 साल तक चला है.पॉलीटिक्ल पंडितों की सोच है कि पॉलीटिक्ल अबाउट द प्रसेप्शन.उन्होंने ये सोचने की जरूरत है कि पारदर्शिता और परिश्रम से उन्हें परास्त किया जा सकता है. ऐसी नकारात्मक सोच के बीच हमें सकारात्मकता को ले जाना है.सरकार और संगठन के बीच तालमेल बहुत बड़ी ताकत होती है.भाजपा ने इसी बखूबी सफलता से निभाया है. सरकार नीति बनाती है और संगठन रणनीति बनाता है. पीएम मोदी ने कहा कि आज भले ही मैं काशी से बोल रहा हूं, लेकिन पूरा उत्तरप्रदेश कोटी-कोटी धन्यवाद का पात्र है आज पूरे देश को लोकतंत्र की निष्ठा प्रदर्शित कर रहा है। 2014, 2017 हो या 2019 की ये हैटि्रक छोटी नहीं है यूपी देश की दिशा क्या होगी ये सोचता भी है और देश को उस पर चलने के लिए प्रेरित भी करता है. तीन-तीन चुनाव में जीत के बाद भी पॉलीटिक्ल पंडितों की आंखें नहीं खुलती है तो ऐसे पंडितों की सोच 20वीं सदी की है ना की 21वीं सदी की.चुनाव परिणाम वो एक गणित होता है जिसको 200 वोट मिले हैं जिसे 201 मिले हैं तो वो ही विजेता हो. चुनाव का गणित इसी आधार पर चले हैं.पॉलीटिक्ल पंडितों को सोचना होगा कि चुनाव की गणित के आगे भी एक कैमेस्ट्री भी होती है, जो सारे गुणा-भाग और अंकगणित को पराजित कर देती कर देती है.मोदी ने कहा कि सरकार का काम है कार्य करना। तो एक तरफ तो कार्य होता है जब उसमें कार्यकर्ता जुड़ जाता है तो ये करिश्मा हो जाता है. इसलिए वर्क और वर्कर दोनों वन्डर के लिए कैटेलिक एजेंट हैं. सरकार ने बहुत काम किया और ये कार्यकर्ता है जिसने ये विश्वास पैदा किया कि ये तो अभी शुरुआत है.भाजपा एक प्रकार से हम दो संकटों से गुजरे हैं और हमें लगातार झेलना पड़ता है.मैं उन लोगों से कहना चाहता हूं जो गलत सोच रखते हैं कि वे नये सिरे सो सोचना शुरू करें. कमियां हम में भी होगी, लेकिन हमारी नीयत साफ है. देश में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए भाजपा ने हमेशा अपना दायित्व निभाया. चाहे हम सत्ता में आए हो उसके बाद भी. नहीं तो कई पार्टी सत्ता में आने के बाद विपक्ष ही नहीं रहता, जबकि हम सत्ता में आते हैं तो विपक्ष असतित्व में आता है. संविधान हमें जिम्मेदारी देता है कि एक भी क्यों ना हो उसकी आवाज को सुना जाए. एक और है जो वोट बैंक की राजनीति ने कुचल दिया है. देश के गरीब लोगों की आवाज को आने नहीं दिया गया.वोट बैंक की राजनीति के प्रभाव में उनकी आवाज को नहीं सुना गया. पीएम मोदी ने कहा कि हम वो लोग हैं जो भारत की विरासत को लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं.हम दो बातों को लेकर चलना चाहते हैं अपनी महान विरासत और आधुनिक भारत कुंभ के मेले को लेकर सोच को यूपी के मुख्यमंत्री ने बदला है.हम कल्चर पर भी ध्यान देते हैं जो हम 21वीं सदी को भी ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं. हम 11वीं नम्बर की अर्थव्यवस्था से यात्रा शुरू की थी जो अब 6वें नम्बर पर पहुंच गए हैं.मोदी ने कहा कि लगातार हमारा वोट प्रतिशत बढ़ रहा है. ये पॉलीटिक्ल पंडित कह रहे हैं कि हम हिन्दी हार्टलेन है.हम हर जगह से जीत कर आ रहे हैं.चुनाव जीतना अलग बात है. 2022 से आजादी के 75वीं सालगिरह है.अधिकारों की बात तो हमने कर ली. अब हम पांच साल में नई सोच के साथ आगे बढ़ना है। जो भी सरकारी है वो आपका है. हमें सोचना है कि उसे ताकत कैसे दें. मोदी ने सरकारी सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाने को लेकर भी कटाक्ष किया. चुनाव की गहमागहमी के बीच में आज यहां आया हूं, जो भाव आया उसे आज मैंने उन्हें व्यक्त किया है.उन्हाेंने पद्मश्री हीरालालजी को श्रद्धांजलि दी.सभी कार्यकर्ताओं को हाथ जोड़कर धन्यवाद किया. बाबा विश्वनाथ की भक्ति में लीन नजर आए पीएम मोदी वाराणसी: लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशीवासियों का आभार जताने के लिए सोमवार सुबह करीब 9 बजकर 45 मिनट पर वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वायुसेना के विमान से प्रसिडेंट अमित शाह के साथ पहुंचे . एयरपोर्ट से सीधे पीएम मोदी ने भगवान काशी विश्वनाथ का दर्शन पूजन कर आशीर्वाद लिया. पीएम पूरे विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा की. उनके साथ यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. इसके बाद पीएम मोदी बड़ा लालपुर स्थित पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल में कार्यकर्ताओं से संवाद किया.