West Bengal: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पंडाल में भगदड़, 17 लोगोंकी मौत, 40 घायल

Kolkata Chorbagan Durga Puja Stampede: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 18 लोगों की मौत और 40 से अधिक घायल होने की खबर। बारिश, भारी भीड़, अस्पतालों में इलाज और हेल्पलाइन नंबर समेत पूरी खबर पढ़ें Threesocieties.com पर।

West Bengal: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पंडाल में भगदड़, 17 लोगोंकी मौत, 40 घायल
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पंडाल में भगदड़।

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   Highlights:

  • कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भगदड़, 17 लोगों की मौत की खबर
  • हादसे में 40 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना, कई की हालत गंभीर
  • तेज बारिश और भारी भीड़ के बीच धक्का-मुक्की से बिगड़े हालात
  • संकरे प्रवेश और निकास द्वार को भी हादसे की संभावित वजह 

कोलकाता (Threesocieties.com Desk): Kolkata Durga Puja Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा उत्सव के बीच शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से कम से कम 17 लोगों की मौत की खबर है। हादसे में 40 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और दमकलकर्मियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पंडाल में दर्शन रोक दिए गए और प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के भी अस्पताल पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

बारिश के बीच बढ़ी भीड़, शाम करीब 7:40 बजे मची भगदड़

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:40 बजे इलाके में बारिश शुरू हुई। बारिश से बचने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल के अंदर रुक गए। इसी दौरान और लोगों ने पंडाल में प्रवेश करने की कोशिश की। अंदर पहले से मौजूद भीड़ और प्रवेश द्वार पर बढ़ते दबाव के कारण धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से सामने आई जानकारी में पंडाल के प्रवेश और निकास द्वार के संकरे होने की बात भी कही गई है। आशंका है कि बारिश से बचने के लिए एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने और सीमित जगह के कारण लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हुई। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पंडाल के ढांचे से जुड़ी संभावित समस्या की बात भी सामने आई है, लेकिन इस संबंध में अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

मृतकों में महिलाएं और सात साल का बच्चा भी शामिल

प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वालों में चार पुरुष, 13 महिलाएं और सात साल का एक बच्चा शामिल है। इस तरह शुरुआती आंकड़ों में मृतकों की संख्या 17 बताई गई है। मृतकों की अंतिम संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। हादसे में 40 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों में कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। आशंका है कि घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है। प्रशासन की ओर से घायलों को अस्पताल पहुंचाने और उन्हें चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में घायलों का इलाज

हादसे के बाद घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के शुरुआती बयान के अनुसार, करीब 35 लोगों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था। इसके अलावा अन्य घायलों के अस्पताल पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है।मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के भी अस्पताल पहुंचने की सूचना है। घटना के बाद राहत और चिकित्सा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई। घायलों की स्थिति और मृतकों की संख्या से संबंधित आंकड़ों में आधिकारिक अपडेट के साथ बदलाव संभव है।

पंडाल की लाइटें बंद, दर्शन पर रोक

भगदड़ के बाद चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में दर्शनार्थियों का प्रवेश रोक दिया गया। पंडाल की लाइटें बंद कर दी गईं और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। पुलिस और दमकलकर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किया। भीड़ को नियंत्रित करने और घायलों को बाहर निकालने पर ध्यान दिया गया। हादसे के बाद कोलकाता के कुछ अन्य दुर्गा पूजा पंडालों में भी सुरक्षा के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाए जाने की खबर है। प्रशासन के सामने अब घटना की परिस्थितियों की जांच करने, भीड़ प्रबंधन में संभावित चूक का पता लगाने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने की चुनौती है।

पूजा आयोजकों को थाने में तलब किया गया

घटना के बाद पूजा आयोजकों को पुलिस थाने में तलब किए जाने की जानकारी सामने आई है। आयोजक विकास दास ने कहा कि हादसा किस वजह से हुआ, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिकता घायलों को अस्पताल पहुंचाना है।आयोजक के अनुसार, घटनास्थल पर पुलिस और दमकलकर्मी पहुंचे थे। भीड़ के दबाव से लोग कुचले गए या कोई अन्य कारण हादसे के पीछे था, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा। पंडाल में भीड़ की व्यवस्था, प्रवेश और निकास के रास्तों की स्थिति तथा सुरक्षा इंतजामों की जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल हादसे की वजह को लेकर सामने आ रही जानकारियों को प्रारंभिक सूचना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

 पीएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजन के लिए 2 लाख के मुआवजे का एलान

हादसे परप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, कोलकाता में मची भगदड़ अत्यंत दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायल लोग जल्द से जल्द स्वस्थ हों। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। साथ ही, प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

अमित शाह ने जताया दुख, बंगाल के कार्यक्रम स्थगित करने की जानकारी

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दुख जताया। सामने आए बयान के मुताबिक, उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बात की और हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और प्रशासन की ओर से हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। रिपोर्ट के अनुसार, अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में अपने अगले दिन के कार्यक्रम स्थगित कर अस्पताल जाकर घायलों से मिलने की जानकारी भी दी।

राज्यपाल की संवेदनाएं

लोक भवन से जारी संदेश में राज्यपाल रवि ने कहा, कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दुखद भगदड़ की घटना से मुझे गहरा आघात लगा है, जिसमें कई अनमोल जानें चली गईं। दुख की इस घड़ी में, मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

बंगाल सरकार ने जारी किया टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर

हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हेल्पलाइन नंबर: 18003455678

हादसे से संबंधित जानकारी या सहायता के लिए इस नंबर पर संपर्क करने की अपील की गई है। जरूरतमंद लोगों को सलाह दी जाती है कि वे नंबर की उपलब्धता और संबंधित सहायता की पुष्टि प्रशासन के आधिकारिक माध्यमों से भी करें।

91 साल पुरानी दुर्गा पूजा परंपरा

चोरबागान सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति का दुर्गा पूजा आयोजन लंबे समय से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यहां पिछले 91 वर्षों से दुर्गा पूजा पंडाल लगाया जा रहा है। इस वर्ष पंडाल की थीम ‘आर्ब’ रखे जाने की जानकारी है। अंग्रेजी भावार्थ के अनुसार, यह अवधारणा ध्वनि से परे मौन की गहराई को दर्शाने से जुड़ी है। पंडाल को 360 डिग्री की अवधारणा पर तैयार किए जाने की बात भी सामने आई थी। हालांकि, उत्सव के बीच हुए इस दर्दनाक हादसे ने आयोजन की खुशियों को मातम में बदल दिया। घटना के बाद सबसे अहम सवाल भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित निकास, आपातकालीन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर उठ रहे हैं।

हादसे ने उठाए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर सवाल

दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे आयोजनों में बारिश, संकरे रास्ते और अचानक बढ़ती भीड़ स्थिति को गंभीर बना सकती है। चोरबागान की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी। जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि पंडाल में एक समय पर कितने लोगों के प्रवेश की अनुमति थी, प्रवेश और निकास के रास्तों की व्यवस्था कैसी थी तथा आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे।

फिलहाल, हादसे में मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि तथा जांच के नतीजों का इंतजार है। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज, प्रभावित परिवारों को सहायता और घटना के कारणों का पता लगाना है।