DD Bar Murder: पुलिस को चकमा देकर कोर्ट पहुंचा ₹2 लाख का इनामी विश्वनाथ मंडल, जमशेदपुर कोर्ट में किया सरेंडर
जमशेदपुर के चर्चित DD बार हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दो लाख रुपये के इनामी मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जानिए पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट।
HighLights:
- DD बार हत्याकांड के मुख्य आरोपी और ₹2 लाख के इनामी विश्वनाथ मंडल ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
- पुलिस झारखंड समेत कई राज्यों में तलाश करती रही, लेकिन आरोपी सीधे जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय पहुंच गया
- हिमांशु सिंह हत्याकांड में अब तक नौ आरोपियों की गिरफ्तारी, बार मालिक नीरज सिंह पहले ही गिरफ्तार
- SIT अब विश्वनाथ मंडल से पूछताछ कर हत्या की साजिश और अन्य आरोपियों की भूमिका खंगालेगी
जमशेदपुर (Threesocieties.com Desk): शहर के चर्चित डीडी बार हत्याकांड में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले के मुख्य आरोपी और दो लाख रुपये के इनामी अपराधी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने पुलिस की गिरफ्त से बचते हुए जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल और कर्नाटक तक लगातार छापेमारी कर रही थी, लेकिन आरोपी सीधे अदालत पहुंचकर सरेंडर करने में सफल रहा।
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विश्वनाथ मंडल सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया का निवासी है। पुलिस जांच में उसे हिमांशु सिंह हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। उसके आत्मसमर्पण के बाद अब इस बहुचर्चित मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) उससे पूछताछ की तैयारी में जुट गई है।
हिमांशु हत्याकांड में अब तक 12 गिरफ्तार , बार संचालक की संलिप्तता के मिले पुख्ता सबूत
जमशेदपुर के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पुलिस को इस बहुचर्चित हत्याकांड में बेहद ठोस साक्ष्य मिले हैं और साजिश में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस ने तीन मुख्य आरोपितों को मीडिया के सामने पेश किया। इनमें राजस्थान से ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया बार संचालक नीरज सिंह और ओडिशा के रायरंगपुर से गिरफ्तार सुदर्शन मंडल उर्फ लल्लू व राजेश मंडल शामिल हैं।
एसएसपी ने कहा कि 27 जून की रात जब डीडी बार के सामने हिमांशु सिंह की हत्या की गई, तब ओडिशा से पकड़े गए ये दोनों आरोपित घटनास्थल पर ही मौजूद थे। इसका स्पष्ट सीसीटीवी (CCTV) फुटेज पुलिस के हाथ लगा है। मामले में नामजद आरोपित और मानगो आशियाना एन्क्लेव के रहने वाले बार संचालक नीरज सिंह के खिलाफ पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नीरज सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ 1 नवंबर 2022 को कदमा थाने में मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और एसटी-एससी (ST-SC) एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था।
अब तक 12 आरोपित पहुंचे जेल, कई राज्यों में छापेमारी
एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बताया कि इन ताजा गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में सलाखों के पीछे जाने वाले आरोपितों की कुल संख्या 12 हो चुकी है। जब्ती: पुलिस ने ताजा कार्रवाई में अपराधियों के पास से 3 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी तकनीकी जांच की जा रही है। एक्शन प्लान: फरार चल रहे अन्य नामजद अपराधियों की धरपकड़ के लिए झारखंड, बिहार, ओडिशा और बंगाल समेत कई राज्यों में एसआईटी की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
27 जून की रात हुआ था खूनी हमला
पूरी घटना 27 जून की रात बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार परिसर के बाहर हुई थी। पुलिस के अनुसार, हिमांशु सिंह, प्रत्युष आनंद और उनके साथियों का दूसरे पक्ष के युवकों से विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और आरोपियों ने कुल्हाड़ी, चाकू, चापड़ तथा अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में हिमांशु सिंह और प्रत्युष आनंद गंभीर रूप से घायल हो गए। यह पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में होने का भी आरोप लगाया गया था, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे।
इलाज के दौरान हुई थी हिमांशु सिंह की मौत
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह को टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में भर्ती कराया गया, जहां 29 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, प्रत्युष आनंद का इलाज कोलकाता के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। हिमांशु की मौत के बाद जमशेदपुर में लोगों का भारी आक्रोश देखने को मिला था और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए।
किन-किन लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह की शिकायत पर बिष्टुपुर थाना में डीडी बार मालिक नीरज सिंह, प्रबंधक विजय कुमार, सोनू राम सरदार, विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा, राहुल, राज लोहार, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार, लखन मार्डी सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला और अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। अब तक तीन किशोरों सहित सोनू राम सरदार और राज लोहार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
SIT की जांच अब नए चरण में
मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल के आत्मसमर्पण के बाद SIT को मामले की जांच में अहम सफलता मिली है। पुलिस का मानना है कि उससे पूछताछ के दौरान हत्या की साजिश, घटना के पीछे की पूरी योजना, हथियारों की व्यवस्था और अन्य फरार आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। एसआईटी पहले ही झारखंड, कोलकाता और बेंगलुरु सहित कई स्थानों पर छापेमारी कर चुकी थी तथा विश्वनाथ मंडल पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसके परिजनों से भी पूछताछ की गई थी ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।
अब सबकी नजर पुलिस रिमांड पर
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस विश्वनाथ मंडल को रिमांड पर लेने की तैयारी करेगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसके बयान से इस बहुचर्चित हत्याकांड में कई नए खुलासे हो सकते हैं। शहर में इस मामले को लेकर पहले से ही लोगों की नजर पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर बनी हुई है।




