रेलवे में धनबाद की फिर अनदेखी! मेगा कोचिंग टर्मिनल योजना से बाहर, सांसद ढुलू महतो ने उठाई रेलवे जोन की मांग

धनबाद मंडल संसदीय समिति की बैठक में सांसद ढुलू महतो ने मेगा कोचिंग टर्मिनल योजना से धनबाद को बाहर रखने पर नाराजगी जताई। उन्होंने धनबाद को रेलवे जोन बनाने, नई ट्रेनों के संचालन, दिल्ली ट्रेन को कटरा तक विस्तार और कई यात्री सुविधाओं की मांग उठाई।

रेलवे में धनबाद की फिर अनदेखी! मेगा कोचिंग टर्मिनल योजना से बाहर, सांसद ढुलू महतो ने उठाई रेलवे जोन की मांग
धनबाद मंडल संसदीय समिति की बैठक।

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  • मेगा कोचिंग टर्मिनल योजना में धनबाद को शामिल नहीं किए जाने पर सांसद ढुलू महतो ने जताई नाराजगी
  • सर्वाधिक राजस्व और कोयला लदान के बावजूद धनबाद की उपेक्षा का आरोप
  • धनबाद को रेलवे जोन बनाने की मांग संसदीय समिति की बैठक में उठी
  • धनबाद-दिल्ली ट्रेन को वैष्णो देवी (कटरा) तक विस्तार देने का सुझाव
  • कई नई ट्रेनों, ठहराव, विस्तार और यात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे प्रशासन को दिए गए प्रस्ताव
  • रेलवे अधिकारियों ने सभी मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया

धनबाद (Threesocieties.com Desk): देश के सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाले और कोयला लदान के लिहाज से अग्रणी रेल मंडलों में शामिल धनबाद को एक बार फिर रेलवे की महत्वपूर्ण योजना से बाहर रखे जाने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा है। पूर्व मध्य रेल द्वारा प्रस्तावित मेगा कोचिंग टर्मिनल योजना में धनबाद का नाम शामिल नहीं होने पर धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे क्षेत्र की उपेक्षा करार दिया।

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डीआरएम कार्यालय में आयोजित मंडल संसदीय समिति की बैठक में सांसद ने कहा कि धनबाद रेलवे को सबसे अधिक राजस्व देने वाले मंडलों में शामिल है, इसके बावजूद विकास योजनाओं में लगातार इसकी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से मांग की कि धनबाद को तत्काल मेगा कोचिंग टर्मिनल योजना में शामिल कर रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव भेजा जाए और इसके लिए कंसेप्ट प्लान तथा फाइनल लोकेशन सर्वे की प्रक्रिया शुरू की जाए।

रेलवे जोन बनाने की मांग फिर हुई तेज

बैठक में सांसद ढुलू महतो ने धनबाद को अलग रेलवे जोन का दर्जा देने की मांग भी दोहराई। उनका कहना था कि धनबाद मंडल देश के सबसे अधिक कोयला लदान और राजस्व देने वाले रेल मंडलों में शामिल है। ऐसे में यहां रेलवे जोन बनने से पूरे झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में रेल विकास को नई गति मिलेगी तथा प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी।

दिल्ली ट्रेन को कटरा तक बढ़ाने का सुझाव

सांसद ने धनबाद से दिल्ली चलने वाली ट्रेन को नियमित करने के साथ उसे वैष्णो देवी (कटरा) तक विस्तार देने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूरे झारखंड से माता वैष्णो देवी के लिए कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। यदि इस ट्रेन का विस्तार किया जाता है तो लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

नई ट्रेनों और विस्तार को लेकर रखे कई प्रस्ताव

बैठक में सांसद ने धनबाद से जुड़ी कई महत्वपूर्ण रेल मांगें भी रेलवे प्रशासन के समक्ष रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—

गोमो-जसीडीह मेमू ट्रेन का संचालन।
धनबाद-बेंगलुरु ट्रेन को नियमित करना।
धनबाद-एलटीटी एक्सप्रेस के समय में सुधार।
धनबाद-चंद्रपुरा पैसेंजर को मेसरा तक विस्तार।
हावड़ा-गया वंदे भारत को पटना तक बढ़ाना।
धनबाद-पटना इंटरसिटी का कुमारधुबी में ठहराव।
धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस को इंदौर तक विस्तार।
गोमो स्टेशन पर पूर्वा, जोधपुर समेत कई प्रमुख ट्रेनों का ठहराव।
आपातकालीन कोटा (Emergency Quota) की बहाली।

स्वर्णरेखा एक्सप्रेस का समय घटाने का सुझाव

बैठक में यह भी बताया गया कि धनबाद से आदित्यपुर के बीच चलने वाली स्वर्णरेखा एक्सप्रेस वर्तमान में लगभग 6 घंटे 35 मिनट का समय लेती है। यदि धनबाद से आद्रा तक पुश-पुल लोको सिस्टम लागू किया जाए तो इंजन बदलने में लगने वाला समय बचेगा और यात्रा अवधि लगभग 122 मिनट तक कम की जा सकती है।

अन्य सांसदों ने भी उठाए क्षेत्रीय मुद्दे

बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ सांसद वीडी राम ने की। गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने लंबित रोड ओवरब्रिज (आरओबी) परियोजनाओं में हो रही देरी, सोनारडीह आरओबी और अंडरपास में जलजमाव की समस्या उठाई। चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने अपने क्षेत्र की रेल समस्याओं को रखा, जबकि राज्यसभा सदस्य डॉ. प्रदीप वर्मा ने बोकारो-रांची पैसेंजर को धनबाद तक विस्तार देने, धनबाद से रांची फास्ट पैसेंजर चलाने तथा पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुरी के लिए नई ट्रेनों की मांग की।

रेलवे प्रशासन ने दिया भरोसा

बैठक में पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह, धनबाद डीआरएम अखिलेश मिश्र समेत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रेलवे प्रशासन ने सांसदों द्वारा रखे गए सभी सुझावों और मांगों पर नियमानुसार विचार कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक 25 स्पेशल ट्रेनों को नियमित किया जा चुका है। धनबाद-दिल्ली सहित अन्य स्पेशल ट्रेनों को भी यात्रियों की संख्या और तकनीकी मानकों के आधार पर नियमित करने की प्रक्रिया जारी है।

अब रेलवे बोर्ड के फैसले पर टिकी निगाहें

संसदीय समिति की बैठक में धनबाद और आसपास के क्षेत्रों के रेल विकास से जुड़े कई अहम प्रस्ताव सामने आए हैं। अब लोगों की निगाहें रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय पर टिकी हैं कि मेगा कोचिंग टर्मिनल, रेलवे जोन, नई ट्रेनों, मार्ग विस्तार और यात्री सुविधाओं से जुड़ी इन मांगों पर कब तक सकारात्मक निर्णय लिया जाता है। यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो धनबाद ही नहीं, पूरे झारखंड के रेल नेटवर्क और यात्रियों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा।