कोयला चोरी पर जीरो टॉलरेंस: BCCL धनबाद के सहायक कमांडेंट समेत 4 CISF अधिकारी सस्पेंड
धनबाद में कोयला चोरी रोकने में लापरवाही पर CISF ने BCCL के सहायक कमांडेंट समेत चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया। नए DIG राजीव मिश्रा ने सिजुआ और कतरास क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर अवैध कोयला कारोबार पर सख्त कार्रवाई का संदेश दिया।
HighLights:
- BCCL धनबाद यूनिट के सहायक कमांडेंट समेत चार CISF अधिकारी निलंबित
- कोयला चोरी रोकने में लापरवाही को माना गया कार्रवाई का आधार
- गृह मंत्रालय तक कोल माफियाओं और उनके नेटवर्क की सूची भेजने की तैयारी
- नए DIG राजीव मिश्रा ने सिजुआ, कतरास और संवेदनशील इलाकों का औचक निरीक्षण किया
- अवैध कोयला उत्खनन और तस्करी पर CISF ने अपनाई जीरो टॉलरेंस नीति
धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड के कोयला क्षेत्र में अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए बीसीसीएल (BCCL) धनबाद यूनिट के एक सहायक कमांडेंट और तीन इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कोयला चोरी रोकने में कथित लापरवाही के आरोपों के बाद की गई है। इस फैसले के बाद पूरे कोल सेक्टर, विशेषकर धनबाद, बोकारो और सीसीएल क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है।
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निलंबित अधिकारियों में सहायक कमांडेंट एलआर अरुण जय सिंह, इंस्पेक्टर चंद्रभूषण सहगल, एमडी सोहेल और पारस यादव शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में लगातार कोयला चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिसके बाद CISF मुख्यालय ने कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया।
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गृह मंत्रालय तक पहुंचेगी कोल माफियाओं की सूची
सूत्रों के अनुसार, कोयला चोरी और अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की एक गोपनीय सूची तैयार की जा रही है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। इस सूची में केवल कोल माफिया ही नहीं, बल्कि उनसे कथित गठजोड़ रखने वाले कुछ CISF कर्मियों, स्थानीय प्रशासन, पुलिस, जनप्रतिनिधियों और अन्य प्रभावशाली लोगों के नाम भी शामिल किए जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होगी। यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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अमित शाह के निर्देश के बाद बढ़ी सख्ती
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड सहित कोयला उत्पादक राज्यों में 'जीरो कोल लीकेज' सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद CISF और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी अभियान के तहत धनबाद में पहली बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
बोकारो और CCL क्षेत्रों में भी जल्द अभियान
धनबाद के बाद अब बोकारो के बेरमो अनुमंडल, चलकारी, गोमिया, नावाडीह और चंद्रपुरा क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इन इलाकों में भी कार्रवाई तेज हो सकती है।
नए DIG राजीव मिश्रा ने संभाला मोर्चा
इधर, CISF के नवपदस्थापित धनबाद DIG राजीव मिश्रा ने शुक्रवार शाम सिजुआ और कतरास क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर साफ संदेश दिया कि अब अवैध कोयला कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सबसे पहले लोयाबाद और जोगता थाना क्षेत्र के 22/12 इलाके का निरीक्षण किया। इसके बाद एसबीसी रेलवे साइडिंग पहुंचकर कोयला रैक लोडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इसके अलावा कतरास के कांटा पहाड़ी क्षेत्र का भी दौरा किया, जहां हाल ही में भू-धंसान की दर्दनाक घटना में सात लोगों की मौत हुई थी।
सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा
निरीक्षण के दौरान उनके साथ वरीय कमांडेंट अजय सिंह, कमांडेंट मुकेश कुमार गुप्ता, डिप्टी कमांडेंट राजीव कुमार झा, कंपनी कमांडर राजेश कुमार और शिवानंद कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूरे इलाके में अतिरिक्त CISF जवानों की तैनाती की गई थी।
13 दिनों से बंद है अवैध उत्खनन
DIG राजीव मिश्रा ने बताया कि जिन इलाकों में पहले बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन हो रहा था, वहां पिछले 13 दिनों से गतिविधियां बंद हैं। हालांकि, पूर्व में इस कारोबार से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की पुष्टि के बाद दोषियों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।
कोयला तस्करों को कड़ा संदेश
DIG ने दो टूक कहा कि जिन इलाकों में पहले अवैध खदानें संचालित होती थीं, वहां दोबारा किसी भी परिस्थिति में खनन शुरू नहीं होने दिया जाएगा। बीसीसीएल की संपत्तियों की सुरक्षा और राष्ट्रीय संपदा की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तेज करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पूरे अभियान के बाद धनबाद और आसपास के कोयला क्षेत्रों में सक्रिय अवैध कारोबारियों और कोयला तस्करों में हड़कंप का माहौल है।




