भागलपुर: विक्रमशिला सेतु पर बड़ा बदलाव, 29 अगस्त से हटेगा बेली ब्रिज; 30 नवंबर तक स्थायी मरम्मत का लक्ष्य
भागलपुर में 29 अगस्त से बेली ब्रिज हटेगा। BRO की टीम 26 अगस्त तक पहुंचेगी। 99 करोड़ की लागत से स्थायी मरम्मत होगी और 30 नवंबर तक पुल खोलने का लक्ष्य है। गंगा में नाव-स्टीमर चलाने के लिए प्रशासन ने आवेदन मांगे हैं।
HighLights:
- विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज की जगह क्षतिग्रस्त हिस्सों पर स्टील ब्रिज तैयार किए जाएंगे
- स्थायी पुनर्स्थापन पर करीब 99 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
- 30 नवंबर तक मरम्मत पूरी कर सेतु को आवागमन के लिए खोलने का लक्ष्य
- बेली ब्रिज हटने के बाद गंगा में नाव और स्टीमर संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था होगी
भागलपुर (Threesocieties.com Desk): बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों के स्थायी पुनर्स्थापन की तैयारी अब तेज हो गई है। सेतु पर बनाए गए बेली ब्रिज को हटाने की प्रक्रिया 29 अगस्त 2026 से शुरू होने जा रही है। बेली ब्रिज हटाने के लिए बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की पूरी लांचिंग टीम 26 अगस्त तक भागलपुर पहुंच जाएगी।

बताया जा रहा है कि बेली ब्रिज हटाने के काम में करीब पांच से छह दिन लग सकते हैं। इसके बाद सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों के स्थायी पुनर्स्थापन का काम शुरू किया जाएगा। प्रशासन और निर्माण एजेंसी ने इस काम को तय समयसीमा में पूरा करने की तैयारी की है।BRO के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर विपिन कुमार चंद के अनुसार, मेंटेनेंस टीम पहले से भागलपुर में मौजूद है। बेली ब्रिज हटाने के लिए आवश्यक पूरी लांचिंग टीम को 26 अगस्त तक भागलपुर पहुंचाने की तैयारी है।
बेली ब्रिज की जगह बनेगा स्टील ब्रिज
विक्रमशिला सेतु की स्थायी मरम्मत के दौरान जिन स्थानों पर फिलहाल बेली ब्रिज लगाए गए हैं, वहां अब स्टील ब्रिज तैयार किया जाएगा। इसके ऊपर नए डेक स्लैब फिक्स किए जाएंगे। इसी तकनीकी प्रक्रिया के जरिए सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों को स्थायी रूप से दुरुस्त करने की योजना है। पुनर्स्थापन कार्य के लिए हरियाणा के पंचकूला और मेरठ से स्टील गर्डर और कंक्रीट के डेक स्लैब स्ट्रक्चर बीम भागलपुर पहुंचने लगे हैं। अगले कुछ दिनों में निर्माण के लिए आवश्यक अधिकांश सामग्री पहुंच जाने की उम्मीद है। सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन का काम एसपी सिंगला एजेंसी को करना है। इस पूरे कार्य पर करीब 99 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
30 नवंबर तक सेतु खोलने का लक्ष्य
मुख्यालय की ओर से निर्धारित समयसीमा में काम शुरू करने की तैयारी है। लक्ष्य है कि विक्रमशिला सेतु का स्थायी मरम्मत और पुनर्स्थापन कार्य 30 नवंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाए और इसके बाद इसे दोबारा आम आवागमन के लिए खोल दिया जाए।निर्माण सामग्री की आपूर्ति पहले से सुनिश्चित की जा रही है, ताकि बेली ब्रिज हटते ही स्थायी निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके। प्रशासन और निर्माण एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती निर्धारित समय में काम पूरा करने के साथ-साथ लोगों के आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखना होगी।
बेली ब्रिज हटने के बाद गंगा में चलेगी नाव
बेली ब्रिज हटने और सेतु पर आवागमन प्रभावित होने के दौरान भागलपुर-नवगछिया के बीच गंगा नदी से वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए प्रशासन ने नाव और स्टीमर संचालकों से आवेदन मांगे हैं।जिला प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि केवल निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाली नावों और स्टीमर को ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
नाव संचालकों के लिए सख्त सुरक्षा नियम
प्रशासन ने नाव और स्टीमर संचालन के लिए कई अनिवार्य शर्तें तय की हैं। नाव पुरानी, जर्जर या बिना वैध पंजीकरण की नहीं होनी चाहिए। संचालक के पास सरकार की ओर से जारी वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट होना जरूरी है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट और प्रत्येक पांच यात्रियों पर कम से कम एक लाइफ रिंग रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा नाव पर फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, माइक, अलार्म, सीटी और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी जरूरी होगी।
आवेदक के पास GST नंबर, नाव का सर्वे सर्टिफिकेट और इंजन का वैध इंश्योरेंस भी होना चाहिए। नाव पर आपातकालीन संपर्क नंबर प्रदर्शित करना होगा। नाव संचालन के लिए प्रशिक्षित मास्टर, ड्राइवर और खलासी की व्यवस्था भी अनिवार्य होगी। गंगा के दोनों किनारों पर यात्रियों के सुरक्षित चढ़ने और उतरने के लिए जेट्टी की व्यवस्था संचालक को स्वयं करनी होगी।
26 अगस्त तक जमा करना होगा आवेदन
नाव या स्टीमर संचालन के इच्छुक व्यक्ति और कंपनियां निर्धारित अवधि में आवेदन जमा कर सकते हैं।
आवेदन की तारीख: 23 अगस्त 2026 से 26 अगस्त 2026 तक
समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक
स्थान: जिला आपदा प्रबंधन शाखा, भागलपुर
कार्यालय का स्थान: कोषागार के बगल में और जिला परिषद कार्यालय के सामने
आवेदकों को निर्धारित फॉर्म के साथ जरूरी दस्तावेजों की स्वहस्ताक्षरित फोटोकॉपी और तीन रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो जमा करने होंगे।
भागलपुर-नवगछिया के यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती
विक्रमशिला सेतु भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन की महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे में सेतु पर स्थायी मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित होना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। बेली ब्रिज हटने के बाद गंगा के रास्ते वैकल्पिक परिवहन शुरू करने की तैयारी इसी चुनौती से निपटने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि बेली ब्रिज हटाने और स्थायी पुनर्स्थापन का काम निर्धारित समय पर शुरू होता है या नहीं और 30 नवंबर तक विक्रमशिला सेतु फिर से पूरी तरह चालू हो पाता है या नहीं।
Anjala Kumar 



