अहमदाबाद में जुटे डी नोबिली के नोबिलियंस, दशकों बाद फिर ताजा हुईं स्कूल की सुनहरी यादें

अहमदाबाद में ANAA–TG के रीयूनियन में डी नोबिली स्कूल धनबाद की CMRI, मुगमा, डिगवाडीह और सिजुआ शाखाओं के 15 पूर्व छात्र जुटे। पुरानी यादें ताजा हुईं और शिक्षिका गोपा घोष पाल का सम्मान किया गया।

अहमदाबाद में जुटे डी नोबिली के नोबिलियंस, दशकों बाद फिर ताजा हुईं स्कूल की सुनहरी यादें
अहमदाबाद में सजा डी नोबिली के पूर्व छात्रों का मिलन।

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  • अहमदाबाद में ANAA–TG के रीयूनियन में डी नोबिली स्कूल की विभिन्न शाखाओं के 15 पूर्व छात्र हुए शामिल
  • CMRI, मुगमा, डिगवाडीह और सिजुआ शाखाओं के पूर्व छात्रों ने साझा कीं पुरानी यादें
  • वर्ष 1978 से 1980 तक डी नोबिली डिगवाडीह में भौतिकी की शिक्षिका रहीं गोपा घोष पाल रहीं विशेष अतिथि
  • भारतीय वायु सेना, शिक्षा, भूविज्ञान, कॉर्पोरेट, रियल एस्टेट और उद्यमिता से जुड़े पूर्व छात्र हुए शामिल

अहमदाबाद (Threesocieties.com Desk): ऑल नोबिलियंस अचीवर्स एसोसिएशन–द ग्लोबल (ANAA–TG) के तत्वावधान में अहमदाबाद में डी नोबिली स्कूल के पूर्व छात्रों का आत्मीय रीयूनियन आयोजित किया गया। इस विशेष मिलन समारोह में धनबाद स्थित डी नोबिली स्कूल की CMRI, मुगमा, डिगवाडीह और सिजुआ शाखाओं से जुड़े पूर्व छात्र एक मंच पर जुटे।

अहमदाबाद के प्रसिद्ध रेस्टोरेंट ‘प्रोजेक्ट ओटेंगा’ में आयोजित इस समारोह में वर्षों और दशकों बाद जब पुराने सहपाठी आमने-सामने हुए तो स्कूल के दिनों की यादें एक बार फिर ताजा हो गईं। किसी ने पुराने दोस्तों के किस्से सुनाए तो किसी ने अपने छात्र जीवन की शरारतों और शिक्षकों से जुड़े संस्मरण साझा किए। माहौल ऐसा रहा मानो सभी पूर्व छात्र समय की दूरी को पीछे छोड़कर एक बार फिर अपने विद्यालय के दिनों में लौट आए हों।

15 पूर्व छात्रों ने लिया हिस्सा

रीयूनियन में कुल 15 पूर्व छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें शामिल पूर्व छात्र आज देश के अलग-अलग प्रतिष्ठित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी से लेकर प्रोफेसर, वरिष्ठ भूविज्ञानी, कॉर्पोरेट अधिकारी, प्रदर्शनी एवं संग्रहालय डिजाइनर, रियल एस्टेट व्यवसायी और उद्यमी तक इस मिलन समारोह का हिस्सा बने। समारोह की विशिष्ट अतिथि श्रीमती गोपा घोष पाल रहीं। उन्होंने वर्ष 1978 से 1980 तक डी नोबिली स्कूल डिगवाडीह में भौतिकी की शिक्षिका के रूप में सेवाएं दी थीं। पूर्व छात्रों ने उनका सम्मान कर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त किया।

शिक्षक के सम्मान ने बनाया समारोह को खास

गोपा घोष पाल की मौजूदगी ने समारोह को भावनात्मक रूप से और खास बना दिया। पूर्व छात्रों के लिए अपने पुराने शिक्षक से वर्षों बाद मिलना एक यादगार अनुभव रहा। शिक्षिका को सम्मानित करते हुए पूर्व छात्रों ने विद्यालयी जीवन में शिक्षकों के योगदान और उनके मार्गदर्शन को याद किया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व छात्रों ने इस बात पर भी चर्चा की कि स्कूल की शिक्षा और संस्कारों ने उनके पेशेवर जीवन को किस तरह दिशा दी।

ANAA–TG की कोर टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस रीयूनियन को सफल बनाने में ANAA–TG की कोर टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें कुमार चौहान, 1982 बैच, डी नोबिली सिजुआ; मयंक सिंह, ICSE 1998 और ANAA–TG के संस्थापक सदस्य; पीयूष कुमार, वरिष्ठ भूविज्ञानी; चिंतन गांधी, प्रदर्शनी एवं संग्रहालय डिजाइनर; तथा अनूप गोपालका, 1984 बैच, प्रमुख रूप से शामिल रहे। कोर टीम का उद्देश्य केवल पूर्व छात्रों का मिलन कराना नहीं, बल्कि देश और विदेश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे डी नोबिली स्कूल के पूर्व छात्रों को एक साझा मंच से जोड़ना है।

मजबूत ग्लोबल एलुमनाई नेटवर्क बनाने का लक्ष्य

ANAA–TG के सदस्यों के अनुसार संगठन का लक्ष्य डी नोबिली के पूर्व छात्रों के बीच संपर्क और आपसी संबंधों को मजबूत करना, अनुभवों का आदान-प्रदान करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत एलुमनाई नेटवर्क तैयार करना है। संगठन के जरिए देश के अलग-अलग शहरों और विदेशों में रह रहे नोबिलियंस को एक-दूसरे से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि स्कूल से जुड़ा रिश्ता केवल छात्र जीवन तक सीमित न रहे।

अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान बना रहे नोबिलियंस

अहमदाबाद रीयूनियन में शामिल पूर्व छात्रों की पेशेवर उपलब्धियां भी समारोह की प्रमुख विशेषता रहीं। अनिमेष कुमार अग्रवाल, ISC 1991, भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त विंग कमांडर हैं और वर्तमान में डिजिट्रूस प्राइवेट लिमिटेड में मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। डॉ. नीलम क्षत्रिय, ICSE 1994, नारायण बिजनेस स्कूल में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। वहीं कृष्णानु पालित डेलॉइट में प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। मितुल कनानी रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि सुबीर मित्र भारतीय विदेश व्यापार संस्थान, गांधीनगर में अतिथि संकाय सदस्य हैं। इसके अलावा पीयूष कुमार वरिष्ठ भूविज्ञानी, चिंतन गांधी प्रदर्शनी एवं संग्रहालय डिजाइनर, कुमार चौहान उद्यमी एवं व्यवसायी और मयंक सिंह भूविज्ञानी एवं ANAA–TG के संस्थापक सदस्य के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं।

पुरानी दोस्ती, नए अनुभव और भविष्य की योजनाएं

रीयूनियन के दौरान पूर्व छात्रों ने अपने छात्र जीवन से लेकर पेशेवर सफर तक के अनुभव साझा किए। अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे सदस्यों ने एक-दूसरे की उपलब्धियों पर खुशी जताई और भविष्य में भी संपर्क एवं सहयोग बनाए रखने पर जोर दिया। कई पूर्व छात्रों के लिए यह मुलाकात सिर्फ एक सामान्य रीयूनियन नहीं, बल्कि अपने अतीत से दोबारा जुड़ने का अवसर रही। स्कूल की कक्षाएं, शिक्षक, सहपाठी, खेल के मैदान और छात्र जीवन से जुड़े किस्से बातचीत के केंद्र में रहे।

नियमित मिलन समारोह आयोजित करने का संकल्प

कार्यक्रम के समापन पर सभी सदस्यों ने एक-दूसरे के प्रति आभार जताया। साथ ही भविष्य में भी इस तरह के रीयूनियन नियमित रूप से आयोजित करने और डी नोबिली स्कूल तथा समाज से जुड़े सकारात्मक कार्यों में योगदान देने का संकल्प लिया। अहमदाबाद का यह आयोजन इस भावना को मजबूत कर गया कि स्कूल से जुड़ा रिश्ता समय के साथ कमजोर नहीं होता। वर्षों बाद भी जब पुराने सहपाठी और शिक्षक मिलते हैं तो वही अपनापन, मित्रता और यादें फिर से जीवंत हो उठती हैं।

ANAA–TG का यह रीयूनियन इसी भावना का प्रतीक बना और अंत में एक संदेश के साथ यादगार बन गया—

“एक बार नोबिलियन, हमेशा नोबिलियन।”