डिगवाडीह गणेश पूजा कमेटी में विवाद: पुलिस के सामने भिड़ीं दो कमेटियां, लात-घूंसों से रणभूमि बना मैदान

धनबाद के झरिया स्थित डिगवाडीह गणेश पूजा महोत्सव में पुरानी और नई कमेटी के बीच विवाद हिंसक हो गया। भूमि पूजन को लेकर पुलिस के सामने मारपीट हुई, कई लोगों को हिरासत में लिया गया। डीएसपी की मध्यस्थता भी विवाद खत्म नहीं करा सकी।

डिगवाडीह गणेश पूजा कमेटी में विवाद: पुलिस के सामने भिड़ीं दो कमेटियां, लात-घूंसों से रणभूमि बना मैदान
झरिया के डिगवाडीह गणेश पूजा में कमेटी विवाद।

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  • डिगवाडीह गणेश पूजा महोत्सव में पुरानी और नई कमेटी के बीच हिंसक टकराव
  • भूमि पूजन को लेकर सर्कस मैदान में पुलिस के सामने चले लात-घूंसे
  • जोड़ापोखर पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर हालात संभाले

झरिया/धनबाद(Threesocieties.com Desk): झरिया के डिगवाडीह स्थित ऐतिहासिक गणेश पूजा महोत्सव इस बार आयोजन से पहले ही विवादों में घिर गया है। पूजा कमेटी के गठन और भूमि पूजन को लेकर पुरानी और नई कमेटियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई रविवार को हिंसक झड़प में बदल गई। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिससे सर्कस मैदान कुछ देर के लिए रणभूमि में तब्दील हो गया।

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हालात बिगड़ते देख जोड़ापोखर थाना पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और कई लोगों को हिरासत में लेकर स्थिति पर नियंत्रण पाया। इसके बावजूद तनाव इतना बढ़ गया कि मामला थाने तक पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों के समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।

भूमि पूजन बना विवाद की वजह

जानकारी के अनुसार, रविवार को शैलेंद्र खरवार और पूर्व मेला संचालक पवन प्रजापति के नेतृत्व में एक आमसभा बुलाई गई थी। सभा में नई पूजा कमेटी के गठन के साथ सर्कस मैदान में भूमि पूजन का कार्यक्रम रखा गया था। इसी दौरान पहले से भूमि पूजन कर चुकी पुरानी कमेटी के पदाधिकारी और समर्थक मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, फिर पूजा सामग्री हटाने और भूमि पूजन रोकने को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ देर तक मैदान में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, कई हिरासत में

सूचना मिलते ही जोड़ापोखर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उपद्रव कर रहे लोगों को अलग किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के कई लोगों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। इसके बाद सैकड़ों समर्थक भी थाने पहुंच गए और एक-दूसरे पर पूजा समिति के पैसों में गड़बड़ी, मनमानी और कब्जे के आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया।

दो घंटे चली बैठक, नहीं निकला समाधान

बढ़ते तनाव को देखते हुए सिंदरी डीएसपी प्रकाश चंद्र महतो और झरिया थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर लगभग दो घंटे तक वार्ता की। पुलिस का प्रयास था कि डिगवाडीह का ऐतिहासिक गणेश पूजा महोत्सव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। हालांकि, दोनों गुट अपनी-अपनी मांगों पर अड़े रहे। कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ, जिसके कारण बैठक बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई।

क्या है पूरा विवाद?

डिगवाडीह में इस वर्ष 38वां गणेश पूजा महोत्सव आयोजित होना है। वर्तमान कमेटी के अध्यक्ष जगजीवन राम, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एम.के. ठाकुर, सचिव मोहन यादव, कोषाध्यक्ष उत्सव राम और संयुक्त सचिव दिनेश यादव के नेतृत्व में तैयारियां चल रही हैं। विरोधी गुट का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से पूजा और मेले के नाम पर लाखों रुपये का चंदा एकत्र किया गया, लेकिन अब तक गणेश मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हो पाया। उनका कहना है कि आय-व्यय का सार्वजनिक हिसाब नहीं दिया जा रहा है, इसलिए पुरानी कमेटी को भंग कर नई कमेटी बनाई जाए।

वहीं वर्तमान कमेटी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्थानीय निवासी मदन मोहन राम सहित कुछ लोगों पर जानबूझकर पूजा महोत्सव में व्यवधान उत्पन्न करने और माहौल खराब करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। कमेटी ने इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत भी दी है।

नई कमेटी के पक्ष में उतरे ग्रामीण

नई कमेटी का समर्थन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि जमीन मालिक बिनोद मरांडी ने मेला आयोजन के लिए एनओसी दी है। मेला आयोजक पवन प्रजापति ने भी दावा किया कि उन्हें नई कमेटी की ओर से मेला लगाने का अधिकृत निमंत्रण मिला है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब 15 वर्षों से समिति का गठन तो हो रहा है, लेकिन मंदिर निर्माण अधूरा पड़ा है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकाला तो आगे और बड़ा विवाद हो सकता है।

पुलिस ने दी सख्त चेतावनी

सिंदरी डीएसपी प्रकाश चंद्र महतो ने कहा कि पूजा-अर्चना करना स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल डिगवाडीह में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। प्रशासन की कोशिश है कि आपसी सहमति से विवाद सुलझाकर गणेश पूजा महोत्सव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाए।