Gaya Borewell Rescue: 'हमरा बाहर निकाला मां...' 300 फीट गहरे बोरवेल में फंसे 4 साल के पीयूष को बचाने की जंग जारी

बिहार के गया जिले में 4 वर्षीय पीयूष कुमार 300 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। बच्चा 30-35 फीट की गहराई पर फंसा है। NDRF, जिला प्रशासन और बचाव दल लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। मां की भावुक आवाज 'हमरा बाहर निकाल मां' ने पूरे देश को भावुक कर दिया।

Gaya Borewell Rescue: 'हमरा बाहर निकाला मां...' 300 फीट गहरे बोरवेल में फंसे 4 साल के पीयूष को बचाने की जंग जारी
बिहार के गया में दिल दहला देने वाला हादसा।

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      HighLights:

  • बिहार के गया जिले के फतेहपुर प्रखंड में 4 वर्षीय पीयूष कुमार बोरवेल में गिरा
  • 300 फीट गहरे बोरवेल में करीब 30-35 फीट की गहराई पर फंसा है मासूम
  • जिला प्रशासन, NDRF और SDRF की टीम लगातार चला रही है रेस्क्यू ऑपरेशन
  • पाइप के जरिए लगातार ऑक्सीजन और पानी पहुंचाया जा रहा है
  • मां की आवाज सुनकर बच्चे ने कहा- "हमरा बाहर निकाल मां..."
  • कैमरे और माइक्रोफोन की मदद से बच्चे की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है

गया (Threesocieties.com Desk): बिहार के गया जिले से गुरुवार शाम एक बेहद दर्दनाक और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। फतेहपुर प्रखंड की कठौतिया केवल पंचायत स्थित रघुनाथ नगर गांव में खेलते-खेलते चार वर्षीय मासूम पीयूष कुमार करीब 300 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिर गया। राहत की बात यह है कि बच्चा लगभग 30 से 35 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है, जिससे उसके सुरक्षित बाहर निकाले जाने की उम्मीद बनी हुई है।

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घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। देर रात तक युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान जारी रहा।

जिला प्रशासन ने संभाली कमान

घटना की सूचना मिलते ही गया के जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने का निर्देश दिया। उनके निर्देश पर फतेहपुर के अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के पास आधुनिक उपकरण लगाए हैं ताकि बच्चे की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।

ऑक्सीजन और पानी पहुंचाया जा रहा

बच्चे की जान बचाने के लिए बोरवेल के भीतर पाइप के माध्यम से लगातार ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। इसके साथ ही एक विशेष पाइप के जरिए बच्चे तक पानी भी पहुंचाया गया, जिसे उसने पीया। चिकित्सकों की टीम भी मौके पर मौजूद है और हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

मां की आवाज सुनकर बोला- "हमरा बाहर निकाल मां"

रेस्क्यू ऑपरेशन का सबसे भावुक पल तब सामने आया जब माइक्रोफोन लगे पाइप के जरिए पीयूष की मां अपने बेटे से बात करने लगी। रोते हुए मां बार-बार कहती रही— "पनिया पी ल बेटा... पाइपवा पकड़ ले... बिस्कुट देबौ... हम मैया बोलहिऔ..."। मां की आवाज सुनकर बोरवेल के अंदर फंसे मासूम ने जवाब दिया— "हमरा बाहर निकाल मां..."। यह संवाद सुनकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। सोशल मीडिया पर भी यह घटना लोगों की आंखें नम कर रही है।

कैमरे से रखी जा रही हर पल नजर

बोरवेल के अंदर विशेष कैमरा उतारा गया है जिससे बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बचाव दल बच्चे को शांत रखने की कोशिश कर रहा है ताकि वह घबराए नहीं और रेस्क्यू ऑपरेशन सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके।

कई एजेंसियां मिलकर चला रही हैं अभियान

रेस्क्यू ऑपरेशन में जिला प्रशासन के अलावा NDRF, SDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। विशेषज्ञ बोरवेल के समानांतर गड्ढा खोदकर बच्चे तक पहुंचने की रणनीति पर भी काम कर रहे हैं। हर कदम बेहद सावधानी से उठाया जा रहा है ताकि बच्चे को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

गांव में दुआओं का दौर

घटना के बाद पूरे रघुनाथ नगर गांव में मातम जैसा माहौल है। ग्रामीण घटनास्थल पर जुटे हुए हैं और मासूम के सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना कर रहे हैं।

देशभर से लोग सोशल मीडिया पर पीयूष की सलामती की दुआ कर रहे हैं।