IG पंकज कंबोज पर आदिवासी जमीन के हस्तांतरण का आरोप,बाबूलाल ने CM हेमंत से मांगी हाईलेवल जांच
रांची में आदिवासी जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण और नामांतरण को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत सोरेन को पत्र लिखा। IG पंकज कंबोज पर लगे आरोपों की उच्चस्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
HighLights:
- IG पंकज कंबोज पर रांची के कांके अंचल की खतियानी आदिवासी भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण और नामांतरण का आरोप
- कांके अंचल के मौजा चामा, खाता संख्या 120, भाग-2 और प्लॉट संख्या 1054 से जुड़ा बताया गया है
- बाबूलाल ने आरोपों की स्वतंत्र एजेंसी CBI/ACB से जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की
- बाबूलाल ने पंकज कंबोज को वर्तमान पद से तत्काल निलंबित करने की भी मांग की है
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में आदिवासी भूमि के अधिकार और CNT Act को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा विधायक दल के नेता एवं झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर पुलिस IG (Provision) पंकज कंबोज से जुड़े बताए जा रहे आदिवासी जमीन के एक मामले की उच्चस्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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झारखंड पुलिस के IG, Provision पंकज कंबोज द्वारा रांची के कांके अंचल स्थित मौजा चामा की खतियानी आदिवासी भूमि के अवैध हस्तांतरण और नामांतरण का मामला सामने आया है।
— Babulal Marandi (@yourBabulal) August 9, 2026
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी को पत्र लिखकर उक्त मामले में उच्चस्तरीय जांच एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की। आदिवासी समाज… pic.twitter.com/C9S75YwJp7
बाबूलाल मरांडी ने 8 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि रांची के कांके अंचल स्थित मौजा चामा की खतियानी आदिवासी भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण एवं नामांतरण का मामला सामने आया है। उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता जताई है।
कांके के चामा गांव की जमीन का मामला
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र के अनुसार, शिकायत में मौजा-चामा, खाता संख्या-120, भाग-2, प्लॉट संख्या-1054, हल्का-3, अंचल-कांके, जिला-रांची स्थित खतियानी आदिवासी भूमि का उल्लेख किया गया है। बाबूलाल मरांडी के पत्र में आरोप लगाया गया है कि उक्त जमीन मूल रूप से खेड़ुवा उरांव के नाम पर दर्ज थी। पत्र के मुताबिक, वर्तमान IG (Provision) पंकज कंबोज द्वारा उक्त भूमि को अपने पिता प्रेम कुमार कंबोज के नाम कथित रूप से खरीदने और नामांतरण कराने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, ये आरोप पत्र में लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
'आदिवासी अधिकारों के हनन' का लगाया आरोप
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से कहा है कि आदिवासी भूमि के इस तरह के कथित हस्तांतरण में बड़े स्तर पर अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पत्र में कहा है कि यदि खतियानी आदिवासी भूमि का हस्तांतरण कानून के प्रावधानों के विपरीत हुआ है तो यह आदिवासी समाज के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है। नेता प्रतिपक्ष ने विशेष रूप से छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act) का हवाला देते हुए कहा कि आदिवासी भूमि की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
भू-माफिया कनेक्शन का भी जिक्र
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में हाल में गिरफ्तार किए गए कथित भू-माफिया कमलेश कुमार का भी जिक्र किया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कमलेश कुमार के पीछे भी संबंधित अधिकारी के संरक्षण की बात सामने आई है। बाबूलाल ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जरूरत बताते हुए कहा है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन के कथित हस्तांतरण और अन्य गतिविधियों में किसकी भूमिका रही है। यह आरोप भी फिलहाल जांच का विषय है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पंकज कंबोज को तत्काल निलंबित करने की मांग
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए IG (Provision) पंकज कंबोज को उनके वर्तमान पद से तत्काल निलंबित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने आरोपों की जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी का इस्तेमाल करने की मांग की है। पत्र में CBI अथवा ACB जैसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा गया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके और आदिवासी समाज को न्याय मिल सके।
'रक्षक ही भक्षक बन जाए तो कानून-व्यवस्था पर सवाल'
बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में यह भी सवाल उठाया है कि यदि राज्य में आदिवासी भूमि की रक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले तंत्र से जुड़े किसी वरिष्ठ अधिकारी पर ही जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण जैसे गंभीर आरोप लगते हैं, तो यह राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
सियासी तौर पर भी अहम है मामला
झारखंड में आदिवासी जमीन और CNT Act का मुद्दा लंबे समय से बेहद संवेदनशील रहा है। ऐसे में किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से जुड़े होने के आरोप वाला यह मामला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र के जरिए सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आदिवासी भूमि के कथित हस्तांतरण में कानून के प्रावधानों का पालन हुआ या नहीं। साथ ही उन्होंने जांच के जरिए पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाने की मांग की है। अब नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार इस पत्र और लगाए गए आरोपों पर क्या कदम उठाती है और क्या इस मामले में कोई स्वतंत्र जांच शुरू होती है।
नोट: उपरोक्त खबर में पंकज कंबोज और अन्य संबंधित पक्षों के विरुद्ध लगाए गए आरोप बाबूलाल मरांडी द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में दर्ज दावों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।
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