कर्नाटक: स्पीकर ने तीन एमएलए को अयोग्य घोषित किया कांग्रेस के दो व एक निर्दलीय एमएलए शामिल
- स्पीकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी
- निर्दलीय विधायक आर शंकर, कांग्रेस के बागी विधायकों रमेश जारकिहोली और महेश कुमातल्ली की सदस्यता समाप्त
कनार्टक विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार ने गुरुवार को तीन बागी एमएलए को अयोग्य घोषित कर दिया है.इनमें निर्दलीय एमएलए आर शंकर व कांग्रेस के दो बागी रमेश जारकिहोली और महेश कुमातल्ली शामिल हैं. स्पीकर ने बताया कि संविधान की 10वीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले दलबदल कानून के तहत इन एमएलए के खिलाफ कार्रवाई की गयी है. राणेबेन्नूर से एमएलए आर शंकर कुमारस्वामी सरकार में निगम प्रशासन मंत्री थे. उन्होंने सरकार से इस्तीफा दे दिया था और बागी विधायकों के साथ मुंबई चले गये थे. एमएलए आर शंकर ने अपनी पार्टी केपीजेपी का कांग्रेस में विलय कर लिया था. बाद में वह सरकार से अलग हो गये. बागियों को दूसरा मौका नहीं मिलेगा: स्पीकर स्पीकर के आर रमेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि वह अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करेंगे और सुप्रीम कोर्ट ने जो भरोसा उनमें दिखाया है, उसे वह बरकरार रखेंगे. स्पीकर ने कहा कि मैं ऐसा फैसला लूंगा जो किसी भी तरह से संविधान, न्यायालय और लोकपाल के खिलाफ नहीं जायेगा.मैं अपनी सांविधानिक दायित्व को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाऊंगा. मैं सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का तहेदिल से स्वागत करता हूं.उल्लेखनीय है कि स्पीकर रमेश कुमार को बागी विधायकों के इस्तीफे और अयोग्यता संबंधी याचिका पर फैसला करना है. उन्होंने कहा कि बागी एमएलए को उनके समक्ष उपस्थित होने का अब और मौका नहीं मिलेगा और अब यह अध्याय बंद हो चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने 17 जुलाई के आदेश में कहा था कि विधानसभा अध्यक्ष दल-बदल विरोधी कानून के अनुसार बागियों के इस्तीफे पर फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं. लेकिन बागियों ने विधानसभा में मतदान में भाग नहीं लिया. तीन जजों की बेंच ने यह भी कहा था कि बागियों को सदन में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जब उनके इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष 11 जुलाई से लंबित हैं. उल्लेखनीय है कि कुल 17 एमएलए ने एच डी कुमारस्वामी गर्वमेंट से बगावत कर स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया था. इन एमएलए के बगावत के कारण 14 महीने पुरानी कुमारस्वामी सरकार गिर गयी थी.




