बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: सिपाही से इंस्पेक्टर तक तबादले की तैयारी, 5-8 साल वाले कर्मियों की बनेगी सूची
बिहार पुलिस में सिपाही से इंस्पेक्टर तक बड़े पैमाने पर तबादले की तैयारी है। 5 साल जिला और 8 साल रेंज/इकाई में कार्यकाल पूरा करने वालों की सूची बनेगी। जानें कटऑफ डेट, रिटायरमेंट राहत और नए जोनल सिस्टम की पूरी जानकारी।
HighLights:
- बिहार पुलिस में सिपाही से इंस्पेक्टर तक बड़े पैमाने पर तबादले की तैयारी।
- एक जिले में 5 साल और रेंज/पुलिस इकाई में 8 साल पूरा करने वालों की होगी पहचान
- 31 अगस्त 2026 को माना जाएगा कार्यकाल की गणना का कटऑफ
- करीब सात साल बाद बिहार पुलिस में फिर से जोनल सिस्टम लागू करने की कवायद
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार पुलिस में जल्द ही बड़े स्तर पर तबादला अभियान शुरू होने वाला है। पुलिस मुख्यालय ने सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक के उन पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है, जिन्होंने एक ही जिले में निर्धारित अवधि पूरी कर ली है।
मुख्यालय के निर्देश के मुताबिक, एक जिले में पांच वर्ष और किसी रेंज या पुलिस इकाई में आठ वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके पुलिसकर्मियों को स्थानांतरण के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके लिए संबंधित पुलिस इकाइयों और अधिकारियों से पात्र कर्मियों का पूरा ब्योरा मांगा गया है।
कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग की ओर से जारी निर्देश में पात्र पुलिसकर्मियों की सूची हार्ड कॉपी के साथ-साथ साफ्ट कॉपी में भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। सूची मिलने के बाद स्थानांतरण की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
31 अगस्त होगी कटऑफ डेट
पुलिस मुख्यालय ने कार्यकाल की गणना के लिए 31 अगस्त 2026 को कटऑफ तिथि निर्धारित किया है। यानी इस तारीख तक जिस पुलिसकर्मी ने एक जिले में पांच साल या किसी रेंज/पुलिस इकाई में आठ साल की अवधि पूरी कर ली है, उसे स्थानांतरण के लिए पात्र माना जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण कर पुलिस व्यवस्था में बदलाव और प्रशासनिक संतुलन कायम करना है।
डीजीपी की समिति करेगी अंतर-जिला और अंतर-क्षेत्र तबादला
अंतर-जिला और अंतर-क्षेत्र स्थानांतरण का अंतिम फैसला पुलिस महानिदेशक की ओर से गठित स्थानांतरण समिति करेगी। इसके लिए क्षेत्रीय चयन पर्षद और संबंधित कार्यालयों से अनुशंसा भी ली जाएगी। इस प्रक्रिया में पात्र पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड जुटाने के बाद उनकी सूची तैयार की जाएगी और फिर निर्धारित प्रक्रिया के तहत तबादले किए जाएंगे।
रिटायरमेंट के करीब पुलिसकर्मियों को राहत
बड़े स्तर पर होने वाले इस तबादले में सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके पुलिसकर्मियों को राहत दी गई है। जिन पुलिसकर्मियों की सेवानिवृत्ति में दो वर्ष से कम समय बचा है, उन्हें इस स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा। इस फैसले से ऐसे पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें रिटायरमेंट से ठीक पहले दूसरे जिले या इकाई में जाने की परेशानी से बचाया जा सकेगा।
सात साल बाद फिर जोनल सिस्टम की तैयारी
बिहार पुलिस में तबादलों के साथ-साथ करीब सात साल बाद फिर से जोनल सिस्टम लागू करने की कवायद भी शुरू हो गई है। इसके तहत पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर के पुनर्गठित जोन में पुलिस संवर्ग और सचिवालय संवर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। पुलिस मुख्यालय की ओर से संबंधित तैनाती का आदेश जारी किया जा चुका है। चारों जोन में पुलिस बल की नई व्यवस्था के तहत तीन-तीन इंस्पेक्टर, पांच-पांच दारोगा और 18-18 सिपाहियों समेत करीब 40 से 47 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
क्यों अहम है यह फेरबदल?
लंबे समय तक एक ही जिले या पुलिस इकाई में तैनाती को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कई बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में पांच और आठ साल की निर्धारित अवधि को आधार बनाकर तबादला करने की प्रक्रिया से पुलिस महकमे में नई तैनाती और जिम्मेदारियों का रास्ता साफ होगा। अब सभी संबंधित इकाइयों से पात्र पुलिसकर्मियों का ब्योरा मिलने के बाद तबादले की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आने वाले दिनों में पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर नई पोस्टिंग और स्थानांतरण देखने को मिल सकते हैं।




