झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: धनबाद के इंजीनियरिंग छात्र के परिवार को अब ₹16.22 लाख मुआवजा
Jharkhand High Court ने धनबाद के 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र एलिंद कुमार सिन्हा के परिवार का मुआवजा ₹10.30 लाख से बढ़ाकर ₹16.22 लाख कर दिया। 6% ब्याज के साथ बीमा कंपनी को छह सप्ताह में राशि जमा करने का आदेश।
HighLights:
- छात्र के परिवार को ₹10.30 लाख का मुआवजा बढ़कर ₹16.22 लाख हुआ
- बढ़ी राशि पर 6% सालाना ब्याज देने का आदेश
- न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी की अपील हाई कोर्ट ने खारिज की
- छह सप्ताह में बढ़ी हुई राशि जमा करने का निर्देश
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड हाई कोर्ट ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले धनबाद के 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र के परिजनों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने मुआवजे की राशि 10.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 16.22 लाख रुपये कर दी है। साथ ही बढ़ी हुई राशि पर दावा याचिका दाखिल करने की तारीख से भुगतान तक 6 प्रतिशत सालाना ब्याज देने का आदेश दिया है।
हाई कोर्ट ने खारिज की बीमा कंपनी की अपील
मामला धनबाद के 22 वर्षीय एलिंद कुमार सिन्हा की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से जुड़ा है। एलिंद इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे और उनका शैक्षणिक रिकॉर्ड अच्छा था। हादसे के बाद उनकी मां पुष्पा सिन्हा और बहन पायल प्रिया ने मोटर दुर्घटना मुआवजे के लिए दावा किया था। इस मामले में धनबाद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने 27 मार्च 2015 को 10.30 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। इसके बाद न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने इस फैसले को चुनौती देते हुए झारखंड हाई कोर्ट में अपील दाखिल की। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अदालत ने बीमा कंपनी की अपील को खारिज करते हुए मुआवजे की राशि बढ़ाने का आदेश दिया।
ड्राइविंग लाइसेंस पर बीमा कंपनी का तर्क नहीं चला
बीमा कंपनी की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि दुर्घटना में शामिल ट्रक के चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। हालांकि, हाई कोर्ट ने कहा कि इस दावे को साबित करने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की थी। अदालत के समक्ष बीमा कंपनी ऐसा कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी, जिससे चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं होने का दावा साबित हो सके। इस आधार पर अदालत ने बीमा कंपनी की अपील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
भविष्य की आय की संभावना को भी माना
हाई कोर्ट ने मृतक की उम्र, उसकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई और अच्छे शैक्षणिक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए भविष्य की आय की संभावनाओं को भी मुआवजे की गणना में शामिल किया। अदालत ने इंजीनियरिंग छात्र की आय में भविष्य की संभावनाओं के लिए 40 प्रतिशत की वृद्धि को जोड़ते हुए आश्रितों के लिए मुआवजा 15.12 लाख रुपये निर्धारित किया। इसके अतिरिक्त दोनों दावेदारों को 40-40 हजार रुपये कंसोर्टियम के लिए दिए गए। अंतिम संस्कार के लिए 15 हजार रुपये और संपत्ति के नुकसान के लिए भी 15 हजार रुपये निर्धारित किए गए। इस तरह कुल मुआवजा बढ़कर 16.22 लाख रुपये हो गया।
छह सप्ताह में राशि जमा करने का निर्देश
झारखंड हाई कोर्ट ने बीमा कंपनी को बढ़ी हुई मुआवजा राशि जमा करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बढ़ी हुई राशि पर दावा याचिका दाखिल करने की तारीख से भुगतान होने तक 6 प्रतिशत सालाना ब्याज देय होगा। हाई कोर्ट के इस आदेश से लंबे समय से मुआवजे की कानूनी लड़ाई लड़ रहे मृतक के परिवार को बड़ी राहत मिली है।
क्या है मामले का सार?
मृतक: एलिंद कुमार सिन्हा
उम्र: 22 वर्ष
निवासी: धनबाद
पढ़ाई: इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
पहले तय मुआवजा: ₹10.30 लाख
हाई कोर्ट द्वारा निर्धारित कुल मुआवजा: ₹16.22 लाख
भविष्य की आय के लिए बढ़ोतरी: 40 प्रतिशत
कंसोर्टियम: ₹40,000-₹40,000
अंतिम संस्कार: ₹15,000
संपत्ति का नुकसान: ₹15,000
ब्याज: 6% सालाना
राशि जमा करने की समय-सीमा: 6 सप्ताह
बीमा कंपनी की अपील: खारिज
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