NIA के रडार पर प्रिंस खान: धनबाद पहुंची टीम, पाकिस्तान कनेक्शन से जैश-ए-मोहम्मद तक जुड़े तारों की जांच तेज
NIA की टीम धनबाद पहुंची और फरार अपराधी प्रिंस खान के कथित पाकिस्तान कनेक्शन, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संपर्कों और विदेश से संचालित आपराधिक नेटवर्क की जांच शुरू की। ठोस साक्ष्य मिलने पर आतंकवाद से जुड़े प्रावधानों में कार्रवाई संभव है।
HighLights:
- NIA की टीम धनबाद पहुंची, प्रिंस खान के नेटवर्क की जांच तेज
- पाकिस्तान कनेक्शन और कथित आतंकी संपर्क जांच के केंद्र में
- फोजिया बलोच और तौकिर बलोच के नाम जांच में सामने आने का दावा
- जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों तक पहुंच के दावे की पड़ताल
धनबाद (Threesocieties.com Desk): वासेपुर के फरार कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के खिलाफ जांच का दायरा अब संगठित अपराध से आगे बढ़कर उसके कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम गुरुवार को धनबाद पहुंची और प्रिंस खान से जुड़े आपराधिक नेटवर्क, विदेश में उसके संपर्कों तथा कथित पाकिस्तान कनेक्शन से संबंधित जानकारी जुटानी शुरू की।
NIA की जांच में सबसे अहम बिंदु यह है कि विदेश में रहते हुए प्रिंस खान के संपर्क किन लोगों से बने और क्या इन संपर्कों का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से था। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। धनबाद पुलिस के अनुसार प्रिंस खान विदेश में रहकर अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन करता रहा है। झारखंड के विभिन्न जिलों में कारोबारियों व अन्य लोगों से रंगदारी मांगने के आरोप उस पर हैं। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 125 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
पाकिस्तान कनेक्शन पर NIA का फोकस
जांच का प्रमुख केंद्र प्रिंस खान के कथित पाकिस्तान कनेक्शन को बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार, विदेश में रहने के दौरान उसके संपर्क पाकिस्तानी महिला फोजिया बलोच और उसके जीजा तौकिर बलोच से होने की बात सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि तौकिर बलोच के माध्यम से प्रिंस खान की पहुंच पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों तक बनी थी।
हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। NIA इन आरोपों से जुड़े दस्तावेजों, संपर्कों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यदि प्रिंस खान के विदेशी संपर्क स्थापित हुए थे, तो उनका इस्तेमाल केवल आपराधिक गतिविधियों के संचालन के लिए किया गया या इसके पीछे कोई व्यापक आतंकी नेटवर्क भी सक्रिय था।
दुबई में रहते हुए नेटवर्क चलाने के तरीके की भी जांच
प्रिंस खान लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर है और विदेश में रहकर अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित करने के आरोपों में जांच एजेंसियों के रडार पर रहा है। NIA यह पता लगाने में जुटी है कि विदेश में रहते हुए वह धनबाद और झारखंड में अपने कथित गुर्गों एवं सहयोगियों के संपर्क में किस तरह रहता था। उसके निर्देश किस माध्यम से पहुंचते थे, आर्थिक लेन-देन कैसे होता था और स्थानीय नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका थी—इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
धनबाद पुलिस से जुटाई जा रही केस हिस्ट्री
धनबाद पहुंची NIA की टीम ने जिले के एसएसपी प्रभात कुमार से मुलाकात कर प्रिंस खान के खिलाफ दर्ज मामलों और उसके नेटवर्क से संबंधित जानकारी हासिल की। धनबाद के अलावा झारखंड के दूसरे हिस्सों में दर्ज मामलों का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। जांच एजेंसी प्रिंस खान से जुड़े कथित गुर्गों, सहयोगियों, पुराने संपर्कों और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी को एक जगह जोड़कर पूरे नेटवर्क की तस्वीर तैयार करने में जुटी है।
वासेपुर नेटवर्क भी जांच के घेरे में
NIA की नजर केवल विदेश में मौजूद संपर्कों पर नहीं है। वासेपुर में प्रिंस खान के कथित नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि प्रिंस खान के विदेश में रहने के बावजूद स्थानीय स्तर पर उसका नेटवर्क किस तरह सक्रिय रहा। उसके सहयोगियों की भूमिका, आपराधिक घटनाओं से जुड़े कथित लिंक और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच किए जाने की संभावना है।
SSP प्रभात कुमार ने दी NIA टीम के आने की पुष्टि
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने NIA टीम के धनबाद पहुंचने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि फरार अपराधी प्रिंस खान और उससे जुड़े संगठित अपराध से संबंधित जानकारी NIA के साथ साझा की जा रही है, ताकि एजेंसी अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर सके।
क्या प्रिंस खान को आतंकी घोषित किया जा सकता है?
फिलहाल प्रिंस खान को आधिकारिक तौर पर आतंकी घोषित किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। यह पूरी तरह जांच में सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। यदि NIA की जांच में प्रिंस खान के प्रतिबंधित आतंकी संगठन या आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने के ठोस साक्ष्य सामने आते हैं, तो उसके खिलाफ आतंकवाद से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। ऐसी स्थिति में उसके खिलाफ जांच और कार्रवाई का दायरा भी काफी व्यापक हो सकता है।
आतंकी घोषित किए जाने की स्थिति में उसकी संपत्तियों, आर्थिक नेटवर्क और विदेश में मौजूद ठिकानों की जांच का दायरा भी बढ़ सकता है। साथ ही उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई और भारत लाने की प्रक्रिया के विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल एनआइए की जांच पूरी होने का इंतजार है और उसके बाद ही प्रिंस खान के खिलाफ मामले में स्थिति स्पष्ट होगी।
आतंकी घोषित करने की प्रक्रिया शुरु
प्रिंस खान को आतंकी घोषित करने के लिए धनबाद पुलिस की ओर से पहले झारखंड पुलिस मुख्यालय को अनुशंसा भेजे जाने की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय से राज्य सरकार के गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, झारखंड सरकार ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है, जिसके बाद मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि प्रिंस खान की गतिविधियां केवल संगठित अपराध तक सीमित हैं या उसके कथित विदेशी संपर्कों के पीछे कोई बड़ी साजिश है, इसकी जांच जरूरी है। फिलहाल इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
आपराधिक गिरोह से कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक पहुंची जांच
प्रिंस खान के खिलाफ पहले से ही झारखंड में कई आपराधिक मामलों की जांच और कार्रवाई चलती रही है। अब NIA की जांच के बाद मामला उसके कथित विदेशी संपर्कों और संभावित आतंकी कनेक्शन तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि प्रिंस खान के विदेशी संपर्कों की वास्तविक प्रकृति क्या थी और क्या उसका नेटवर्क केवल संगठित अपराध तक सीमित था या इसके तार किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से भी जुड़े थे।
फिलहाल NIA उपलब्ध साक्ष्यों और पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रिंस खान के खिलाफ आतंकवाद से जुड़े आरोपों में आगे किस स्तर की कार्रवाई की जाती है।
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