Regional Pay & Accounts के तीन अफसर ₹48,400 रिश्वत लेते गिरफ्तार, रांची-धनबाद के 5 ठिकानों पर CBI रेड

रांची में CBI ने ₹48,400 की रिश्वत लेते Regional Pay & Accounts के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया। CISF हवलदार के TA और बच्चों के शिक्षा भत्ता बिल के बदले रिश्वत मांगने का आरोप। रांची-धनबाद में पांच ठिकानों पर छापेमारी में 10-12 लाख नकदी, जेवरात और जमीन के दस्तावेज मिले।

Regional Pay & Accounts के तीन अफसर ₹48,400  रिश्वत लेते गिरफ्तार, रांची-धनबाद के 5 ठिकानों पर CBI रेड
रांची-धनबाद में CBI की बड़ी कार्रवाई, तीन अफसर गिरफ्तार।

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  • सीबीआई ने ₹48,400 की रिश्वत लेते तीन अकाउंट अफसर रंगेहाथ डोरंडा ऑफिस से दबोचा
  • CISF हवलदार के TA और बच्चों के Education Allowance बिल प्रोसेस करने के एवज में मांगी गई थी रिश्वत
  • रांची और धनबाद में पांच ठिकानों पर रेड, 10-12 लाख रुपये नकदी, जेवरात और जमीन के दस्तावेज मिले
  • रीजनल पे एंड अकाउंट्स कार्यालय  NIA, CISF और NCB से जुड़े अकाउंट्स देखता है

रांची (Threesocieties.com Desk): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रांची के डोरंडा स्थित रीजनल पे एंड अकाउंट्स कार्यालय के तीन लेखा अधिकारियों को ₹48,400 की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद सीबीआई ने गिरफ्तार अधिकारियों से जुड़े रांची और धनबाद के पांच ठिकानों पर भी छापामारी की।

गिरफ्तार अधिकारियों की पहचान सीनियर अकाउंट अधिकारी संतोष कुमार महतो, असिस्टेंट अकाउंट अधिकारी सुनील कुमार और असिस्टेंट अकाउंट अधिकारी सुजीत कुमार सिंह के रूप में हुई है। सीबीआई की कार्रवाई गुरुवार को उस समय हुई, जब एजेंसी की टीम ने डोरंडा स्थित रीजनल पे एंड अकाउंट्स कार्यालय में जाल बिछाकर रिश्वत की रकम लेते तीनों अधिकारियों को पकड़ लिया। सीबीआई ने रिश्वत की राशि भी जब्त कर ली है।

CISF हवलदार के बिल पास करने के बदले मांगी रिश्वत

मामले की शुरुआत CISF के एक हवलदार की शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता वर्तमान में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित नेशनल थर्मल पावर स्टेशन (NTPC) में पदस्थापित बताए गए हैं। आरोप है कि उनके यात्रा भत्ता (TA) और बच्चों के शैक्षणिक भत्ता (Education Allowance) से संबंधित बिलों को प्रोसेस करने और भुगतान कराने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी।

शिकायतकर्ता ने इस संबंध में सीबीआई से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत की पुष्टि होने के बाद सीबीआई की रांची ACB ने प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद गुरुवार को सीबीआई की टीम ने रीजनल पे एंड अकाउंट्स कार्यालय में ट्रैप ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान तीनों अधिकारियों को कथित तौर पर ₹48,400 की रिश्वत लेते पकड़ लिया गया।

गृह मंत्रालय से जुड़ा है रीजनल पे एंड अकाउंट्स कार्यालय

रीजनल पे एंड अकाउंट्स कार्यालय केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़ी संस्था है। यह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) से संबंधित अकाउंट्स का काम देखता है। ऐसे में एक केंद्रीय संस्था के तीन अधिकारियों के खिलाफ एक साथ हुई सीबीआई की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रांची और धनबाद में पांच ठिकानों पर छापामारी

तीनों अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उनकी निशानदेही पर रांची और धनबाद में कई स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। कुल पांच ठिकानों पर देर रात तक छापामारी चलती रही। तलाशी के दौरान सीबीआई को करीब 10 से 12 लाख रुपये नकद, जेवरात, जमीन से जुड़े दस्तावेज और लॉकर से संबंधित जानकारी मिलने की सूचना है। बरामद सामान और दस्तावेजों का सीबीआई की टीम सत्यापन कर रही थी। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार अधिकारियों के पास आय के ज्ञात स्रोतों के मुकाबले अतिरिक्त संपत्ति तो नहीं है।

अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच

सीबीआई अब इस पूरे मामले में गिरफ्तार तीनों अधिकारियों के अलावा अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वतखोरी का यह मामला केवल तीन अधिकारियों तक सीमित था या फिर कार्यालय के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी इसमें शामिल थे। सीबीआई गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के जरिए कथित रिश्वत नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

CISF हेड कांस्टेबल की शिकायत पर खुला रिश्वतखोरी का खेल

CBI की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) रांची ने रिश्वतखोरी के मामले में तीन दिन पहले क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय, रांची के तीन अफसरों को 48,400 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार अधिकारियों में वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष महतो, सहायक लेखा अधिकारी सुनील कुमार और सुजीत सिंह शामिल थे।सीबीआइ ने गिरफ्तारी के मामले में जो प्राथमिकी दर्ज की है उसमें तीनों अधिकारियों की भ्रष्टाचार की पूरी कहानी सामने आई है। यह प्राथमिकी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित CISF यूनिट मेजा ऊर्जा निगम (NTPC) के हेड कांस्टेबल रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर दर्ज की गई है।

त्रिपाठी की यूनिट के विभिन्न प्रकार के बिलों का भुगतान करने के लिए आरोपितों ने 50 हजार रुपये की मांग की थी। राशि नहीं देने पर उनके बिल का भुगतान रोक दिया गया। इस बात का खुलासा त्रिपाठी की शिकायत पर सीबीआई की ओर से दर्ज प्राथमिकी में किया गया है। प्राथमिकी के अनुसार त्रिपाठी ने भुगतान के लिए अपने सारे बिल रीजनल पे एंड अकाउंट्स आफिस (आरपीएओ) सीआइएसएफ रांची को भेजा था। शिकायत में यह भी आरोप है कि आरपीएओ सीआइएसएफ के असिस्टेंट अकाउंट आफिसर सुनील कुमार और अकाउंट आफिसर संतोष कुमार महतो ने इन लंबित बिलों की प्रोसेसिंग और भुगतान के लिए 50,000 रुपये तक की अनुचित रिश्वत की मांग की थी। जबकि त्रिपाठी यह रिश्वत नहीं देना चाहते थे।

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने इसकी गुप्त रूप से 17 अगस्त को जांच की। प्रथम दृष्टया सीबीआई को पता चला कि सुनील कुमार ने संतोष कुमार महतो के साथ आपराधिक मिलीभगत करके अनुचित लाभ की मांग की। शिकायतकर्ता के एक सहयोगी, उमा शंकर मिश्रा के लंबित टीए और सीईए बिलों को प्रोसेस और क्लियर करने तथा पीपीओ जारी करने के रिश्वत लेने को तैयार थे। 50 हजार रुपये की जगह कुछ कम रुपये में सहमति बनी। जांच में यह भी पता चला कि सुनील कुमार व संतोष कुमार महतो के साथ ही गांधी नगर धनबाद के रहने वाले सीआइएसएफ के एक अन्य लेखा अधिकारी सुजित कुमार सिंह को भी इसमें संलिप्त पाया गया। इसके बाद सीबीआई ने रांची स्थित कार्यालय और आवास तथा गांधी नगर समेत कुल पांच जगहों पर एक साथ छापामारी की और रिश्वत की राशि लेते हुए गिरफ्तार किया।
CISF का घूसखोर एकाउंटेंट करोड़पति निकला
सीबीआई द्वारा गिरफ्तार CISF का सीनियर अकाउंटेंट संतोष महतो करोड़पति है. उसके पास नकद राशि, जेवर के अलावा दिल्ली यमुना एक्सप्रेस वे के पास जमीन और फ्लैट भी है. उसके घर से मिले निवेश से संबंधित दस्तावेज की अभी जांच जारी है। Ranchi: सीबीआई द्वारा गिरफ्तार CISF का सीनियर अकाउंटेंट संतोष महतो करोड़पति है। उसके पास नकद राशि, जेवर के अलावा दिल्ली यमुना एक्सप्रेस वे के पास जमीन और फ्लैट भी है. उसके घर से मिले निवेश से संबंधित दस्तावेज की अभी जांच जारी है।