CMPFO में ₹3.64 करोड़ का पेंशन घोटाला, 142 मृत कोयलाकर्मियों के नाम पर फर्जी क्लेम

धनबाद CMPFO में ₹3.64 करोड़ के कथित पेंशन घोटाले का खुलासा हुआ है। 142 फर्जी क्लेम के मामले में चार कर्मचारियों समेत अन्य पर CBI ने FIR दर्ज की।

CMPFO में ₹3.64 करोड़ का पेंशन घोटाला, 142 मृत कोयलाकर्मियों के नाम पर फर्जी क्लेम
CMPFO धनबाद में ₹3.64 करोड़ के पेंशन घोटाले का खुलासा ।

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  • CMPFO धनबाद में  मार्च से सितंबर 2016 के बीच 142 फर्जी पेंशन क्लेम प्रोसेस हुए
  • 127 मृत कोयलाकर्मियों और 15 रिटायर्ड कर्मियों के नाम पर कथित फर्जीवाड़ा
  • चार CMPFO कर्मचारियों समेत अन्य के खिलाफ CBI ने दर्ज की FIR
  • फर्जी आश्रित और जाली दस्तावेज बनाकर बैंक खातों में भेजी गई रकम

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोल माइन्स प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (CMPFO) के धनबाद मुख्यालय में करीब 3.64 करोड़ रुपये के कथित पेंशन घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि रिटायर्ड और मृत कोयलाकर्मियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज और कथित फर्जी आश्रित तैयार कर पेंशन क्लेम प्रोसेस किए गए। इसके बाद बैंक खातों में पेंशन और एरियर की राशि भेजकर रकम की निकासी की गई।

मामले में CMPFO के चीफ विजिलेंस ऑफिसर (CVO) की रिपोर्ट के आधार पर CBI धनबाद ने चार कर्मचारियों समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CBI की प्रारंभिक जांच में संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

142 फर्जी पेंशन क्लेम से ₹3.64 करोड़ का भुगतान

प्राथमिकी में आरोप है कि मार्च 2016 से सितंबर 2016 के बीच कुल 142 पेंशन क्लेम कथित तौर पर फर्जी तरीके से प्रोसेस किए गए। इन क्लेम के जरिए मासिक पेंशन के अलावा पेंशन एरियर के रूप में कुल ₹3,64,48,052 का गलत भुगतान होने का आरोप है। बताया गया है कि इन मामलों में रिकॉर्ड में कथित हेरफेर किया गया और CMPFO के निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए पेंशन भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई।

127 मृत कर्मियों के नाम पर कथित फर्जीवाड़ा

मामले से जुड़े विवरण के अनुसार, 142 लाभुकों में 127 ऐसे कोयला कर्मी थे जिनकी मौत हो चुकी थी, जबकि 15 रिटायर्ड कर्मियों के नाम पर पेंशन योजना का कथित तौर पर फर्जी आवेदन किया गया। आरोप है कि मृत कर्मियों के नाम पर फर्जी आश्रित तैयार किए गए। उनके नाम से दस्तावेज तैयार कर पेंशन क्लेम करवाए गए और बैंक खातों के जरिए रकम निकाल ली गई।

बैंक खातों में भेजी गई पेंशन और एरियर की रकम

आरोप के मुताबिक, घोटाले के लिए धनबाद के बलियापुर, मनियाडीह, झरिया, सुदामडीह और जोरापोखर स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं का इस्तेमाल किया गया। जाली दस्तावेजों के आधार पर कथित तौर पर खाते खुलवाए गए। इनमें मासिक पेंशन के साथ कई वर्षों की एरियर राशि भी जमा कराई गई। राशि जमा होने के कुछ समय बाद ही रकम की निकासी किए जाने का आरोप है।

ये चार CMPFO कर्मचारी नामजद

CBI की प्राथमिकी में चार CMPFO कर्मचारियों को नामजद किया गया है। इनमें— अचिंत्य कुमार, सेक्शन ऑफिसर, CMPFO मुख्यालय धनबाद, दीप कुमार, सेक्शन ऑफिसर, वर्तमान में तालचर क्षेत्रीय कार्यालय, ओडिशा, अजय कुमार सिन्हा, सेक्शन ऑफिसर, धनबाद व मंजीत कुमार, वरिष्ठ सामाजिक सुरक्षा सहायक, CMPFO धनबाद शामिल हैं। आरोप है कि इन कर्मचारियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर पेंशन रिकॉर्ड और दावों की प्रक्रिया में कथित हेरफेर किया।

12-13 साल की एरियर राशि भी कथित तौर पर हड़पी

मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि कथित फर्जी लाभुकों के खातों में केवल मासिक पेंशन ही नहीं, बल्कि कई वर्षों की एरियर राशि भी भेजी गई। आरोप के मुताबिक, वर्ष 1998 में वर्कर्स पेंशन स्कीम शुरू होने के बाद कई कर्मचारी इस योजना का लाभ नहीं ले पाए थे। बाद में ऐसे रिटायर्ड और मृत कर्मियों की सूची को कथित तौर पर घोटाले के लिए इस्तेमाल किया गया।

विभागीय जांच के बीच तीन आरोपितों को प्रमोशन

मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, विभागीय जांच के दौरान नामजद चार कर्मचारियों में से तीन को पदोन्नति भी मिली। इनमें अचिंत्य कुमार, दीप कुमार और अजय कुमार सिन्हा के नाम बताए गए हैं। बताया गया है कि इनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी। जांच अधिकारियों की ओर से चार्जशीट भी जारी किए जाने की बात सामने आई है।

CBI ने इन धाराओं में दर्ज की FIR

CBI ने मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेज के इस्तेमाल, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार से संबंधित प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।  FIR में BNS की धारा 318, 338, 336, 340 और 61(2) के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) और 13(2) का उल्लेख किया गया है। CBI अब कथित घोटाले में शामिल अन्य लोगों, बैंक खातों, दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर सकती है। फिलहाल मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है।