मोदी कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: वाराणसी में ₹11 हजार करोड़ का एलिवेटेड कॉरिडोर, Semicon 2.0 और 9 नए यूरिया प्लांट को मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने सात बड़े फैसलों को मंजूरी दी। Semicon 2.0 मिशन, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, वाराणसी एलिवेटेड कॉरिडोर, 9 नए यूरिया प्लांट और दो रेलवे परियोजनाओं समेत ₹2.19 लाख करोड़ की विकास योजनाओं को हरी झंडी मिली।

मोदी कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: वाराणसी में ₹11 हजार करोड़ का एलिवेटेड कॉरिडोर, Semicon 2.0 और 9 नए यूरिया प्लांट को मंजूरी
कैबिनेट का मेगा ऐलान।

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    HighLights:

  • मोदी कैबिनेट ने सात बड़े विकास परियोजनाओं को दी मंजूरी
  • ₹1.27 लाख करोड़ के Semicon 2.0 मिशन को मिली हरी झंडी
  • मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए ₹62,500 करोड़ का प्रावधान
  • वाराणसी में ₹10,998 करोड़ की लागत से एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा
  • देश में 9 नए यूरिया प्लांट लगाने की नीति को मंजूरी
  • दो प्रमुख रेलवे परियोजनाओं पर भी कैबिनेट की मुहर

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk):  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में देश के औद्योगिक, तकनीकी और बुनियादी ढांचे को नई गति देने वाले सात बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं पर कुल 2,19,353 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा।

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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण, मोबाइल उत्पादन, उर्वरक और आधुनिक परिवहन नेटवर्क के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।

वाराणसी को मिला मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लिए दो महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें सबसे बड़ा प्रोजेक्ट NH-19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाले 46.039 किलोमीटर लंबे लिंक कॉरिडोर का निर्माण है। इसके अलावा वरुणा नदी के किनारे NH-31 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले 43.218 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को भी स्वीकृति दी गई है। करीब 10,998.32 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट NHAI द्वारा Hybrid Annuity Model (HAM) के तहत तैयार किया जाएगा। इस परियोजना में 6 और 4 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर, फ्लाईओवर, रैंप, सर्विस रोड और लूप बनाए जाएंगे, जिससे शहर में ट्रैफिक जाम में भारी कमी आने की उम्मीद है।

काशी रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक आसान होगी यात्रा

इस नए कॉरिडोर के बनने से काशी रेलवे स्टेशन, वाराणसी जंक्शन, वाराणसी सिटी स्टेशन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट, रामनगर पोर्ट, वाराणसी रिंग रोड, गंगा घाट और चंदौली क्षेत्र तक आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुगम होगा।

Semicon 2.0 मिशन को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Semicon 2.0 Mission को मंजूरी दे दी है।

इस मिशन के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार का लक्ष्य देश में चिप निर्माण को बढ़ावा देना, विदेशी निवेश आकर्षित करना और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मजबूत बनाना है।

मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

कैबिनेट ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) के दूसरे चरण को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 62,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इस योजना से भारत दुनिया के प्रमुख मोबाइल निर्माण केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा तथा लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

9 नए यूरिया प्लांट लगाए जाएंगे

देश को उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने National Investment Policy for Urea-2026 को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत देशभर में 9 नए यूरिया संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता भी कम होगी।

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मिली रफ्तार

रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पारादीप-हरिदासपुर रेलवे लाइन का डबलिंग प्रोजेक्ट, जिसकी लागत लगभग 2,542 करोड़ रुपये होगी। डांगोआपोसी और राजखरसवां के बीच चौथी रेलवे लाइन, जिस पर करीब 1,365 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से माल परिवहन तेज होगा, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और पूर्वी भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा।

देश के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीकंडक्टर, मोबाइल निर्माण, रेलवे, सड़क और उर्वरक क्षेत्र में किए गए ये निवेश आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे। साथ ही 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी नई गति मिलेगी। इन सात बड़े फैसलों से देश में बुनियादी ढांचे का विस्तार, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और कृषि क्षेत्र को एक साथ बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।