केन्दुआडीह गैस कांड पर हाईलेवल मंथन: BCCL-CIL और झारखंड सरकार में समन्वय, सुरक्षा पर बड़ा फैसला संभव

12 अप्रैल 2026 को BCCL, CIL और झारखंड सरकार के बीच अहम बैठक में केन्दुआडीह गैस कांड सहित कई परिचालन मुद्दों पर चर्चा हुई। सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।

केन्दुआडीह गैस कांड पर हाईलेवल मंथन: BCCL-CIL और झारखंड सरकार में समन्वय, सुरक्षा पर बड़ा फैसला संभव
चीफ सेकरेटरी से मिले बीसीसीएल सीमडी।

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धनबाद/रांची (Threesocieties.com Desk): कोयला क्षेत्र में सुरक्षा और संचालन से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर सोमवार को एक हाईलेवल बैठक आयोजित की गई, जिसमें बीसीसीएल (BCCL), सीआईएल (CIL) और झारखंड सरकार के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में विशेष रूप से केन्दुआडीह गैस कांड को लेकर गंभीर मंथन हुआ।

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बैठक में बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार और कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम की मौजूदगी ने इस चर्चा को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब कोयला खनन क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

केन्दुडीआह गैस कांड पर फोकस

बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु हाल ही में सामने आया केन्दुआडीह गैस कांड रहा, जिसने पूरे कोयलांचल क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। इस घटना के बाद खनन क्षेत्रों में गैस रिसाव, सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर व्यापक समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। अधिकारियों ने इस दौरान गैस रिसाव जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग, नियमित मॉनिटरिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया।

सुरक्षा और समन्वय पर जोर

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि खनन क्षेत्रों में काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए बीसीसीएल और सीआईएल को अपने सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, राज्य प्रशासन और कोल कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

सरकार ने दिया पूरा सहयोग का भरोसा

झारखंड सरकार की ओर से मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने भरोसा दिलाया कि राज्य प्रशासन इस मामले में हर संभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी कदमों को लागू करने में सरकार पूरी तरह से सहयोग करेगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आगे क्या?

इस हाईलेवल बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कोयला खनन क्षेत्रों के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की जा सकती हैं। साथ ही, केन्दुडीह गैस कांड की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी संभव है।