BCCL CMD ने बस्ताकोला एरिया में की उच्चस्तरीय समीक्षा, उत्पादन बढ़ाने और ऑपरेशन मजबूत करने के दिए निर्देश
BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने बस्ताकोला एरिया में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर कोयला उत्पादन, डिस्पैच, मशीनों की उपलब्धता, सुरक्षा, मानसून तैयारी और संचालन व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने बस्ताकोला OCP, राजापुर OCP और ABDKG कोलियरी का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
HighLights:
- BCCL के CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने बस्ताकोला एरिया कार्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की
- कोयला उत्पादन, लक्ष्य प्राप्ति, गुणवत्ता युक्त डिस्पैच और परिवहन व्यवस्था की समीक्षा की गई
- मशीनों की उपलब्धता और संचालन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया
- मानसून की तैयारियों, जल प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स की भी विस्तार से समीक्षा हुई
- CMD ने बस्ताकोला OCP, राजापुर OCP और ABDKG कोलियरी का निरीक्षण किया
- अधिकारियों को सुरक्षा, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
धनबाद(Threesocieties.com Desk): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) मनोज कुमार अग्रवाल ने 14 जुलाई 2026 को बस्ताकोला एरिया कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य कोयला उत्पादन, निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति, गुणवत्ता युक्त कोयले के डिस्पैच, परिवहन व्यवस्था, मशीनों की उपलब्धता तथा संपूर्ण परिचालन व्यवस्था का विस्तृत मूल्यांकन करना था।

बैठक में बस्ताकोला एरिया के महाप्रबंधक (GM) सहित एरिया कार्यालय और BCCL मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। CMD ने सभी विभागों के प्रदर्शन की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए बेहतर समन्वय और सतत निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उत्पादन के साथ गुणवत्ता और सुरक्षा पर भी विशेष जोर
समीक्षा बैठक के दौरान CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्ता युक्त कोयले की आपूर्ति, सुरक्षित खनन संचालन तथा समयबद्ध परिवहन व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं में मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उत्पादन कार्य किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने तथा प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय करने पर भी विशेष बल दिया गया।
मानसून तैयारियों और जल प्रबंधन की हुई समीक्षा
बैठक में मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जल निकासी, जल प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स तथा अन्य परिचालन व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। CMD ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्षा के कारण उत्पादन और परिवहन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसके लिए पहले से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी पूरी ईमानदारी, प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें ताकि परिचालन उत्कृष्टता (Operational Excellence) लगातार बनी रहे।
बस्ताकोला OCP, राजापुर OCP और ABDKG कोलियरी का किया निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने बस्ताकोला ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (OCP), राजापुर OCP तथा ABDKG कोलियरी का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उत्पादन गतिविधियों, मशीनों की कार्यक्षमता, परिचालन तैयारियों तथा जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और संचालन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बेहतर समन्वय से लक्ष्य हासिल करने पर जोर
CMD ने अधिकारियों से कहा कि BCCL की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित मॉनिटरिंग और त्वरित निर्णय प्रक्रिया आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि मशीनों की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स और गुणवत्ता पर समान रूप से ध्यान दिया जाए तो निर्धारित उत्पादन लक्ष्य आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना में कार्यों की नियमित समीक्षा करने और समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर बस्ताकोला एरिया के महाप्रबंधक, एरिया कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा BCCL मुख्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी समीक्षा बैठक एवं निरीक्षण कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने CMD को एरिया की वर्तमान स्थिति, उत्पादन प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना से अवगत कराया। BCCL प्रबंधन का यह निरीक्षण कार्यक्रम उत्पादन क्षमता बढ़ाने, परिचालन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा मानसून के दौरान निर्बाध खनन कार्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




