Jharkhand : रूपी सोरेन के श्राद्ध-कर्म में 14 IPS, 42 DSP समेत 2,300 जवान तैनात

रूपी सोरेन के संस्कार भोज के लिए नेमरा में 14 IPS, 42 DSP और 2300 अतिरिक्त जवान तैनात। तैनाती से कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।

Jharkhand : रूपी सोरेन के श्राद्ध-कर्म में 14 IPS, 42 DSP समेत 2,300 जवान तैनात
CM हेमंत सोरेन की मां के श्राद्ध-कर्म में सुरक्षा का मेगा प्लान।

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   Highlights: 

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था
  • नेमरा में 14 अतिरिक्त आईपीएस अधिकारी और 42 डीएसपी तैनात
  • चार हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था के लिए 13 सुपर जोन और 42 जोन बना
  • झारखंड जगुआर के पांच असाल्ट ग्रुप, ATS की दो हिट टीम और RAP की दो कंपनियां तैनात

रांची/रामगढ़ (Threesocieties.com Desk): झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के श्राद्ध-कर्म और दुर्गा पूजा के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। रामगढ़ जिले के नेमरा में 18 अक्टूबर को होने वाले संस्कार भोज में वीआईपी और आम लोगों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए 14 अतिरिक्त आईपीएस अधिकारियों, 42 डीएसपी और 2,300 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं, दुर्गा पूजा के दौरान राज्यभर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

नेमरा में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिले को 13 सुपर जोन और 42 जोन में बांटा गया है। प्रत्येक सुपर जोन की जिम्मेदारी एक आईपीएस अधिकारी को दी गई है, जबकि 42 जोन की कमान डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। इसके अलावा झारखंड जगुआर, आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और रैपिड एक्शन पुलिस (RAP) की विशेष इकाइयों को भी तैनात किया गया है।

नेमरा में 14 आईपीएस अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रामगढ़ जिले में 14 अतिरिक्त आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी और अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस बल के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।

तैनात अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:

इंद्रजीत महथा — डीआईजी, झारखंड जगुआर

सौरभ — एसपी, एसआईबी

सुमित कुमार अग्रवाल — एसपी, एसीबी

हरविंदर सिंह — एसपी, विशेष शाखा

राकेश कुमार सिंह — एसपी, यातायात, रांची

गौरव गोस्वामी — एसपी, ग्रामीण, रांची

रोशन गुड़िया — एसपी, सीआईडी

राजेश कुमार — कमांडेंट, जैप-6

ऋषभ कुमार झा — कमांडेंट, जैप-4

श्रीराम समद — एसपी, एसीबी

कुमारी श्रुति — एसडीपीओ, चैनपुर

नागरगोजे शुभम भाउसाहेब — एएडीपीओ, सिमरिया

एस. मुहम्मद याकुब — एसपी, ग्रामीण, धनबाद

राघवेंद्र शर्मा — एसडीपीओ, पतरातू

इन अधिकारियों की तैनाती का उद्देश्य नेमरा में कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी, भीड़ नियंत्रण और विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है।

42 डीएसपी संभालेंगे अलग-अलग जोन की कमान

नेमरा में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए 42 डीएसपी स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है। रामगढ़ जिले को 13 सुपर जोन में बांटा गया है। प्रत्येक सुपर जोन की निगरानी आईपीएस अधिकारी करेंगे। इन सुपर जोन के अंतर्गत 42 जोन बनाए गए हैं, जिनकी जिम्मेदारी डीएसपी अधिकारियों को दी गई है। तैनात अधिकारियों में जैप की विभिन्न बटालियनों, इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB), आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), विशेष शाखा और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।

42 डीएसपी की पूरी सूची

क्रमांक अधिकारी का नाम पद/यूनिट
1 सुरजीत कुमार एएसपी अभियान, गिरिडीह
2 जयश्री कुजूर रेल, जमशेदपुर
3 तरुण कुमार जैप-1
4 मनोज कुमार-03 जैप-1
5 धीरेंद्र नारायण बंका जैप-2
6 जयप्रकाश नाग जैप-2
7 कपिंदर उरांव जैप-5
8 नौशाद आलम जैप-5
9 सहदेव प्रसाद जैप-7
10 रजत माणिक बाख्ला जैप-7
11 प्रवीण कुमार सिंह जैप-7
12 अमिता लकड़ा जैप-7
13 तुलेश्वर प्रसाद कुशवाहा जैप-7
14 प्रदीप उरांव जैप-7
15 सुमित प्रसाद जैप-7
16 दयानंद आजाद जैप-8
17 हेलेन सोय जैप-10
18 पूनम मिंज जैप-10
19 अनुज उरांव जैप-10
20 बचनदेव कुजूर आईआरबी-01
21 अजय कुमार केशरी आईआरबी-03
22 अरविंद कुमार बिन्हा आईआरबी-3
23 विजय कुमार कुशवाहा आईआरबी-4
24 जयदीप लकड़ा आईआरबी-5
25 चंदन कुमार वत्स आईआरबी-8
26 प्रदीप कुमार-03 मुख्यालय, लातेहार
27 पवन कुमार-02 आईआरबी-08
28 आशुतोष कुमार सत्यम आईआरबी-10
29 संदीप सुमन आईआरबी-10
30 प्रदीप पाल कच्छप एटीएस
31 अंकिता राय एटीएस
32 मनोज कुमार राय एटीएस
33 सुदर्शन कुमार आस्तिक एसीबी
34 सुमित सौरभ लकड़ा एसीबी
35 नीरज जमशेदपुर
36 तौकिर आलम विशेष शाखा
37 भोला प्रसाद सिंह एसटीएफ
38 महेश प्रजापति एसटीएफ
39 चंद्रशेखर आजाद एसटीएफ
40 अशोक रविदास एसटीएफ
41 अरविंद कुमार सिंह एसटीएफ
42 आनंद ज्योति मिंज एसटीएफ

झारखंड जगुआर, ATS और RAP की विशेष टीमें भी तैनात

नेमरा में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए विशेष पुलिस इकाइयों की तैनाती की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झारखंड जगुआर के पांच असाल्ट ग्रुप, आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की दो हिट टीम और रैपिड एक्शन पुलिस (RAP) की दो कंपनियां तैनात की गई हैं। झारखंड जगुआर के असाल्ट ग्रुप में कुल 135 जवानों की तैनाती बताई गई है। विशेष टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयार रखा गया है।

इंस्पेक्टर से लेकर जवानों तक की तैनाती

नेमरा में केवल वरिष्ठ अधिकारियों को ही नहीं, बल्कि पुलिस निरीक्षक से लेकर लाठी बल और यातायात कर्मियों तक की अतिरिक्त तैनाती की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अतिरिक्त बल का विवरण इस प्रकार है:

पुलिस बल/पद संख्या
पुलिस इंस्पेक्टर 60
एएसआई से दारोगा स्तर तक 300
यातायात एएसआई से दारोगा स्तर तक 40
पुरुष लाठी बल 1,265
महिला लाठी बल 100
यातायात कर्मी 100

इनकी तैनाती से कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।

18 अक्टूबर को संस्कार भोज, 19 अक्टूबर की सुबह तक रहेगी तैनाती

रूपी सोरेन के संस्कार भोज का आयोजन 18 अक्टूबर को नेमरा में होना है। इसके मद्देनजर अतिरिक्त अधिकारियों और जवानों को तैनात किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विशेष तैनाती 19 अक्टूबर की सुबह तक प्रभावी रहेगी। कार्यक्रम में वीआईपी और आम लोगों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में निगरानी रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की जिम्मेदारी दी गई है।

भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर

नेमरा में संस्कार भोज और राज्यभर में दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही की संभावना है। ऐसे में पुलिस के सामने भीड़ को नियंत्रित रखने, यातायात सुचारु बनाए रखने और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखने की चुनौती है। रामगढ़ में सुपर जोन और जोन आधारित व्यवस्था के जरिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है।