12वें वेतन समझौते में देरी पर कोल कर्मियों का गुस्सा फूटा, धनबाद में BMS का कार्यकर्ता सम्मेलन

धनबाद में 12वें राष्ट्रीय वेतन समझौते में देरी के खिलाफ BMS का कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ। कोल इंडिया प्रबंधन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।

12वें वेतन समझौते में देरी पर कोल कर्मियों का गुस्सा फूटा, धनबाद में BMS का कार्यकर्ता सम्मेलन
बीएमएस ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी।

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  • 12वें राष्ट्रीय वेतन समझौते में देरी को लेकर धनबाद में BMS का कार्यकर्ता सम्मेलन
  • कोल इंडिया प्रबंधन के रवैये पर श्रमिक संगठनों ने जताई नाराजगी
  • BCCL के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों कार्यकर्ता सम्मेलन में हुए शामिल

धनबाद (Threesocieties.com Desk):  कोल इंडिया में 12वें राष्ट्रीय वेतन समझौते के गठन में हो रही देरी को लेकर कोयला कामगारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (BMS) के निर्णय के अनुपालन में धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ की ओर से 21 अगस्त 2026 को कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में कोल इंडिया प्रबंधन के रवैये पर चिंता जताते हुए आंदोलन को आगे तेज करने की चेतावनी दी गई।

कार्यकर्ता सम्मेलन के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के उपाध्यक्ष अंगद उपाध्याय ने कहा कि कोल इंडिया प्रबंधन 12वें वेतन समझौते को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। प्रबंधन की इस नकारात्मक नीति से कोयला कामगारों में काफी रोष है। उन्होंने कहा कि वेतन समझौते में लगातार देरी होने से कामगारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और इसका सीधा असर उनके कार्य उत्साह पर भी पड़ रहा है।

देरी जारी रही तो सीधी कार्रवाई की चेतावनी

अंगद उपाध्याय ने कहा कि 12वें वेतन समझौते में देरी के विरोध में अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ की ओर से पूरे कोल इंडिया की विभिन्न कंपनियों में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इन सम्मेलनों के माध्यम से प्रबंधन को कामगारों की नाराजगी से अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इसके बावजूद कोयला प्रबंधन अपनी मनमानी और नकारात्मक रवैये पर कायम रहता है तो संघ सीधी कार्रवाई करने को मजबूर होगा।

समय पर वेतन समझौता नहीं होने से आर्थिक नुकसान

सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि कोल इंडिया में कामगारों का वेतन समझौता समय पर नहीं होने का रिकॉर्ड बनता जा रहा है। समझौते में देरी के कारण कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान सहना पड़ता है। संगठन का आरोप है कि 12वें वेतन समझौते को लेकर प्रबंधन की गंभीरता की कमी से कामगारों में असंतोष बढ़ रहा है। अंगद उपाध्याय ने कोल इंडिया के सभी क्षेत्रों में काम करने वाले कोयला कामगारों से अपील की कि वे अपनी “चट्टानी एकता” का परिचय दें और वेतन समझौते की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

सैकड़ों कार्यकर्ता सम्मेलन में हुए शामिल

कार्यक्रम की अध्यक्षता धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मुरारी तांती ने की, जबकि संचालन महामंत्री उमेश कुमार सिंह ने किया। सम्मेलन में मातृ शक्ति की ओर से BCCL की महिला कल्याण समिति की सदस्य रेखा कुमारी समेत भारतीय मजदूर संघ झारखंड प्रदेश के कार्यसमिति सदस्य प्रभात कुमार सिंह और ओम कुमार सिंह, जिला सह मंत्री नवनीत कुमार सिंह मौजूद रहे।

धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ की ओर से कार्यकारी अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, उपाध्यक्ष मंतोष तिवारी, अरिजय श्रीवास्तव, एसके मिश्रा, संयुक्त महामंत्री भौमिक महतो, मंत्री संजीव सिंह, राजलाल यादव, लोकेश कुमार सिंह, संत कुमार चौहान, लालमोहन दास, संगठन मंत्री सुशील कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष प्रशान्त नियोगी और कार्यालय मंत्री अनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सम्मेलन में BCCL के विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय अध्यक्ष, सचिव और शाखा स्तर के पदाधिकारियों के साथ-साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान 12वें राष्ट्रीय वेतन समझौते में तेजी लाने, श्रमिक हितों की रक्षा करने और प्रबंधन पर दबाव बनाने को लेकर संगठन की रणनीति पर जोर दिया गया।

आंदोलन को लेकर बढ़ेगी सक्रियता

कार्यकर्ता सम्मेलन से यह संकेत मिला कि 12वें वेतन समझौते में देरी का मुद्दा अब कोयला श्रमिक संगठनों के बीच तेजी से बड़ा आंदोलन बन सकता है। BMS ने पहले चरण में कार्यकर्ता सम्मेलनों के माध्यम से श्रमिकों को लामबंद करना शुरू किया है। संगठन ने संकेत दिया है कि यदि प्रबंधन की ओर से जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन का अगला चरण और अधिक व्यापक हो सकता है।

कोयला कामगारों की मांग है कि वेतन समझौते की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी समाप्त कर जल्द से जल्द सकारात्मक पहल की जाए, ताकि कर्मचारियों को समय पर उनके वेतन संबंधी लाभ मिल सकें।