Dhanbad : कतरास में 20 घंटे बाद धरना खत्म, 5 लाख मुआवजा और 2 नौकरी पर बनी सहमति

कतरास के सलानपुर में माइनिंग सरदार श्यामल कुमार दास की मौत पर 20 घंटे चला धरना समाप्त हुआ। आरके माइनिंग कंपनी ने पांच लाख रुपये मुआवजा और दो नियोजन देने पर सहमति जतायी।

Dhanbad : कतरास में 20 घंटे बाद धरना खत्म, 5 लाख मुआवजा और 2 नौकरी पर बनी सहमति
माइनिंग सरदार की मौत पर 20 घंटे धरना, 5 लाख मुआवजा और 2 नौकरी।

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   HighLights:

  • कतरास के सलानपुर स्थित आरके माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी के मुख्य द्वार पर 20 घंटे चला धरना समाप्त
  • माइनिंग सरदार श्यामल कुमार दास (55) की मौत के बाद मुआवजे और नियोजन की मांग कर रहे थे परिजन 
  • कंपनी प्रबंधन ने पांच लाख रुपये मुआवजा और दो नियोजन देने पर सहमति जतायी
  • महापौर संजीव सिंह और जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने वार्ता में पहल की

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के कतरास क्षेत्र में सलानपुर स्थित आरके माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी में माइनिंग सरदार श्यामल कुमार दास (55) की मौत के बाद मुआवजे और नियोजन की मांग को लेकर चल रहा धरना मंगलवार को करीब 20 घंटे बाद समाप्त हो गया। महापौर संजीव सिंह और जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह की पहल पर कंपनी प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में मृतक के आश्रितों को पांच लाख रुपये मुआवजा और दो लोगों को नियोजन देने पर सहमति बनी। इसके बाद परिजनों ने कंपनी के मुख्य द्वार से शव हटा लिया और धरना समाप्त कर दिया।

माइनिंग सरदार की मौत के बाद परिजन मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर कंपनी के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गये थे। मामले को लेकर कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच वार्ता हुई। जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद मांगों पर सहमति बनने से गतिरोध समाप्त हुआ।

20 घंटे तक कंपनी के मुख्य द्वार पर चला धरना

जानकारी के अनुसार, श्यामल कुमार दास की रविवार रात कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। उनकी मौत के बाद परिजन सोमवार देर शाम शव लेकर सलानपुर स्थित आरके माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शव को कंपनी के मुख्य द्वार पर रख दिया और मुआवजे तथा मृतक के आश्रितों को नौकरी देने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गये।

परिजनों की मांग थी कि कंपनी प्रबंधन मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दे और आश्रितों के रोजगार की व्यवस्था करे। इस दौरान कंपनी के मुख्य द्वार पर करीब 20 घंटे तक धरना जारी रहा। मामले के समाधान के लिए मंगलवार को महापौर संजीव सिंह और जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने पहल की। कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता के बाद पांच लाख रुपये मुआवजा और दो नियोजन देने पर सहमति बनी।

पांच लाख मुआवजा और दो नियोजन पर सहमति

वार्ता के दौरान कंपनी प्रबंधन ने मृतक के आश्रितों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने और दो लोगों को नियोजन उपलब्ध कराने पर सहमति जतायी। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। परिजनों ने कंपनी के मुख्य द्वार से शव हटा लिया। मुआवजे और नियोजन पर सहमति बनने के बाद मामले का तत्काल समाधान हो गया। हालांकि, परिजनों की ओर से उठाये गये अन्य मुद्दों और श्रमिक सुविधाओं को लेकर भी चर्चा हुई।

इलाज पर 15 लाख रुपये खर्च होने का दावा

वार्ता के दौरान कंपनी के कर्मियों ने श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं और उनके अधिकारों से जुड़े सवाल उठाये। कर्मियों का आरोप था कि कंपनी में काम शुरू होने के बाद से श्रमिकों को पहचान पत्र, बीमा और मेडिकल कार्ड जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करायी गयी हैं। कर्मियों ने पेंशन की व्यवस्था और सुरक्षा से संबंधित व्यावसायिक प्रशिक्षण के नियमों के पालन पर भी सवाल उठाये। उनका कहना था कि श्रमिकों की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों का उचित तरीके से पालन होना चाहिए।

कर्मियों ने दावा किया कि श्यामल कुमार दास के इलाज पर करीब 15 लाख रुपये खर्च हुए थे। ऐसे में पांच लाख रुपये मुआवजे पर सहमति बनने के बावजूद उन्होंने इस राशि को अपर्याप्त बताया। हालांकि, इलाज पर हुए खर्च और श्रमिक सुविधाओं से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

रविवार रात अस्पताल में हुई थी मौत

जानकारी के मुताबिक, माइनिंग सरदार श्यामल कुमार दास की रविवार रात कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। उनकी मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल था। परिजनों ने कंपनी प्रबंधन से मुआवजे और रोजगार की मांग की थी। सोमवार देर शाम परिजन शव लेकर कंपनी कार्यालय पहुंचे और मुख्य द्वार पर रखकर धरना शुरू कर दिया। मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण धरना जारी रहा। मंगलवार को जनप्रतिनिधियों की पहल पर कंपनी प्रबंधन के साथ बातचीत हुई। वार्ता में मुआवजे और नियोजन पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हुआ।

वार्ता में कई लोग रहे मौजूद

कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच हुई वार्ता में कांग्रेस नेता अशोक लाल, राजीव सिंह, यूनियन नेता राजेंद्र प्रसाद राजा, सुरेश कुमार महतो सहित कई लोग मौजूद थे। कंपनी की ओर से अधिकारी भी वार्ता में शामिल हुए। इसके अलावा रामकनाली ओपी प्रभारी अलिशा कुमारी, हरेंद्र सिंह, रिंकू सिंह, कन्हाई चौहान और अमलेश सिंह सहित अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे।