धनबाद: भगतडीह कामनी कल्याण मुहल्ले में भू-धंसान, चार घर क्षतिग्रस्त; सड़क पर उतरे लोग, पहुंचे मेयर
धनबाद के कामनी कल्याण मोहल्ले में तेज आवाज के साथ भू-धंसान से अफरा-तफरी मच गई। करीब एक दर्जन घरों में दरारें आईं, जबकि चार घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। मेयर संजीव सिंह ने मौके पर पहुंचकर बीसीसीएल अधिकारियों से तत्काल राहत और सुरक्षा उपायों की मांग की।
HighLights:
- कामनी कल्याण मोहल्ले के करीब एक दर्जन घरों में पड़ी दरारें, चार घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त
- आक्रोशित लोगों ने झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग को किया जाम
- मेयर संजीव सिंह ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से की मुलाकात
- बीसीसीएल अधिकारियों से तत्काल राहत और सुरक्षा उपाय करने की मांग
धनबाद (Threesocieties.com Desk): झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग स्थित आरएसपी कॉलेज के समीप कामनी कल्याण मोहल्ले में शनिवार को अचानक तेज आवाज के साथ भू-धंसान होने से अफरा-तफरी मच गई। जमीन धंसने की घटना के बाद इलाके में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भू-धंसान की वजह से करीब एक दर्जन घरों की दीवारों में दरारें पड़ गईं, जबकि चार घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा और मुआवजे की मांग को लेकर झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सड़क जाम होने से यातायात भी प्रभावित रहा।
सड़क जाम कर लोगों ने जताया आक्रोश
भू-धंसान के बाद प्रभावित लोगों और स्थानीय निवासियों में काफी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना था कि इलाके में लंबे समय से जमीन के नीचे गतिविधियों को लेकर खतरा बना हुआ है। अचानक जमीन धंसने और घरों में दरार आने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।सूचना मिलने पर झरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी धनबाद के मेयर संजीव सिंह को भी दी।

मेयर संजीव सिंह पहुंचे मौके पर
स्थिति की जानकारी मिलते ही मेयर संजीव सिंह कामनी कल्याण मोहल्ले पहुंचे। उन्होंने भू-धंसान प्रभावित इलाके का जायजा लिया और क्षतिग्रस्त घरों का निरीक्षण किया। मेयर ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

मेयर ने बस्ताकोला के महाप्रबंधक एसके गायकवाड़ समेत बीसीसीएल के वरीय अधिकारियों से फोन पर बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल राहत और आवश्यक कार्रवाई शुरू करने को कहा। इसके बाद बस्ताकोला के महाप्रबंधक एसके गायकवाड़ और राजापुर परियोजना पदाधिकारी एम. कुंडू दल-बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। बीसीसीएल अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
ब्लास्टिंग और ओबी डंपिंग पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने भू-धंसान की घटना के लिए राजापुर परियोजना में हो रही ब्लास्टिंग और ट्रेंच कटिंग के समीप ओबी डंपिंग को जिम्मेदार बताया। लोगों का आरोप है कि खनन गतिविधियों के कारण इलाके में जमीन अस्थिर हो रही है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि वे कई पुश्तों से रैयती जमीन पर रह रहे हैं। अचानक घरों में दरार आने से परिवारों के सामने जान-माल की सुरक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लोगों ने बीसीसीएल प्रबंधन से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और खतरे वाले इलाके से सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग की।
चार परिवारों को सुरक्षित स्थान पर कराया गया शिफ्ट
भू-धंसान के बाद चार घरों को अति खतरनाक घोषित करते हुए वहां रहने वाले परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया गया। आशीष रवानी, बेबी देवी, निरंजन रवानी और विश्वजीत दे के परिवारों को माइंस रेस्क्यू स्टेशन परिसर स्थित पुराने जीएम बंगला और खाली आवासों में अस्थायी रूप से रखा गया है। मेयर संजीव सिंह ने कहा कि लोगों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बीसीसीएल अधिकारियों से प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, राहत और आगे की स्थिति पर तत्काल ध्यान देने को कहा।
लोगों के सुरक्षित होने के बाद खत्म हुआ सड़क जाम
चार प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग से जाम हटा लिया। इसके बाद यातायात सामान्य हुआ।हालांकि, घटना के बाद इलाके के लोगों में अभी भी दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों की मांग है कि भू-धंसान के कारणों की गंभीरता से जांच कराई जाए और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुरक्षा उपाय किए जाएं।
कामनी कल्याण की घटना ने एक बार फिर धनबाद के कोयलांचल क्षेत्र में खनन गतिविधियों और आबादी की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर बीसीसीएल और प्रशासन की ओर है कि प्रभावित परिवारों के लिए राहत, मुआवजा और स्थायी पुनर्वास को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
Anjala Kumar 



