Dhanbad : ‘सहयोग’ के नाम पर प्रिंस खान की नई रंगदारी! कारोबारी से 5 करोड़ और हर माह 20 लाख की मांग

प्रिंस खान के नाम से अंकुर बायोकेम कारोबारी के बिजनेस पार्टनर को WhatsApp संदेश भेजकर 5 करोड़ रुपये एकमुश्त और 20 लाख रुपये मासिक रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस और स्पेशल ब्रांच जांच में जुटी है।

Dhanbad : ‘सहयोग’ के नाम पर प्रिंस खान की नई रंगदारी! कारोबारी से 5 करोड़ और हर माह 20 लाख की मांग
अंकुर बायोकेम के मालिक से सहयोग’ के नाम पर प्रिंस खान की नई रंगदारी!

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    HighLights:

  • अंकुर बायोकेम के कारोबारी से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये एकमुश्त रंगदारी मांगी गई
  • हर महीने 20 लाख रुपये ‘सहयोग राशि’ देने का WhatsApp मैसेज भेजे जाने का दावा
  • सीधे कारोबारी से संपर्क नहीं होने पर बिजनेस पार्टनर को भेजा गया संदेश
  • धमकी के बजाय ‘सहयोग’ और ‘प्रोटेक्शन’ के लहजे में संदेश भेजने की बात सामने आई

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयला राजधानी धनबाद के कुख्यात और फरार गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम से एक बार फिर बड़ी रंगदारी मांग का मामला सामने आया है। इस बार रंगदारी की मांग का तरीका पहले से अलग बताया जा रहा है। निरसा के डूभी स्थित अंकुर बायोकेम के कारोबारी महेंद्र शर्मा के बिजनेस पार्टनर एस. साहू के WhatsApp पर कथित तौर पर प्रिंस खान की ओर से संदेश भेजकर एकमुश्त 5 करोड़ रुपये और हर माह 20 लाख रुपये देने की मांग की गई है।

बताया जा रहा है कि संदेश में सीधे तौर पर धमकी देने के बजाय ‘सहयोग’ और ‘सुरक्षा’ की बात करते हुए रकम देने की अपील की गई। मामले की शिकायत कारोबारी की ओर से वरीय पुलिस अधिकारियों से की गई है। पुलिस के साथ-साथ स्पेशल ब्रांच और अन्य जांच एजेंसियां भी पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं।

कारोबारी के बिजनेस पार्टनर के WhatsApp पर आया संदेश

जानकारी के अनुसार, प्रिंस खान और उसके सहयोगी मेजर की ओर से पूर्व में WhatsApp कॉलिंग के माध्यम से कारोबारी महेंद्र शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया था। लगातार धमकियां मिलने के बाद कारोबारी ने अपना निजी मोबाइल नंबर बदल लिया था।इसके बाद कथित तौर पर प्रिंस खान के लोगों ने कारोबारी के नए नंबर की तलाश के बजाय उनके बिजनेस पार्टनर एस. साहू के WhatsApp पर संपर्क किया। इसी माध्यम से कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये एकमुश्त और 20 लाख रुपये प्रति माह देने की मांग की गई।

‘धमकी’ नहीं, ‘सहयोग’ के नाम पर रंगदारी!

इस बार भेजे गए कथित WhatsApp संदेश का अंदाज पहले के मुकाबले अलग बताया जा रहा है। संदेश में कारोबारी को धनबाद में कहीं भी कारोबार करने में परेशानी नहीं होने देने की बात कही गई है। कथित संदेश में गैंग चलाने, जेल में बंद गैंग के सदस्यों की देखभाल और उनके मुकदमों में होने वाले भारी खर्च का हवाला देते हुए कारोबारी से सहयोग करने की अपील की गई। साथ ही कारोबारी के बड़े कारोबार का उल्लेख करते हुए आर्थिक सहयोग की मांग की गई। यानी, इस बार संदेश में सीधे धमकी देने के बजाय ‘प्रोटेक्शन मनी’ और ‘सहयोग’ के नाम पर रकम मांगने का तरीका अपनाए जाने की बात सामने आई है।

पांच करोड़ एकमुश्त और 20 लाख हर महीने की मांग

मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक कथित WhatsApp संदेश में 5 करोड़ रुपये एकमुश्त देने के अलावा हर महीने 20 लाख रुपये देने की मांग की गई है। रंगदारी की इतनी बड़ी रकम की मांग सामने आने के बाद कारोबारी और उनके सहयोगियों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस गंभीर हुई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि WhatsApp पर संदेश वास्तव में किस नंबर से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

बिहार में 6,000 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से जुड़ रहा मामला

मामले में बिहार के प्रस्तावित बड़े निवेश का एंगल भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, 6 अगस्त को पटना में आयोजित बिहार बिजनेस कनेक्ट कार्यक्रम में अंकुर स्टील की ओर से बिहार में करीब 6,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश की घोषणा की गई थी।प्रस्तावित निवेश में स्टील प्लांट के साथ बायो-केमिकल से जुड़ी परियोजनाएं स्थापित किए जाने की बात सामने आई थी।पुलिस सूत्रों के अनुसार, बड़े निवेश की सार्वजनिक घोषणा के बाद कारोबारी की आर्थिक क्षमता और कारोबार को देखते हुए गैंग की नजर दोबारा उनकी ओर गई हो सकती है। हालांकि, निवेश और रंगदारी मांग के बीच सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

दिसंबर 2025 की रंगदारी से भी जुड़ रही कड़ियां

मौजूदा मामले की कड़ियां दिसंबर 2025 में सामने आए घटनाक्रम से भी जोड़ी जा रही हैं। उस समय प्रिंस खान के नाम से एक ऑडियो जारी कर कारोबारी महेंद्र शर्मा से कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की बात सामने आई थी।इसके दो दिन बाद एक अन्य ऑडियो सामने आया था, जिसमें रंगदारी की धमकी वापस लेने और ‘साइको’ नामक व्यक्ति द्वारा प्रिंस खान के नाम पर धमकी देने का दावा किया गया था। अब एक बार फिर पांच करोड़ रुपये की मांग सामने आने के बाद पुलिस पुराने घटनाक्रम और वर्तमान WhatsApp संदेश के बीच संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।

सुरक्षा घेरे में कारोबारी, फैक्ट्री में भी कड़ी निगरानी

लगातार धमकियों के मद्देनजर कारोबारी महेंद्र शर्मा की सुरक्षा बढ़ाए जाने की जानकारी है। जिला प्रशासन की ओर से सरकारी अंगरक्षक उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा निजी हथियारबंद सुरक्षाकर्मी भी कारोबारी के साथ रहते हैं। निरसा के डूभी स्थित अंकुर बायोकेम परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। फैक्ट्री परिसर में प्रवेश के दौरान मेटल डिटेक्टर से जांच और वाहनों की निगरानी जैसी व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है।

रांची में की गई शिकायत, निरसा थाने में नहीं

इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि कारोबारी की ओर से रंगदारी मांग की शिकायत निरसा क्षेत्र के किसी थाने में नहीं की गई है। शिकायत रांची में वरीय पुलिस अधिकारियों के समक्ष किए जाने की बात सामने आई है। निरसा एसडीपीओ लीलेश्वर महतो के अनुसार, मामले में निरसा क्षेत्र के किसी थाने में शिकायत नहीं की गई है और जांच के लिए निरसा पुलिस की कोई टीम कारोबारी के पास नहीं गई है। वहीं, पुलिस स्तर पर WhatsApp नंबर, संदेश और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। स्पेशल ब्रांच समेत अन्य एजेंसियों की सक्रियता से संकेत है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

पुलिस के लिए कई सवाल

पूरे घटनाक्रम में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। WhatsApp संदेश वास्तव में किसने भेजा? इस्तेमाल किया गया नंबर किसके नाम पर है? क्या संदेश प्रिंस खान या उसके गिरोह से जुड़ा है? क्या इसके पीछे कोई स्थानीय नेटवर्क काम कर रहा है? और क्या प्रस्तावित बड़े निवेश की घोषणा के बाद कारोबारी को निशाना बनाया गया? इन सभी सवालों के जवाब तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सामने आने की उम्मीद है।

फिलहाल, 5 करोड़ रुपये एकमुश्त और 20 लाख रुपये मासिक की कथित रंगदारी मांग ने धनबाद के कारोबारी जगत में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि WhatsApp संदेश के पीछे वास्तव में कौन था और उसका प्रिंस खान गैंग से कितना संबंध है।