जमुई वायरल वीडियो केस: 5 आरोपी गिरफ्तार, एनकाउंटर में नंदन घायल; SP ने बताई स्टोरी

जमुई वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक नंदन यादव ने फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ। SP ने पूरी कहानी बताई।

जमुई वायरल वीडियो केस:  5 आरोपी गिरफ्तार, एनकाउंटर में नंदन घायल; SP ने बताई स्टोरी
जमुई वायरल वीडियो केस में 5 गिरफ्तार, पुलिस फायरिंग में मुख्य आरोपी घायल।

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  • जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके के मामले में पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया
  • पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी नंदन यादव ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की
  • पुलिस की जवाबी कार्रवाई में नंदन यादव के दाहिने पैर में गोली लगी
  • दूसरे मुख्य आरोपी हरेराम यादव को भी पुलिस ने नदी किनारे से पकड़ा

जमुई (Threesocieties.com Desk): बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा से जुड़ी अमानवीय घटना के वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन नाबालिग और दो मुख्य आरोपी शामिल बताए जा रहे हैं। मंगलवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव और हरेराम यादव को सदर थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव के समीप नदी किनारे से पकड़ा।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान नंदन यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें नंदन यादव के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे पुलिस अभिरक्षा में जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, भागने की कोशिश के दौरान हरेराम यादव भी घायल हुआ है। मंगलवार को जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और बताया कि पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

21 सितंबर को वायरल वीडियो की मिली थी सूचना

एसपी के अनुसार 21 सितंबर को नाबालिग छात्रा से संबंधित वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी पुलिस को मिली थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल विशेष जांच टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मामले में शामिल लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया। सोमवार को पुलिस ने तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इसी पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपियों तक पहुंची।

नदी किनारे झाड़ी में छिपे थे मुख्य आरोपी

एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव और हरेराम यादव प्रतापपुर गांव के बाहर नदी के समीप झाड़ियों में छिपे हुए हैं। सूचना मिलने के बाद एसआईटी और पुलिस टीम ने तत्काल इलाके की घेराबंदी की। पुलिस की गतिविधि देखकर एक युवक वहां से भागने लगा। पुलिस ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान हरेराम यादव के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार भागने के दौरान गिरने की वजह से उसके पैर में चोट लगी थी।

हरेराम से पूछताछ के बाद नंदन तक पहुंची पुलिस

पुलिस के मुताबिक हरेराम यादव से पूछताछ के दौरान नंदन यादव के आसपास छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में दोबारा घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। एसपी के अनुसार पुलिस जब नंदन यादव के करीब पहुंची तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में नंदन यादव के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल भेजा। पुलिस का कहना है कि घायल आरोपी का इलाज पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है।

पांच आरोपी गिरफ्तार, अन्य की भूमिका की जांच

पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें सोमवार को पकड़े गए तीन नाबालिग और मंगलवार को गिरफ्तार किए गए दो मुख्य आरोपी नंदन यादव तथा हरेराम यादव शामिल हैं। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। उपलब्ध वीडियो, तकनीकी साक्ष्य, आरोपियों से पूछताछ और अन्य तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। एसपी ने कहा कि जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

नंदन और हरेराम के पुराने कनेक्शन की भी जांच

एसपी के अनुसार गिरफ्तार दोनों मुख्य आरोपी बालिग हैं। प्रारंभिक जांच में दोनों के पूर्व में बालू और शराब के अवैध कारोबार से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस दोनों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों के साथ उनका क्या संबंध था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वायरल वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी पुलिस का शिकंजा

मामले में पुलिस ने सिर्फ घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ ही कार्रवाई नहीं की है, बल्कि नाबालिग पीड़िता से संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी ने स्पष्ट किया कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है। इसी आधार पर वीडियो के प्रसारण से संबंधित मामले में साइबर थाना में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार करीब 120 साइट और सोशल मीडिया प्रोफाइल को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने वीडियो प्रसारित करने के आरोप में जमुई जिले के रामाशीष चौधरी सहित तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो सबसे पहले किसने बनाया, किसने प्रसारित किया और इसे आगे किन-किन लोगों ने शेयर किया।

पुलिस की लोगों से अपील

एसपी विश्वजीत दयाल ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता से संबंधित वीडियो को न तो खुद प्रसारित करें और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को भेजें। पुलिस के अनुसार इस तरह के वीडियो को शेयर करना पीड़िता की पहचान उजागर कर सकता है और कानून के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे वीडियो और उनसे जुड़े अकाउंट की भी निगरानी कर रही है।

जांच में सामने आएगा पूरा घटनाक्रम

जमुई पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। घटना से जुड़े वीडियो, तकनीकी साक्ष्य, आरोपियों से पूछताछ और अन्य उपलब्ध सबूतों को जांच में शामिल किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी क्या भूमिका थी। साथ ही वीडियो बनाने और उसके प्रसार से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसपी ने कहा है कि जांच के दौरान जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दीप्ति मोनाली, पुलिस निरीक्षक सह सदर थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार, मलयपुर थानाध्यक्ष शेखर सुमन, सदर थाना के पुअनि विवेक कुमार, डीआईयू प्रभारी सहित पुलिस बल के अन्य अधिकारी और जवान मौजूद थे।

नोट: नाबालिग पीड़िता की पहचान की गोपनीयता बनाए रखना कानूनन आवश्यक है। इसलिए खबर में पहचान उजागर करने वाली किसी भी जानकारी को प्रकाशित नहीं किया गया है।