72nd National Film Award : कार्तिक -ममूटी बेस्ट एक्टर, यामी गौतम बेस्ट एक्ट्रेस

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में कार्तिक आर्यन और ममूटी बेस्ट एक्टर, यामी गौतम बेस्ट एक्ट्रेस बनीं। अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिला।

72nd National Film Award : कार्तिक -ममूटी बेस्ट एक्टर, यामी गौतम बेस्ट एक्ट्रेस
कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए बेस्ट एक्टर का पुरस्कार।

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      HighLights:

  • 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का समारोह गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में आयोजित हुआ
  • कार्तिक आर्यन को चंदू चैंपियन और ममूटी को ब्रह्मयुगम के लिए संयुक्त रूप से बेस्ट एक्टर का पुरस्कार 
  • यामी गौतम को आर्टिकल 370 के लिए बेस्ट एक्ट्रेस आर्टिकल 370 को बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार 
  • दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 का दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया

एकता नगर, गुजरात (Threesocieties.com Desk): भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में सितारों का सम्मान हुआ। वर्ष 2024 की फिल्मों और कलाकारों के लिए घोषित इन पुरस्कारों में कार्तिक आर्यन, ममूटी और यामी गौतम ने अभिनय श्रेणियों में प्रमुख सम्मान हासिल किए। वहीं दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके पांच दशक से अधिक लंबे योगदान के लिए वर्ष 2024 का दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्तिक आर्यन और ममूटी बने बेस्ट एक्टर

चंदू चैंपियन में अभिनय के लिए कार्तिक आर्यन और मलयालम फिल्म ब्रह्मयुगम के लिए ममूटी को बेस्ट एक्टर इन ए लीडिंग रोल का पुरस्कार संयुक्त रूप से दिया गया। दोनों कलाकारों को इस श्रेणी में साझा विजेता घोषित किया गया था। कार्तिक आर्यन के लिए यह सम्मान खास है। चंदू चैंपियन में उन्होंने मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाया था। पुरस्कार मिलने के बाद उन्होंने इसे भावुक और अविश्वसनीय अनुभव बताया।

यामी गौतम को बेस्ट एक्ट्रेस का सम्मान

यामी गौतम को आर्टिकल 370 में उनकी भूमिका के लिए बेस्ट एक्ट्रेस इन ए लीडिंग रोल का पुरस्कार मिला। इसी फिल्म को समारोह में बेस्ट फीचर फिल्म का भी सम्मान मिला। आर्टिकल 370 के लिए यह दोहरी उपलब्धि रही। फिल्म का निर्देशन आदित्य सुहास जांभले ने किया है और इसके निर्माता Jio Studios तथा B62 Studios हैं।

KGF अभिनेता अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के

समारोह का एक बड़ा आकर्षण दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया जाना रहा। सरकार ने सितंबर 2026 में उनके नाम की घोषणा की थी। यह सम्मान भारतीय सिनेमा में उनके पांच दशकों से अधिक लंबे योगदान के लिए दिया गया है।अनंत नाग ने कन्नड़ फिल्म संकल्प से अभिनय की शुरुआत की और अंकुर से हिंदी सिनेमा में कदम रखा।

उन्होंने कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और मराठी सहित कई भाषाओं की 300 से अधिक फिल्मों में अलग-अलग भूमिकाएं निभाई हैं। मालगुडी डेज में भी उनका महत्वपूर्ण काम रहा है। अनंत नाग को पांच फिल्मफेयर पुरस्कार और पांच कर्नाटक राज्य सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार भी मिल चुके हैं। भारत सरकार ने उन्हें 2025 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था।

‘अमरन’ के निर्देशक राजकुमार पेरियासामी को बेस्ट डायरेक्टर

तमिल फिल्म अमरन के लिए राजकुमार पेरियासामी को बेस्ट डायरेक्शन का पुरस्कार मिला। वहीं रणदीप हुड्डा को स्वातंत्र्य वीर सावरकर के लिए बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर का सम्मान मिला।

‘कल्कि 2898 एडी’ को भी बड़ा सम्मान

प्रभास, अमिताभ बच्चन और दीपिका पादुकोण स्टारर कल्कि 2898 एडी को बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट का पुरस्कार दिया गया। पुष्पा: द रूल पार्ट-02, स्त्री 2, भूल भुलैया 3 और अमरन जैसी फिल्मों को भी अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान मिला।

राष्ट्रपति मुर्मू की फिल्म स्टार्स से खास अपील

समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फिल्म कलाकारों के सामाजिक प्रभाव का उल्लेख करते हुए लोकप्रिय कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों का प्रचार नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मशहूर कलाकारों की बात लाखों बच्चे और युवा फॉलो करते हैं, इसलिए उनके संदेश का प्रभाव व्यापक होता है। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की ज्यूरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में छोटे कलाकारों, असिस्टेंट्स और अन्य क्रिएटिव वर्कर्स के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की बात रखी।

दिल्ली से बाहर पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह इस बार एकता नगर, केवड़िया में आयोजित किया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को भविष्य में राष्ट्रीय राजधानी से बाहर अलग-अलग राज्यों और शहरों तक ले जाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत 1954 में हुई थी। सात दशकों से अधिक समय में इन पुरस्कारों का दायरा फीचर फिल्म, नॉन-फीचर फिल्म और सिनेमा पर लेखन सहित कई श्रेणियों तक पहुंचा है। 72वें संस्करण में फीचर फिल्म सेक्शन में 26, नॉन-फीचर फिल्म सेक्शन में 16 और सिनेमा पर लेखन में 2 श्रेणियां हैं। इनके अलावा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भी दिया जाता है।

पुरस्कार राशि में भी हुआ बड़ा बदलाव

समय के साथ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की पुरस्कार राशि में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान संरचना के अनुसार फीचर और नॉन-फीचर फिल्मों की प्रमुख श्रेणियों में पुरस्कार राशि ₹2 लाख से ₹3 लाख तक है। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ₹10 लाख की नकद राशि निर्धारित है।यानी सात दशक से अधिक पुराने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार आज भारतीय सिनेमा के अलग-अलग भाषाई, क्षेत्रीय और रचनात्मक स्वरूपों को एक मंच पर सम्मानित करने वाले बड़े राष्ट्रीय समारोह के रूप में विकसित हो चुके हैं।