JPSC-JSSC विवाद: परीक्षा रद फिर भी नहीं थमा छात्रों का आंदोलन, लिखित नोटिफिकेशन और CBI जांच पर अड़े
JPSC-JSSC परीक्षा रद करने की सरकार की घोषणा के बावजूद रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्र लिखित नोटिफिकेशन और CBI जांच की मांग पर अड़े हैं।
HighLights:
- JPSC-JSSC की विवादित परीक्षाएं रद करने की घोषणा के बाद भी रांची में छात्रों का धरना जारी
- छात्र लिखित अधिसूचना जारी करने और कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग पर अड़े
- 25वें दिन भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन, बारिश के बीच छात्रों ने बनाई आगे की रणनीति
- 20 अगस्त को प्रस्तावित CM आवास घेराव फिलहाल स्थगित, नोटिफिकेशन के बाद होगा अगला फैसला
रांची (Threesocieties.com Desk): सरकार की ओर से जेपीएससी-जेएसएससी की विवादित परीक्षाओं को रद करने की घोषणा के बावजूद रांची में छात्रों का आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। छात्र अब सरकार की घोषणा को लिखित आदेश में बदलने और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 25वें दिन भी जारी रहा। दिनभर हुई भारी बारिश के बावजूद आंदोलनकारी धरना स्थल से नहीं हटे। छात्रों के बीच सरकार की घोषणा को लेकर खुशी जरूर दिखी, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि केवल घोषणा के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
सरकार के नोटिफिकेशन का इंतजार
छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार ने जिन परीक्षाओं को रद करने की घोषणा की है, उसका विधिवत लिखित नोटिफिकेशन जारी होना जरूरी है। नोटिफिकेशन सामने आने के बाद ही छात्र यह देखेंगे कि उनकी ओर से जिन परीक्षाओं को रद करने की मांग की गई थी, उन्हें वास्तव में रद किया गया है या नहीं। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच से जुड़े रवींद्र पासवान और पीयूष कुमार ने कहा कि सरकार के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। लिखित आदेश मिलने के बाद ही आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद करने की घोषणा सकारात्मक कदम है, लेकिन जब तक उसका आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता, तब तक उनके बीच संशय बना रहेगा।
CBI जांच को लेकर अब भी अड़े छात्र
छात्रों की दूसरी बड़ी मांग परीक्षा में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों की CBI जांच है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सिर्फ परीक्षा रद करने से पूरे विवाद का समाधान नहीं होगा। छात्र यह जानना चाहते हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी कैसे हुई, इसके लिए कौन जिम्मेदार है और यदि किसी को गलत तरीके से लाभ मिला है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी। छात्र नेताओं का कहना है कि CBI जांच से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सकती है और कथित अनियमितताओं की जड़ तक पहुंचा जा सकता है। उनका कहना है कि दोषियों की पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि ईमानदारी से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।
बारिश में भी जारी रहा प्रदर्शन
मंगलवार को रांची में लगातार बारिश होती रही, इसके बावजूद छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे रहे। सरकार की ओर से परीक्षा रद करने की घोषणा के बाद आंदोलन स्थल पर खुशी का माहौल भी दिखा, लेकिन छात्रों ने दिनभर बैठकर आगे की रणनीति पर चर्चा की। छात्रों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि सरकार का लिखित आदेश आने के बाद आंदोलन को किस दिशा में ले जाया जाए। सीबीआई जांच की मांग और सरकार की ओर से जारी होने वाले नोटिफिकेशन को लेकर भी छात्रों ने विचार-विमर्श किया।
20 अगस्त का CM आवास घेराव फिलहाल स्थगित
आंदोलनकारियों ने 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया है। छात्र नेताओं के मुताबिक, सरकार की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक नोटिफिकेशन के बाद इस कार्यक्रम को लेकर आगे फैसला लिया जाएगा।रवींद्र पासवान ने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। यह आंदोलन भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के भविष्य की सुरक्षा को लेकर है। उनका कहना है कि सरकार ने छात्रों की कुछ मांगों को स्वीकार किया है, जिसके लिए छात्र सरकार के आभारी हैं। लेकिन जब तक सभी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और लिखित निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन समाप्त करने का फैसला नहीं लिया जाएगा।
अनशन भी जारी
धरना स्थल पर छात्रों का अनशन भी जारी है। उपलब्ध विवरण के अनुसार कुछ छात्र कई दिनों से अनशन पर हैं और सरकार से ठोस लिखित निर्णय की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उन्होंने लगातार बारिश, भूख हड़ताल और अन्य परेशानियों के बावजूद अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा है। सरकार की ओर से परीक्षा रद करने की घोषणा को वे आंदोलन की बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं, लेकिन अब उनकी नजर आधिकारिक नोटिफिकेशन और CBI जांच पर है।
घोषणा के बाद भी क्यों जारी है आंदोलन?
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल परीक्षा रद कराने तक सीमित नहीं है। उनकी मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। आंदोलनकारियों के मुताबिक, लिखित आदेश के बिना केवल मौखिक घोषणा पर भरोसा करना उनके लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए सरकार का आधिकारिक नोटिफिकेशन सामने आने के बाद ही वे अगला कदम तय करेंगे।
फिलहाल रांची में JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। सरकार की घोषणा के बाद अब सबकी नजर आधिकारिक नोटिफिकेशन और छात्रों की CBI जांच की मांग पर सरकार के रुख पर है।
News Desk 



