बोकारो में साइबर ठगों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 9 गिरफ्तार; बिहार से संचालित हो रहा था पूरा नेटवर्क
बोकारो पुलिस ने साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बैंककर्मी और ट्रैवल एजेंट बनकर ठगी करने वाले इस गिरोह का बिहार कनेक्शन सामने आया है। पुलिस ने नकदी, मोबाइल, पासबुक, डेबिट कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
HighLights:
- बोकारो पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया
- आरोपी बैंककर्मी और ट्रैवल एजेंट बनकर लोगों को झांसा देते थे
- गिरोह का नेटवर्क बिहार से संचालित होने की बात जांच में सामने आई
- 43,100 रुपये नकद, 18 पासबुक, 10 मोबाइल, 10 डेबिट कार्ड, 9 सिम और 3 चेकबुक बरामद
- ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों को होल्ड कराया गया
बोकारो (Threesocieties.com Desk): झारखंड के बोकारो में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बोकारो में रहकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था, जबकि पूरे नेटवर्क का संचालन बिहार से किया जा रहा था। पुलिस अब इस गिरोह के सरगनाओं और संरक्षकों की तलाश में जुट गई है।
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बैंक अधिकारी और ट्रैवल एजेंट बनकर बनाते थे शिकार
बोकारो के एसपी नाथू सिंह मीणा ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाते थे। आरोपी खुद को बैंक अधिकारी या आरएम टूर एंड ट्रैवल्स का एजेंट बताकर लोगों से संपर्क करते थे। पहले विश्वास जीतते थे और फिर बैंकिंग प्रक्रिया, टिकट बुकिंग या अन्य सेवाओं के नाम पर लोगों से पैसे अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।
9 आरोपी गिरफ्तार, बिहार से जुड़े तार
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें सम्राट कुमार विनय, निरंजा कुमार, सुदामा कुमार, नीतीश कुमार, सुबोध कुमार, प्रेमचंद कुमार, धर्मराज कुमार, बृजेश कुमार और रवि प्रभाकर शामिल हैं। इनमें सम्राट कुमार विनय बोकारो सेक्टर-3 का निवासी है, जबकि बाकी आरोपी बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़े हुए हैं। पूछताछ में पता चला है कि गिरोह का संचालन बिहार में बैठे लोगों के इशारे पर किया जा रहा था।
नकदी, मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेज जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में साइबर ठगी से जुड़े सामान बरामद किए हैं। बरामदगी में शामिल हैं— 43,100 रुपये नकद, 18 बैंक पासबुक, 3 चेकबुक, 10 डेबिट कार्ड, 9 सिम कार्ड व 10 मोबाइल फोन। पुलिस ने ठगी की रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी, उन्हें तत्काल प्रभाव से बैंक के माध्यम से होल्ड भी करा दिया है ताकि आगे किसी प्रकार का लेन-देन न हो सके।
बिहार में बैठे सरगनाओं की तलाश जारी
एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच में स्पष्ट हुआ है कि गिरोह के मुख्य संचालक और संरक्षक बिहार में बैठे हुए हैं। पुलिस अब दूसरे राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई कर रही है।
मकान मालिक भी जांच के दायरे में
पुलिस अब उस मकान मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसके मकान में रहकर आरोपी साइबर ठगी का धंधा चला रहे थे। यदि जांच में उनकी संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा गिरफ्तार सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं या नहीं।
साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
बोकारो पुलिस का कहना है कि जिले में साइबर अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी अनजान कॉल, बैंक अधिकारी या ट्रैवल एजेंट के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी तरह सत्यापन जरूर करें।




