जन्माष्टमी पर गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो’, मथुरा-द्वारका में प्रकट हुए कान्हा

जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन, द्वारका, पटना समेत देशभर में कृष्ण जन्मोत्सव की धूम रही। मथुरा में सोने की कामधेनु से अभिषेक, 500 ड्रोन से कृष्ण लीलाएं और नाथद्वारा में 21 तोपों की सलामी दी गई।

जन्माष्टमी पर गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो’, मथुरा-द्वारका में प्रकट हुए कान्हा
आधी रात गूंजा ‘नंद के घर आनंद भयो’, मथुरा में 500 ड्रोन से दिखी कृष्ण लीला।

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नई दिल्ली/मथुरा(Threesocieties.com Desk): देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी की धूम रही। शुक्रवार की रात जैसे ही घड़ी की सुई 12 पर पहुंची, मथुरा-वृंदावन से लेकर द्वारका, जगन्नाथ पुरी, जयपुर, पटना और देश के दूसरे प्रमुख कृष्ण मंदिरों में ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंज उठे। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ ही श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे।

मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से लेकर विश्वप्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर तक मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक झांकियों से सजाया गया। जन्मोत्सव के दौरान मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।

मथुरा में कान्हा का भव्य अभिषेक

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में जन्माष्टमी का मुख्य आकर्षण श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आयोजित जन्मोत्सव रहा। आधी रात भगवान के प्राकट्य के बाद विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक किया गया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि में सोने की कामधेनु से भगवान कृष्ण का अभिषेक किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए।जन्मोत्सव को भव्य बनाने के लिए विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं के बीच कृष्ण जन्म की खुशी देखते ही बन रही थी।

500 ड्रोन ने आसमान में दिखाई कृष्ण की लीलाएं

मथुरा में इस बार जन्माष्टमी समारोह में आधुनिक तकनीक का भी शानदार इस्तेमाल किया गया। रात में 500 ड्रोन के जरिए आसमान में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भव्य प्रदर्शन किया गया। आसमान में एक साथ सैकड़ों ड्रोन के जरिए कृष्ण की विभिन्न लीलाओं और धार्मिक प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक मौजूद रहे।

मथुरा में 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शाम 6 बजे तक ही 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। इसके बाद रात में श्रीकृष्ण जन्म के समय भी बड़ी संख्या में भक्त मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचे।मथुरा-वृंदावन में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए। मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई।

बांकेबिहारी मंदिर में जयकारों से गूंजा वृंदावन

वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भी जन्माष्टमी का उल्लास देखते ही बना। मंदिर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। भगवान के जन्म के समय मंदिर परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा। भगवान के जन्म की खुशी में भक्तों ने जमकर उत्सव मनाया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर कान्हा के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।

द्वारका में भी आधी रात को प्रकट हुए श्रीकृष्ण

गुजरात के द्वारका स्थित प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष आयोजन किए गए। इससे पहले मंदिर में मंगला आरती हुई। आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर में उत्सव का माहौल बन गया। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान द्वारकाधीश के दर्शन किए और जन्माष्टमी के पर्व में हिस्सा लिया।

जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर में विशेष आयोजन

राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रसिद्ध गोविंद देव जी मंदिर में भी जन्माष्टमी पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। जन्मोत्सव से पहले मंगला आरती सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हुए। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे शहर में कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर धार्मिक उत्साह देखने को मिला।

नाथद्वारा में 21 तोपों की सलामी

राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को खास अंदाज में मनाया गया। भगवान के जन्म के अवसर पर 21 तोपों की सलामी दी गई। इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। भगवान के जन्म के साथ ही श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और उत्सव मनाया।

पटना इस्कॉन मंदिर में 108 चांदी के कलश से अभिषेक

बिहार की राजधानी पटना में भी जन्माष्टमी को लेकर खास तैयारियां की गई थीं। पटना स्थित इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का 108 चांदी के कलश से अभिषेक किया गया। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। जन्माष्टमी समारोह के लिए अलग-अलग प्रकार के करीब 8 टन फूल मंगाए गए थे। फूलों की सजावट से मंदिर परिसर का नजारा बेहद आकर्षक नजर आया।

दिल्ली से पुरी तक कृष्ण भक्ति में डूबा देश

जन्माष्टमी के अवसर पर दिल्ली के इस्कॉन मंदिर सहित देश के तमाम प्रमुख कृष्ण मंदिरों में विशेष पूजा, आरती और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जगन्नाथ पुरी सहित कई धार्मिक स्थलों पर भी आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया गया।देश के मंदिरों में कहीं फूलों से भव्य सजावट की गई तो कहीं झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं और जीवन प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया।

आधी रात को हुआ कान्हा का प्राकट्य, भक्तों ने मनाया उत्सव

भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय मंदिरों में शंख और घंटियों की ध्वनि गूंजने लगी। श्रद्धालुओं ने ‘जय कन्हैया लाल की’, ‘नंद के घर आनंद भयो’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारे लगाए। कहीं भगवान को झूले में विराजमान कराया गया तो कहीं विशेष पोशाक और आभूषणों से उनका श्रृंगार किया गया। जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर देशभर में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर नजर आए।