जमशेदपुर: निखार हत्याकांड के बाद फिर खूनी गैंगवार की साजिश, गणेश सिंह गैंग के सदस्य को मारने आए यूपी के 2 शूटर गिरफ्तार

निखार सबलोक हत्याकांड के बाद गणेश सिंह गैंग के सदस्य की हत्या की कथित साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया। भुइयांडीह से यूपी के दो शूटर गिरफ्तार, पिस्टल और कारतूस बरामद।

जमशेदपुर: निखार हत्याकांड के बाद फिर खूनी गैंगवार की साजिश, गणेश सिंह गैंग के सदस्य को मारने आए यूपी के 2 शूटर गिरफ्तार
निखार हत्याकांड के बाद फिर खूनी गैंगवार की साजिश।

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   HighLights:

  • निखार सबलोक हत्याकांड के बाद जमशेदपुर में फिर हत्या की साजिश का खुलासा
  • भुइयांडीह बस स्टैंड से यूपी के सुल्तानपुर निवासी दो कथित शूटर गिरफ्तार
  • आरोपियों के पास से लोडेड देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद
  • गणेश सिंह गिरोह के एक सदस्य को निशाना बनाने की थी कथित योजना

जमशेदपुर (Threesocieties.com Desk): निखार सबलोक हत्याकांड के बाद जमशेदपुर में एक और खूनी गैंगवार की बड़ी साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सीतारामडेरा थाना पुलिस ने भुइयांडीह बस स्टैंड के पास कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी दो कथित शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों अपराधी गणेश सिंह गिरोह के एक सदस्य की हत्या की फिराक में जमशेदपुर पहुंचे थे। उनके पास से एक लोडेड देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में संभावित गैंगवार और हत्या की एक बड़ी वारदात टल गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुल्तानपुर निवासी प्रदीप सिंह और अभिनय यादव के रूप में हुई है।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी

एएसपी ऋषभ त्रिवेदी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भुइयांडीह बस स्टैंड के आसपास दो संदिग्ध युवक हथियार के साथ घूम रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने इलाके में घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की। पुलिस को देखते ही दोनों संदिग्ध बस स्टैंड स्थित शौचालय के पीछे छिपने की कोशिश करने लगे। हालांकि पुलिस बल ने दोनों को चारों तरफ से घेर लिया और मौके पर ही दबोच लिया।तलाशी के दौरान उनके पास से लोडेड देशी पिस्टल और दो जिंदा गोलियां बरामद हुईं।

पूछताछ में खुला हत्या की साजिश का राज

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने जमशेदपुर आने की वजह को लेकर कई अहम खुलासे किए। आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव और अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह के बुलावे पर जमशेदपुर आए थे। उनका कथित टारगेट गणेश सिंह गिरोह से जुड़ा एक अन्य सदस्य था। हालांकि पुलिस के मुताबिक, शूटरों को अभी तक यह नहीं बताया गया था कि आखिर किस व्यक्ति की हत्या करनी है। उन्हें टारगेट की पहचान, वारदात का समय और सुपारी की रकम तय होने का इंतजार था। इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

कुम्हारपाड़ा में ठहराने से लेकर हथियार देने तक की भूमिका

जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा स्थित अशोक कुमार के मकान में दोनों शूटरों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। पुलिस के अनुसार, उलीडीह निवासी सुनील रजक ने दोनों को ठहराने का इंतजाम किया था। आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के लिए पिस्टल और कारतूस भी उसी ने उपलब्ध कराए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आया, इसके पीछे कौन-कौन लोग हैं और हत्या की सुपारी किसने दी थी।

19 अगस्त को निखार सबलोक की हत्या के लिए भी आए थे

पूछताछ में एक और अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी इससे पहले 19 अगस्त को निखार सबलोक की हत्या के इरादे से भी जमशेदपुर आए थे। उस समय उनके साथ राहुल विश्वकर्मा नाम का एक अन्य व्यक्ति भी था। बताया जा रहा है कि हत्या की सुपारी के लिए एडवांस में आधी रकम की मांग को लेकर शूटरों का सिंटू सिंह के साथ विवाद हो गया था। विवाद के बाद दोनों शूटर बिना वारदात को अंजाम दिए उत्तर प्रदेश लौट गए थे।

निखार की हत्या के बाद फिर बुलाया गया जमशेदपुर

पुलिस के अनुसार, निखार सबलोक की हत्या के बाद सिंटू सिंह और राघव ने कथित तौर पर दोनों शूटरों से दोबारा संपर्क किया। इस बार उन्हें गणेश सिंह गिरोह से जुड़े किसी दूसरे सदस्य को निशाना बनाने के लिए जमशेदपुर बुलाया गया था। शूटर टारगेट मिलने और सुपारी की रकम तय होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए।

पुलिस खंगाल रही पूरी गैंगवार कड़ी

इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच का फोकस कथित साजिशकर्ताओं, शूटरों को जमशेदपुर बुलाने वाले लोगों, हथियार उपलब्ध कराने वाले सुनील रजक और संभावित मास्टरमाइंड की भूमिका पर है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गणेश सिंह गिरोह के किस सदस्य को निशाना बनाया जाना था और इस हत्या की साजिश के पीछे असली वजह क्या थी। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

बड़ी बात यह है कि निखार सबलोक हत्याकांड के बाद जमशेदपुर में एक और संभावित हत्या की साजिश को पुलिस ने वारदात से पहले ही नाकाम कर दिया। दो शूटरों की गिरफ्तारी और हथियार बरामद होने से शहर में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के बीच चल रही कथित गैंगवार को लेकर पुलिस की चिंता और बढ़ गई है।