वंदे भारत के लोको पायलट केबिन में वायरल हुई रील! TI की पत्नी का डांस पहुंचा रेलवे बोर्ड, सुरक्षा पर सवाल

हावड़ा-गया वंदे भारत एक्सप्रेस के लोको पायलट केबिन में ट्रैफिक इंस्पेक्टर की पत्नी द्वारा रील बनाने का वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे बोर्ड तक शिकायत पहुंच गई है। मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई है और रेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

वंदे भारत के लोको पायलट केबिन में वायरल हुई रील! TI की पत्नी का डांस पहुंचा रेलवे बोर्ड, सुरक्षा पर सवाल
TI की पत्नी का वीडियो वायरल, रेलवे जांच में जुटा।

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       HighLights:

  • वंदे भारत एक्सप्रेस के लोको पायलट के प्रतिबंधित केबिन में रील बनाने का वीडियो वायरल
  • वायरल वीडियो में ट्रैफिक इंस्पेक्टर की पत्नी भोजपुरी गाने पर डांस करती दिखी
  • रेलवे बोर्ड तक पहुंची शिकायत, विभागीय जांच शुरू
  • ट्रैफिक इंस्पेक्टर उपेंद्र यादव और ट्रेन मैनेजर एमके शर्मा से पूछताछ

नई दिल्ली/धनबाद(Threesocieties.com Desk): देशभर में सोशल मीडिया रील बनाने का बढ़ता क्रेज अब रेलवे जैसी संवेदनशील व्यवस्था तक पहुंच गया है। हावड़ा से गया जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस के लोको पायलट के प्रतिबंधित चालक केबिन में एक महिला द्वारा भोजपुरी गाने पर रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामला अब रेलवे बोर्ड तक पहुंच गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

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वायरल वीडियो में एक महिला और एक पुरुष वंदे भारत एक्सप्रेस के चालक केबिन के भीतर दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में महिला लोको पायलट की मुख्य सीट पर बैठकर रील बनाती नजर आती है। चालक केबिन रेलवे का अत्यंत संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र माना जाता है, जहां आम यात्रियों या अनधिकृत लोगों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित होता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

यह वीडियो सबसे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने साझा किया। पोस्ट में दावा किया गया कि वीडियो में दिखाई देने वाली महिला धनबाद मंडल के ट्रैफिक इंस्पेक्टर (ऑपरेटिंग) उपेंद्र यादव की पत्नी सरिता यादव हैं, जिन्होंने अपने परिवार के साथ वंदे भारत के चालक केबिन में प्रवेश कर रील बनाई। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। लोगों ने सवाल उठाया कि जब आम यात्रियों के लिए चालक केबिन पूरी तरह प्रतिबंधित है तो वहां बाहरी लोगों को प्रवेश कैसे मिला।

रेलवे बोर्ड तक पहुंची शिकायत

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत रेलवे बोर्ड और भारतीय रेलवे के शिकायत तंत्र तक पहुंच गई। शिकायत मिलने के बाद रेलवे प्रशासन ने ट्रेन नंबर, यात्रा की तारीख और अन्य आवश्यक जानकारियां जुटाकर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जिस इंस्टाग्राम अकाउंट से यह रील पोस्ट की गई थी, वह अब उपलब्ध नहीं है। विवाद बढ़ने के बाद अकाउंट हटाए जाने या निष्क्रिय किए जाने की चर्चा भी सामने आ रही है।

विभागीय जांच शुरू, दो रेलकर्मी जांच के घेरे में

प्रारंभिक जांच में यह मामला हावड़ा-गया वंदे भारत एक्सप्रेस का पाया गया। इसके बाद धनबाद मंडल के ट्रैफिक इंस्पेक्टर (ऑपरेटिंग) उपेंद्र यादव और ट्रेन मैनेजर (गार्ड) एम.के. शर्मा को पूछताछ के लिए बुलाया गया। सूत्रों के अनुसार दोनों अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की गई है और विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद रेलवे नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि लोको पायलट का केबिन ट्रेन संचालन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यहां किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश न केवल रेलवे नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे ट्रेन संचालन और यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। रेलवे के सुरक्षा नियम स्पष्ट करते हैं कि चालक केबिन में केवल अधिकृत कर्मचारी ही प्रवेश कर सकते हैं। ऐसे में वायरल वीडियो ने सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

रेल प्रशासन की चुप्पी

घटना सामने आने के बाद धनबाद मंडल रेल प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विभिन्न अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन इस मामले पर किसी ने सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, विभागीय जांच जारी होने के कारण रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने रेलवे से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रतिबंधित क्षेत्रों में इस तरह नियमों की अनदेखी होगी तो यह भविष्य में सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। अब सभी की नजर विभागीय जांच पर टिकी है कि रेलवे इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

नोट: समाचार में जिन व्यक्तियों की पहचान और आरोपों का उल्लेख है, वे वायरल दावों और प्रारंभिक जांच से संबंधित हैं। अंतिम तथ्य विभागीय जांच और रेलवे की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे।