निखार सबलोक व नीरज सिंह मर्डर केस का शूटर सागर सिंह उर्फ शिबू पुलिस एनकाउंटर में घायल

Dhanbad Police Encounter: निरसा में पुलिस मुठभेड़ में निखार सबलोक हत्याकांड का वांछित शूटर सागर सिंह उर्फ शिबू घायल होकर गिरफ्तार हुआ। जानें नीरज सिंह केस से उसका कनेक्शन और एनकाउंटर की पूरी कहानी।

निखार सबलोक व नीरज सिंह मर्डर केस का शूटर सागर सिंह उर्फ शिबू पुलिस एनकाउंटर में घायल
शूटर शिबू एनकाउंटर में घायल, निरसा में पुलिस ने दबोचा।

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  • धनबाद के निरसा में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ में सागर सिंह उर्फ शिबू घायल
  • पुलिस के अनुसार शिबू ने फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोलियां लगीं
  • शिबू जमशेदपुर के कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में है वांछित 
  • 2017 के चर्चित नीरज सिंह हत्याकांड में भी सामने आया था सागर सिंह का नाम

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के निरसा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर निवासी सागर सिंह उर्फ शिबू घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, उसके पैर में गोलियां लगी हैं। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए धनबाद के एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया। शिबू का नाम जमशेदपुर के कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में सामने आया है। वह इस मामले में वांछित बताया जा रहा था।

शिबू का नाम धनबाद के चर्चित पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में भी आरोपी और कथित शूटर के रूप में सामने आया था। हालांकि, नीरज सिंह हत्याकांड में अगस्त 2025 में विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत आरोपियों को बरी कर दिया था। इसलिए मौजूदा मामले में शिबू को नीरज सिंह हत्याकांड का दोषी बताना सही नहीं होगा।

सुबह से चल रही थी शिबू की तलाश, शाम में घेराबंदी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार को सूचना मिली थी कि निखार सबलोक हत्याकांड में वांछित सागर सिंह उर्फ शिबू अपने साथियों के साथ निरसा के हाथबाड़ी इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद विशेष टीम को सक्रिय किया गया। पुलिस ने हाथबाड़ी स्थित आनंद वाटिका रेजिडेंसी के आसपास निगरानी बढ़ाई। बताया गया कि शिबू कारोबारी शमशाद खान के आवास में ठहरा हुआ था। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस को उसकी गतिविधियों पर पहले से नजर थी और कार्रवाई को गोपनीय रखा गया था।

पुलिस के अनुसार शिबू ने की फायरिंग

पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान शिबू ने बच निकलने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग की। निरसा एसडीपीओ लीलेश्वर महतो के अनुसार, शिबू ने करीब तीन राउंड फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में शिबू के पैरों में गोलियां लगीं। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे काबू में ले लिया। अलग-अलग रिपोर्टों में पुलिस की ओर से चार से पांच राउंड फायरिंग किए जाने की जानकारी सामने आई है। मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया गया। पुलिस हथियारों और शिबू के साथ मौजूद अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

दो साथी गिरफ्तार, कुछ अपराधी फरार

पुलिस के अनुसार, शिबू के साथ मौजूद दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, कुछ अन्य साथी पुलिस की घेराबंदी के दौरान फायरिंग करते हुए भागने में सफल रहे। फरार अपराधियों की तलाश में आसपास के इलाकों में छापेमारी की जा रही है।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वे धनबाद में किस आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।

शिबू के पास से हथियार बरामद होने का दावा

पुलिस के अनुसार, शिबू के पास से आधुनिक हथियार बरामद हुए हैं। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर इलाके में हथियारों की तलाश भी की गई। पुलिस बरामद हथियारों की जांच कर रही है कि उनका इस्तेमाल किसी पूर्व आपराधिक घटना में हुआ था या नहीं।मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके को कुछ समय के लिए घेराबंदी में रखा। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र से मिले इनपुट को भी जांच में शामिल किया है।

निखार सबलोक हत्याकांड में कैसे आया शिबू का नाम?

जमशेदपुर के कारोबारी निखार सबलोक की 24 अगस्त 2026 को हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सागर सिंह उर्फ शिबू का नाम कथित मुख्य शूटर के रूप में सामने आया। बाद की जांच में भी उसका नाम इस हत्याकांड से जुड़ा बताया गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस पूछताछ में सामने आया था कि निखार सबलोक की हत्या की साजिश पहले रची गई थी और वारदात को अंजाम देने के लिए शूटरों को लगाया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पहले भेजे गए शूटरों के असफल रहने के बाद नीरज सिंह हत्याकांड से जुड़े रहे सागर सिंह को हत्या के लिए इस्तेमाल किया गया। यह जानकारी पुलिस पूछताछ में सामने आए दावों पर आधारित है।

नीरज सिंह हत्याकांड से भी रहा है कनेक्शन

सागर सिंह उर्फ शिबू का नाम वर्ष 2017 के धनबाद के चर्चित पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड की जांच के दौरान सामने आया था। इस मामले में उसका नाम आरोपी और कथित शूटर के तौर पर दर्ज हुआ था। नीरज सिंह की 21 मार्च 2017 को धनबाद में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत कई लोगों पर आरोप लगे थे। बाद में अदालत में चले मुकदमे में आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।

निखार हत्याकांड के बाद धनबाद क्यों आया था शिबू?

अब धनबाद पुलिस की जांच का अहम बिंदु यही है कि निखार सबलोक हत्याकांड के बाद शिबू धनबाद क्यों पहुंचा था। वह निरसा में किसके संपर्क में था और उसे शरण किसने दी थी—इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या शिबू और उसके साथियों का धनबाद में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने का प्लान था। पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर उसके स्थानीय संपर्कों और संभावित मददगारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

SNMMCH में कड़ी सुरक्षा

मुठभेड़ में घायल होने के बाद शिबू को पुलिस ने एसएनएमएमसीएच पहुंचाया। अस्पताल में उसके इलाज के दौरान सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और उसकी निगरानी में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारी पूरे मामले में शिबू से पूछताछ और उसके आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटाने की तैयारी कर रहे हैं।

यूपी से झारखंड तक आपराधिक मामलों की जांच

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सागर सिंह उर्फ शिबू का नाम उत्तर प्रदेश और झारखंड के कई आपराधिक मामलों में सामने आया है। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड, संपर्कों और अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों की जानकारी को आपस में जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।धनबाद पुलिस के लिए अब सबसे अहम सवाल यह है कि निखार सबलोक हत्याकांड के बाद शिबू धनबाद क्यों आया, निरसा में उसे किसने ठिकाना उपलब्ध कराया और वह यहां किस वारदात की तैयारी में था। इन बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ रही है।

पुलिस ने शूटर सागर को मारी पांच गोलियां, दोनों पैरों में दो-दो गोली आर-पार

धनबाद पुलिस ने निरसा में यूपी के सुल्तानपुर के बदमाश सागर सिंह उर्फ शिबू के साथ मुठभेड़ में निशाना साधकर पांच गोलियां चलाईं। पांच में से चार गोलियां शिबू के पैर में आर-पार हो गईं। दाहिने पैर में दो गोलियां और बाएं पैर में दो गोलियां लगी हैं। शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की इमरजेंसी में आने के बाद डॉक्टरों की टीम ने सागर का इलाज शुरू किया।

एक्स-रे जांच में पाया गया कि गोलियां आर-पार हो गई हैं। ऐसी स्थिति में ऑपरेशन करने की आवश्यकता नहीं है। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में शूटर सागर सिंह का इलाज सर्जिकल आईसीयू में चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की स्थिति पर अभी 72 घंटे तक निगरानी रखी जा सकती है। हालांकि, वह खतरे से बाहर है। शूटर के गंभीर अवस्था में अस्पताल आने के बाद डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया।

एसएसपी और दोनों एसपी पहुंचे अस्पताल

घटना के बाद एसएसपी प्रभात कुमार शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के इमरजेंसी विभाग पहुंंच सागर सिंह को मिल रहे इलाज की जानकारी ली। पुलिस जख्मी से बातचीत कर आगे की जानकारी ले रही है। एसएसपी ने बताया कि लगभग पांच अपराधी धनबाद में कोई बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए आए हैं। मंगलवार को ही इसकी सूचना पुलिस को मिल गई थी। इसके बाद पुलिस की एक स्पेशल टीम बनाई गई। कमेटी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सघन अभियान शुरू कर दिया। इसी का परिणाम है कि एक शूटर सागर सिंह पकड़ा गया है। बाकी अपराधियों की तलाश के लिए पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है। उनके साथ सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी के अलावा कई थानेदार मौजूद थे।

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कड़ी सुरक्षा

एनकाउंटर में घायल शूटर के अस्पताल पहुंचने के बाद पुलिस भी अलर्ट हो गई है। अस्पताल में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सर्जिकल आईसीयू के बाहर पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति को अंदर आने नहीं दिया जा रहा है। इमरजेंसी विभाग में हर जगह पुलिस की तैनाती की गई है।