श्रावणी मेला 2026: शीघ्रदर्शनम कूपनधारकों के लिए बनेगा अलग डेडिकेटेड रूट, 30 मिनट पहले होंगे बाबा के दर्शन
श्रावणी मेला 2026 में बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले शीघ्रदर्शनम कूपनधारकों को बड़ी राहत मिलेगी। 30 जुलाई से अलग डेडिकेटेड कतार लागू होगी, जिससे करीब 30 मिनट समय बचेगा। 20 जुलाई से नए फुट ओवर ब्रिज और क्यू सिस्टम का ट्रायल शुरू होगा।
HighLights:
- 30 जुलाई से श्रावणी मेला में लागू होगी नई व्यवस्था
- शीघ्रदर्शनम कूपनधारकों के लिए बनेगा अलग डेडिकेटेड क्यू सिस्टम
- सामान्य कतार में नहीं लगना पड़ेगा, करीब 30 मिनट समय बचेगा
- 20 जुलाई से नए फुट ओवर ब्रिज और रूट का होगा ट्रायल
- हर साल 14 लाख से अधिक श्रद्धालु लेते हैं शीघ्रदर्शनम सुविधा
- श्रावणी मेला में शीघ्रदर्शनम कूपन का शुल्क रहेगा 600 रुपये
देवघर (Threesocieties.com Desk): श्रावणी मेला 2026 में बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को इस बार बड़ी राहत मिलने जा रही है। मंदिर प्रशासन ने शीघ्रदर्शनम कूपन लेकर पूजा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहली बार डेडिकेटेड क्यू सिस्टम (समर्पित कतार) तैयार किया है। यह व्यवस्था 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेला के साथ लागू होगी।
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नई व्यवस्था लागू होने के बाद शीघ्रदर्शनम कूपनधारकों को सामान्य कतार में नहीं लगना पड़ेगा। प्रशासन का दावा है कि इससे श्रद्धालुओं का करीब 30 मिनट समय बचेगा और वे बिना किसी व्यवधान के बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
हर साल 14 लाख से अधिक श्रद्धालु लेते हैं शीघ्रदर्शनम सुविधा
बाबा बैद्यनाथ मंदिर में हर वर्ष औसतन 14 लाख से अधिक श्रद्धालु शीघ्रदर्शनम कूपन लेकर पूजा-अर्चना करते हैं। इनमें सिर्फ सावन महीने में ही करीब सवा लाख श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठाते हैं। सामान्य दिनों में शीघ्रदर्शनम कूपन की कीमत 300 रुपये होती है, जबकि श्रावणी मेला के दौरान इसका शुल्क 600 रुपये निर्धारित किया गया है।
पुरानी व्यवस्था में क्या थी परेशानी?
अब तक शीघ्रदर्शनम और सामान्य दर्शन की कतारें मंदिर के मुख्य द्वार से लगभग 30 मीटर पहले स्थित टी-प्वाइंट पर एक हो जाती थीं। इसके कारण शीघ्रदर्शनम कूपन लेने वाले श्रद्धालुओं को भी सामान्य कतार के साथ आगे बढ़ना पड़ता था। इससे उन्हें अतिरिक्त समय लगता था और कई बार सामान्य कतार में खड़े श्रद्धालुओं की नाराजगी व टिप्पणियों का भी सामना करना पड़ता था। ऐसे में शीघ्रदर्शनम सुविधा का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता था।
अब कैसे होगी नई व्यवस्था?
एसडीओ सह प्रभारी पदाधिकारी रवि कुमार के अनुसार नई व्यवस्था के तहत दोनों कतारों का रूट पूरी तरह अलग रहेगा।
सामान्य श्रद्धालुओं की कतार संस्कार मंडप से नए फुट ओवर ब्रिज के जरिए फील पाया के पास रैंप से उतरेगी।
वहीं शीघ्रदर्शनम कूपनधारकों की कतार प्रशासनिक भवन के निर्धारित मार्ग, होल्डिंग प्वाइंट और पूर्वी दिशा से होकर सीधे फील पाया पहुंचेगी।
दोनों कतारें अब टी-प्वाइंट पर नहीं बल्कि फील पाया के पास मिलेंगी।
इसके बाद श्रद्धालु एक साथ मुख्य द्वार, मंझला खंड होते हुए गर्भगृह तक पहुंचेंगे।
20 जुलाई से होगा ट्रायल
नई व्यवस्था को सफल बनाने के लिए मंदिर प्रशासन ने नया फुट ओवर ब्रिज तैयार कर लिया है। इसका ट्रायल 20 जुलाई से शुरू किया जाएगा। ट्रायल सफल रहने के बाद इसे 30 जुलाई से श्रावणी मेला में पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी और शीघ्रदर्शनम कूपनधारकों को वास्तव में त्वरित दर्शन का लाभ मिल सकेगा।
श्रद्धालुओं को मिलेगा बड़ा फायदा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद शीघ्रदर्शनम कूपनधारकों को न केवल समय की बचत होगी बल्कि सामान्य कतार से होने वाली भीड़ और अव्यवस्था से भी राहत मिलेगी। वर्षों से जिस अलग व्यवस्था की मांग श्रद्धालु करते आ रहे थे, उसे इस बार मंदिर प्रशासन ने अमलीजामा पहनाने का निर्णय लिया है।




