SAIL में दो अफसरों पर गिरी गाज, चासनाला GM अदनान व DGM विशाल बंसल को अनिवार्य सेवानिवृत्ति
SAIL में अधिकारियों पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई तेज। चासनाला के GM मोहम्मद अदनान के बाद DGM विशाल कुमार बंसल को भी समय से पहले रिटायर किया गया। जानिए पूरी कार्रवाई और 2026-27 की नई मूल्यांकन नीति।
HighLights:
- SAIL में अधिकारियों के प्रदर्शन और सर्विस रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई तेज
- चासनाला में GM मोहम्मद अदनान के बाद DGM विशाल कुमार बंसल पर भी कार्रवाई
- खराब प्रदर्शन, अनुशासन और शिकायतों के आधार पर अफसरों की स्क्रीनिंग का दावा
धनबाद (Threesocieties.com Desk): महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में अधिकारियों के प्रदर्शन, कार्यकुशलता और सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई तेज होने से अधिकारी वर्ग में हड़कंप मचा है। बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) के अधीन संचालित झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस में कार्रवाई का सिलसिला चासनाला तक पहुंच गया है।
चासनाला में महाप्रबंधक (वाशरी) मोहम्मद अदनान के बाद अब उपमहाप्रबंधक (सिविल/टाउनशिप) विशाल कुमार बंसल को भी सेल प्रबंधन ने समय से पूर्व अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों को शुक्रवार शाम प्रबंधन की ओर से प्री-मैच्योर रिटायरमेंट से संबंधित पत्र सौंपा गया।
सेल प्रबंधन की इस कार्रवाई को कंपनी में प्रशासनिक दक्षता, जवाबदेही और प्रदर्शन सुधारने की व्यापक कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रबंधन विभिन्न इकाइयों में गठित आंतरिक स्थायी समितियों की रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली और सेवा रिकॉर्ड का मूल्यांकन कर रहा है।
खराब प्रदर्शन से लेकर अनुशासन तक की हो रही समीक्षा
जानकारी के अनुसार, सेल में अधिकारियों की समीक्षा के दौरान उनके प्रदर्शन, कार्यकुशलता, आचरण, अनुशासन, सीसीआर में प्राप्त ग्रेडिंग और विभागीय स्तर पर सामने आई शिकायतों जैसे पहलुओं को देखा जा रहा है। जिन अधिकारियों का प्रदर्शन प्रबंधन की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं पाया जा रहा है, उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। कंपनी के आचरण, अनुशासन एवं अपील नियमों में उपलब्ध प्रावधानों के तहत प्रशासनिक दक्षता के लिए समय से पहले सेवानिवृत्ति का निर्णय लिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बोकारो इस्पात संयंत्र समेत सेल की विभिन्न इकाइयों में ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है, जिनका प्रदर्शन अपेक्षित स्तर का नहीं रहा है। कुछ अधिकारियों के मामले में शिकायतों और पुराने सर्विस रिकॉर्ड को भी समीक्षा का हिस्सा बनाया जा रहा है।
GM से DGM बनाए गए थे विशाल कुमार बंसल
विशाल कुमार बंसल को वर्ष 2024 में बोकारो इस्पात संयंत्र से चासनाला कोल वाशरी में स्थानांतरित किया गया था। इससे पहले वह नगर सेवा भवन में महाप्रबंधक (सिविल) के पद पर कार्यरत थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एक ठेकेदार से कथित लेन-देन को लेकर शिकायत सामने आने के बाद सेल मुख्यालय स्तर पर उनके खिलाफ कार्रवाई और जांच हुई थी। जांच के बाद उन्हें जीएम पद से डिमोट कर डीजीएम बनाया गया और माइंस यूनिट में स्थानांतरित किया गया था। अब उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति को पुराने सर्विस रिकॉर्ड और प्रबंधन की मौजूदा समीक्षा प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि बंसल सेल के विजिलेंस विभाग में भी काम कर चुके हैं, जहां अधिकारियों की जिम्मेदारी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर निगरानी रखने की होती है।
चासनाला में दो वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई से बढ़ी बेचैनी
चासनाला में एक के बाद एक दो वरिष्ठ अधिकारियों पर हुई कार्रवाई ने सेल के अधिकारियों के बीच चर्चा तेज कर दी है। मोहम्मद अदनान और विशाल कुमार बंसल को समय से पहले सेवानिवृत्त किए जाने के बाद अब अन्य अधिकारियों की सूची को लेकर भी अटकलें तेज हैं।सूत्रों का दावा है कि सेल की दूसरी इकाइयों में भी कुछ अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
पहले भी करीब दर्जन भर अधिकारियों पर हुई थी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब सेल प्रबंधन ने अधिकारियों को समय से पहले सेवा से हटाने का कदम उठाया है। करीब डेढ़ वर्ष पहले सेल कोलियरी डिवीजन के अंतर्गत जीतपुर कोलियरी के कई वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी। इनमें महाप्रबंधक (खनन) बादल मंडल, महाप्रबंधक (भू-संपदा) अरविंद कुमार हेम्ब्रम और महाप्रबंधक (खनन) संजय कुमार समेत करीब दर्जन भर अधिकारियों के नाम सामने आए थे। बताया जाता है कि उस कार्रवाई से प्रभावित कुछ अधिकारियों ने न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है और मामले में अंतिम निर्णय का इंतजार है।
2025 में 11 अफसरों पर हुई थी कार्रवाई
सेल में वर्ष 2025 के दौरान भी करीब 11 अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिए जाने की बात सामने आई थी। कंपनी से हटाए गए कुछ अधिकारियों ने अलग-अलग न्यायालयों में कार्रवाई को चुनौती दी है। इसी बीच वर्ष 2026 में दोबारा इस तरह की कार्रवाई शुरू होने से सेल के अधिकारी वर्ग में चिंता बढ़ गई है।
2026-27 में कर्मचारियों तक पहुंच सकता है दायरा
सेल प्रबंधन चालू वित्त वर्ष 2026-27 में नई मूल्यांकन नीति लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके तहत खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान, सेवामुक्ति और मैनपावर को युक्तिसंगत बनाने की प्रक्रिया को गति देने की बात कही जा रही है।
यदि यह प्रक्रिया व्यापक रूप से लागू होती है तो आने वाले समय में केवल अधिकारी ही नहीं, बल्कि सेल के कर्मचारी भी प्रदर्शन आधारित समीक्षा के दायरे में आ सकते हैं।यानी सेल में अब सिर्फ पद और वरिष्ठता ही नौकरी की सुरक्षा का आधार नहीं होगी, बल्कि प्रदर्शन, कार्यकुशलता, आचरण और सेवा रिकॉर्ड भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
हालांकि, संबंधित अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों और कार्रवाई के संबंध में सेल प्रबंधन की आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सार्वजनिक होना बाकी है। इसलिए शिकायतों और आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
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