डीसीए में अविश्वास की जंग तेज, मेयर संजीव सिंह बोले- अल्पमत में कमेटी को नीतिगत फैसलों का अधिकार नहीं

Dhanbad Cricket Association (DCA) में विवाद गहरा गया है। मेयर संजीव सिंह ने 124 सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव के बाद वर्तमान कमेटी को अल्पमत में बताते हुए विशेष आमसभा बुलाकर बहुमत साबित करने या निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है।

डीसीए में अविश्वास की जंग तेज, मेयर संजीव सिंह बोले- अल्पमत में कमेटी को नीतिगत फैसलों का अधिकार नहीं
मेयर संजीव सिंह ने DCA के फैसलों को बताया अलोकतांत्रिक।

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  • 124 सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव के बाद डीसीए कमेटी पर उठे सवाल
  • मेयर संजीव सिंह ने कहा- वर्तमान कमेटी नैतिक और लोकतांत्रिक रूप से अल्पमत में
  • एक माह के भीतर विशेष आमसभा बुलाकर बहुमत साबित करने की मांग
  • सहायक सचिव को हटाने और संयुक्त सचिव को नोटिस देने पर जताई आपत्ति
  • जरूरत पड़ने पर निष्पक्ष चुनाव कराने की उठाई मांग
  • "डीसीए किसी की निजी जागीर नहीं बनने देंगे" - संजीव सिंह

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (डीसीए) में चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। धनबाद के महापौर संजीव सिंह ने वर्तमान डीसीए कमेटी की वैधता और उसके निर्णयों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब किसी समिति के खिलाफ बहुसंख्यक सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव दे दिया हो, तब वह नैतिक और लोकतांत्रिक रूप से अल्पमत में मानी जाती है। ऐसी स्थिति में उसे किसी भी प्रकार के नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार नहीं रह जाता।

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शुक्रवार को जारी अपने विस्तृत प्रेस वक्तव्य में मेयर संजीव सिंह ने कहा कि धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन पिछले कई महीनों से विवादों के केंद्र में है। संस्था के अनेक सदस्य, पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी और खेल प्रेमी लगातार संगठन में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि डीसीए में अनियमितताएं, वित्तीय गड़बड़ियां और कुछ लोगों द्वारा संस्था पर एकाधिकार स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

124 सदस्यों ने जताया अविश्वास

मेयर ने बताया कि लगभग 200 सदस्यों वाली डीसीए में 124 सदस्यों ने वर्तमान कमेटी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव देते हुए विशेष आमसभा (Special General Meeting) बुलाने की लिखित मांग की है। यह प्रस्ताव 21 जून 2026 को डीसीए प्रबंधन को सौंपा गया था।उन्होंने कहा कि डीसीए के संविधान के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में सदस्यों की मांग आने के बाद एक माह के भीतर विशेष आमसभा बुलाना अनिवार्य है, ताकि समिति अपना बहुमत साबित कर सके या फिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत आगे का निर्णय लिया जा सके।

कमेटी की कार्रवाई पर उठाए सवाल

संजीव सिंह ने आरोप लगाया कि विशेष आमसभा बुलाने के बजाय वर्तमान कमेटी ने 26 जून को प्रबंध समिति की बैठक आयोजित कर सहायक सचिव धर्मेंद्र कुमार को समिति से बाहर कर दिया और संयुक्त सचिव बालेश्वर झा को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।उन्होंने कहा कि जब स्वयं समिति की वैधता पर सवाल खड़े हो चुके हैं और बहुमत उसके खिलाफ दिखाई दे रहा है, तब इस प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी तरह अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक प्रतीत होती है।

एक माह में बहुमत साबित करें

महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान कमेटी को अविलंब विशेष आमसभा बुलाकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना बहुमत सिद्ध करना चाहिए। यदि वह ऐसा करने में असफल रहती है तो समिति को भंग कर निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनसमर्थन और बहुमत सर्वोपरि होता है। यदि बहुमत का विश्वास समाप्त हो जाए तो किसी भी समिति को बड़े निर्णय लेने का नैतिक अधिकार नहीं रह जाता।

'डीसीए किसी की निजी जागीर नहीं'

संजीव सिंह ने कहा कि उनकी प्राथमिकता धनबाद में क्रिकेट का विकास है, न कि किसी व्यक्ति विशेष का हित। उन्होंने कहा, "क्रिकेट के विकास में जो भी बाधा बनेगा, उसे हटाया जाएगा। डीसीए की गतिविधियों पर मेरी पूरी नजर है। जिन सदस्यों ने अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई है, मैं उनके साथ मजबूती से खड़ा हूं। डीसीए को किसी की निजी जागीर नहीं बनने दिया जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि संस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक व्यवस्था सुनिश्चित करना सभी सदस्यों और क्रिकेट खिलाड़ियों के हित में है।

क्रिकेट प्रेमियों के हितों की रक्षा का भरोसा

मेयर ने कहा कि धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन को नियमों और संविधान के अनुरूप संचालित कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि खिलाड़ियों, क्लबों और सभी वैध सदस्यों के हितों की रक्षा की जाएगी तथा संस्था में निष्पक्ष प्रशासन स्थापित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

अब सभी की नजर विशेष आमसभा पर

डीसीए में बढ़ते विवाद के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वर्तमान कमेटी निर्धारित समय सीमा के भीतर विशेष आमसभा बुलाकर अपना बहुमत साबित करेगी या फिर संगठन में नए चुनाव का रास्ता खुलेगा। आने वाले दिनों में डीसीए की राजनीति और धनबाद के क्रिकेट जगत की दिशा काफी हद तक इसी फैसले पर निर्भर करेगी।