Bihar Assembly Election 2020:  10 लाख नौकरियां देने में कम पड़े पैसे तो सीएम और एमएलए के वेतन रोककर देंगे सैलरी: तेजस्वी 

महागठबंधन की ओेर से सीएम कैंडिडेट तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर युवा नौकरी संवाद में 10 लाख नौकरियों के वायदे को दोहराते हुए कहा कि नीति आयोग की रैंकिंग में बिहार सबसे फिसड्डी है। बिहार को सुधारने के लिए सभी पदों को भरना होगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार बनेगी तो सीएम और एमएलए की सैलरी रोककर नौजवानों को सैलरी देगी।

Bihar Assembly Election 2020:  10 लाख नौकरियां देने में कम पड़े पैसे तो सीएम और एमएलए के वेतन रोककर देंगे सैलरी: तेजस्वी 

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महागठबंधन के सीएम कैंडिडेट ने सोशल मीडिया पर युवा नौकरी संवाद किया 
पटना। महागठबंधन की ओेर से सीएम कैंडिडेट तेजस्वी यादव ने सोमवार को एक बार फिर सोशल मीडिया पर युवा नौकरी संवाद किया। तेजस्वी ने संवाद में 10 लाख नौकरियों के वायदे को दोहराते हुए कहा कि नीति आयोग की रैंकिंग में बिहार सबसे फिसड्डी है। बिहार को सुधारने के लिए सभी पदों को भरना होगा। 
उन्होंने कहा वे (सीएम नीतीश कुमार) पूछते हैं कि पैसा कहां से आयेगा। अभी बिहार सरकार अपने बजट का 40 फीसदी हिस्सा खर्च नहीं कर पाती। उस राशि का इस्तेमाल किया जायेगा। यदि इस पर भी शक है तो हमारी सरकार बनेगी तो सीएम और एमएलए की सैलरी रोककर नौजवानों को सैलरी देगी।

संवाद में तेजस्वी ने बिहार के युवाओं से और कई वादे किये। इनमें पांच लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन माफ करने और प्रदेश की सरकारी नौकरियों में लोकल युवाओं को 85 परसेंट तक रिजर्वेशन देने का वादा शामिल है। तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार होते हुए भी बिहार में बेरोजगारी की दर देश में सबसे अधिक 46.6 परसेंट है। उन्होंने कहा कि लालू जी ने कई बार नीतीश कुमार से बिहार की सरकारी नौकरियों में लोकल लोगों को रिजर्वेशनदेने की बात कही। लेकिन नीतीश कुमार जी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस कारण लोकल युवा सरकारी नौकरियों से वंचित रह जाते हैं। चुनाव बाद यदि महागठबंधन की सरकार बनती है तो बिहार की नौकरियों में 85 परसेंट रिजर्वेशन लोकल युवाओं के लिए होगा। इसके अलावा छात्रों का पांच लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन माफ किया जायेगा। 

उन्होंने कहा कि बिहार में बेरोजगारी बड़ी समस्या है। इस कारण से लोगों को पलायन करना पड़ता है। डिग्री हैं तो नौकरी नहीं है। हॉस्पीटल में डॉक्टर नहीं है, स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। शिक्षा में जो गुणवत्ता होनी चाहिए है वो नहीं है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में बीए की पढ़ाई में तीन साल से ज्यादा का समय लग जाता है। हमें शिक्षा को सुधारना है तो इन पदों को भरना होगा। लॉ एंड ऑर्डर को सही करना है तो इन सभी पदों को भरना होगा। उन्होंने कहा कि नीति आयोग में बिहार सबसे फिसड्डी है। इसका मतलब है बिहार सभी मानकों में पीछे हैं। 

उन्होंने सीएम नीतीश कुमार पर निजी हमले करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी हर बात हमारे लिए आशीर्वाद है। सीएम कहते हैं कि उन्होंने 15 साल में छह लाख नौकरियां दीं। लेकिन वह यह नहीं बताते हैं कि इनमें से ज्यादातर नौकरियां कंटैक्ट वाली थीं। तेजस्वी ने लालू-राबड़ी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि तब की सरकार ने बिहार को सात यूनिवर्सिटी दिए। अब महागठबंधन की सरकार बनेगी तो बेगूसराय में राष्ट्रकवि दिनकर यूनिवर्सिटी और मिथिलांचल में जननायक कर्पूरी ठाकुर यूनिवर्सिटी स्थापित करेंगे। युवाओं को तीन साल में ग्रेजुएशन की डिग्री देंगे। 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार अपने लिए बिजली खुद बनायेगा। कमाई, दवाई, पढ़ाई के लिए बिहार के लोग बाहर जाते हैं। इन हालात को बदला जाएगा। बिहार का पैसा बाहर नहीं जायेगा। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार ने जितनी भी नौकरी निकाली वो संविदा पर निकाली है। सुशील मोदी, नीतीश जी के पास इच्छाशक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनने पर सभी नियोजित शिक्षक को सामान काम के आधार पर समान वेतन दिया जायेगा।

व्यवसाइयों की सुरक्षा के लिए बनेगा स्पेशल दस्ता
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार में बिहार की लॉ एंड ऑर्डर धवस्त  हो गई। स्टेट में आज व्यवसायी सुरक्षित नहीं महसूस करता। महागठबंधन की सरकार आने पर व्यवसाइयों की सुरक्षा के लिए सरकार 'व्यापारी सुरक्षा दस्ता' बनायेगी ताकि बिहार में व्यापारी भयमुक्त होकर व्यापार कर सकें। बिहार के लोगों को अभी इलाज के लिए महानगरों में भटकना पड़ता है। हम जोनल स्तर पर सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाकर इस समस्या का समाधान करेंगे। 
नौकरी संवाद के दौरान मंच पर आरेजडी प्रवक्ता मनोज झा, शिवानंद तिवारी और प्रेम कुमार मणि भी मौजूद थे।