हथियारी नक्सली गए, अब ‘दिमागी नक्सलियों’ की चुनौती; लाल किले से PM मोदी का बड़ा संदेश
लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी ने लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। ‘दिमागी नक्सलियों’ से सतर्क रहने की चेतावनी के साथ एक करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की।
HighLights:
- पीएम मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया
- कहा- हथियारी नक्सलवाद कमजोर पड़ा, लेकिन ‘दिमागी नक्सली’ अब भी मौके की तलाश में
- ऐसे तत्वों को पहचानकर अलग-थलग करने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की अपील
- 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले के मुख्य कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ का गायन
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश की सुरक्षा, नक्सलवाद, युवाओं, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा और विकसित भारत के लक्ष्य समेत कई अहम मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं। इस दौरान उन्होंने देशवासियों को ‘दिमागी नक्सलियों’ से सतर्क रहने की चेतावनी भी दी।
Addressing the nation on Independence Day.https://t.co/Q67F6cB96x
— Narendra Modi (@narendramodi) August 15, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि देश में दशकों तक नक्सलवाद और माओवाद ने हिंसा का माहौल पैदा किया और लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने देश के बड़े हिस्से को लंबे समय तक प्रभावित किया और बंदूक के बल पर संविधान तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती दी।
हथियारी नक्सली ताकत कमजोर, ‘दिमागी नक्सलियों’ से सावधान
लाल किले से पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया था और अब हथियारबंद नक्सली हिंसा अपने अंतिम दौर में है। जिन इलाकों में कभी नक्सलियों की गोलियां चलती थीं, वहां अब विकास और विश्वास का माहौल बन रहा है।हालांकि, पीएम मोदी ने इसी के साथ एक नई चुनौती को लेकर आगाह किया।
उन्होंने कहा कि हथियारी नक्सली तो चले गए, लेकिन ‘दिमागी नक्सली’ मौके की तलाश में हैं। ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता के नए रास्ते तलाशते हैं और समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ऐसे तत्वों को पहचानने और उन्हें अलग-थलग करने की अपील की। उन्होंने खास तौर पर युवाओं को ऐसी विचारधाराओं से बचाने और उनकी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाने पर जोर दिया।
युवाओं पर पीएम मोदी का खास फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देश के युवाओं और खासकर नई पीढ़ी के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका सबसे अहम होगी। पीएम मोदी ने घोषणा की कि आने वाले एक साल में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना और भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता है और उन्हें आधुनिक तकनीक, कौशल तथा नए अवसरों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
पीएम मोदी ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर निजी कोचिंग के बढ़ते खर्च का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महंगी कोचिंग कई परिवारों के लिए आर्थिक बोझ बन गई है। इस समस्या को कम करने के लिए सरकार देशभर में युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क तैयार करेगी। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
पेट्रोल-डीजल, गैस और खाद को लेकर भी दिया भरोसा
प्रधानमंत्री ने देश की ऊर्जा और खाद सुरक्षा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का काम केवल लोगों को डराना है कि देश में पेट्रोल, डीजल, गैस या खाद की कमी हो जाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि देश ने पिछले वर्षों में ऐसी व्यवस्थाएं तैयार की हैं, जिनसे बड़े संकट के बावजूद भारत अपने पैरों पर खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के पास पेट्रोल, गैस और यूरिया की उपलब्धता है। उन्होंने यूरिया की कीमत का उदाहरण देते हुए कहा कि करीब 3,000 रुपये में मिलने वाली यूरिया किसानों को लगभग 300 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है।
आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत का संकल्प
स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भरता को विकसित भारत की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी और देश में ही उत्पादन तथा तकनीकी क्षमता को बढ़ाना होगा। पीएम मोदी ने रक्षा उत्पादन, ऊर्जा, तकनीक और युवाओं के कौशल विकास को आत्मनिर्भर भारत के महत्वपूर्ण स्तंभों के तौर पर रेखांकित किया।
लाल किले से लगातार 13वीं बार संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार स्वतंत्रता दिवस संबोधनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। भारत में लाल किले से लगातार सबसे अधिक स्वतंत्रता दिवस संबोधन का रिकॉर्ड अब भी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम है। नेहरू ने 1947 से 1963 तक लगातार 17 बार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया था।
पहली बार लाल किले के मुख्य समारोह में गूंजा ‘वंदे मातरम्’
80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। लाल किले के मुख्य कार्यक्रम में पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। एनसीसी कैडेट्स और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवकों ने मिलकर राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया। इसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का गायन हुआ। ज्ञानपथ पर करीब 2,500 युवाओं ने ‘वंदे मातरम्’ की आकृति भी बनाई। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इसे ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि आजादी के बाद पहली बार 15 अगस्त के मुख्य समारोह में लाल किले से ‘वंदे मातरम्’ गूंजा है।
विकसित भारत@2047 का लक्ष्य
इस साल के स्वतंत्रता दिवस समारोह का मुख्य संदेश ‘विकसित भारत@2047’ और युवा शक्ति के इर्द-गिर्द रहा। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को सुरक्षित, आत्मनिर्भर, आधुनिक और विकसित राष्ट्र बनाने में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देकर भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल कर सकता है।




