बांका में 75 हजार की रिश्वत लेते BDO गिरफ्तार, मामा भी दबोचे गये; 33 योजनाओं पर 5% कमीशन का आरोप

बांका में निगरानी विभाग ने फुल्लीडुमर BDO अमित प्रताप सिंह को 75 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। BDO के मामा बच्चन कुमार को भी पकड़ा गया। 33 योजनाओं के लिए 5% कमीशन मांगने का आरोप है।

बांका में 75 हजार की रिश्वत लेते BDO गिरफ्तार, मामा भी दबोचे गये; 33 योजनाओं पर 5% कमीशन का आरोप
बांका में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की यह छठी कार्रवाई।

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    HighLights:

  • फुल्लीडुमर के BDO अमित प्रताप सिंह 75 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार
  • निगरानी विभाग की टीम ने बांका के नेहरू कॉलोनी स्थित किराये के आवास में की कार्रवाई
  • पंचायत समिति की 33 योजनाओं के लिए पांच प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप
  • प्रखंड प्रमुख गौतम प्रकाश की शिकायत पर निगरानी विभाग ने की कार्रवाई

बांका (Threesocieties.com Desk): बिहार के बांका जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। फुल्लीडुमर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अमित प्रताप सिंह को 75 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान बीडीओ के मामा बच्चन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि पंचायत समिति की 33 योजनाओं को संचालित करने के एवज में पांच प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी।

निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक और सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि बांका जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की यह छठी कार्रवाई है।

33 योजनाओं के लिए पांच प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, फुल्लीडुमर प्रखंड में पंचायत समिति की 33 योजनाओं के संचालन को लेकर बीडीओ अमित प्रताप सिंह पर पांच प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया गया था। इस संबंध में प्रखंड प्रमुख गौतम प्रकाश ने निगरानी विभाग में शिकायत की थी।शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की और आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान शिकायत में लगाये गये आरोप सही पाये गये। इसके बाद निगरानी विभाग की टीम ने बीडीओ को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया।

नेहरू कॉलोनी के किराये के मकान में बिछाया जाल

निगरानी विभाग के डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम ने कार्रवाई की तैयारी की। तय योजना के अनुसार बीडीओ को 75 हजार रुपये की रिश्वत दी गयी। बताया गया कि बांका के नेहरू कॉलोनी स्थित एक किराये के आवास पर रिश्वत की रकम देने की व्यवस्था की गयी थी। जैसे ही बीडीओ अमित प्रताप सिंह ने 75 हजार रुपये की रकम अपने हाथ में ली, पहले से तैयार निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की रकम को भी बरामद कर लिया।

बीडीओ ने मामा को दी घूस की रकम, उन्हें भी किया गिरफ्तार

निगरानी विभाग की कार्रवाई के दौरान यह बात सामने आयी कि बीडीओ ने रिश्वत में मिली रकम अपने मामा बच्चन कुमार को रखने के लिए दे दी थी। इसके बाद निगरानी टीम ने बच्चन कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। बीडीओ और उनके मामा की गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम दोनों को अपने साथ पटना ले गयी, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

निगरानी की कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप

बीडीओ स्तर के अधिकारी की रिश्वत लेते गिरफ्तारी के बाद बांका के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। निगरानी विभाग की लगातार कार्रवाई से सरकारी योजनाओं में कमीशनखोरी और रिश्वतखोरी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों में भी खलबली मची हुई है।इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत गया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अवैध वसूली और रिश्वत की शिकायतों को निगरानी विभाग गंभीरता से ले रहा है।

एक सप्ताह पहले मारपीट की घटना से भी चर्चा में थे BDO

बीडीओ अमित प्रताप सिंह हाल में एक अन्य मामले को लेकर भी चर्चा में आये थे। बताया गया कि गत सोमवार को उनके कार्यालय कक्ष में दो आवेदकों ने उनके साथ मारपीट की थी। यह मामला जाति प्रमाण पत्र बनाने से जुड़ा बताया गया था। घटना के बाद बीडीओ की ओर से पूर्व मुखिया समेत तीन लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। अब रिश्वत लेते निगरानी विभाग के हाथों गिरफ्तारी के बाद अमित प्रताप सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं।

आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी

निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद बीडीओ अमित प्रताप सिंह और उनके मामा बच्चन कुमार के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। निगरानी विभाग पूरे मामले में रिश्वत की मांग, लेन-देन और इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकता है।फिलहाल 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते बीडीओ की गिरफ्तारी बांका में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।