धनबाद: बिजनेसमैन कुंभनाथ सिंह ने परशुराम सिंह को दी श्रद्धांजलि, तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर किया नमन

धनबाद के बिजनेसमैन कुंभनाथ सिंह ने स्वर्गीय समाजसेवी व वरिष्ठ अधिवक्ता परशुराम सिंह को श्रद्धांजलि दी। कुसुम बिहार पहुंचकर राजेश सिंह उर्फ बम्मी सिंह समेत परिजनों से मिले।

धनबाद: बिजनेसमैन कुंभनाथ सिंह ने परशुराम सिंह को दी श्रद्धांजलि, तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर किया नमन
समाजसेवी परशुराम सिंह का योगदान हमेशा याद रहेगा।

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  • बिजनेसमैन कुंभनाथ सिंह ने कुसुम बिहार पहुंचकर स्वर्गीय परशुराम सिंह को दी श्रद्धांजलि
  • निजी कार्य के कारण श्राद्ध कर्म में शामिल नहीं हो पाए थे कुंभनाथ सिंह
  • राजेश सिंह उर्फ बम्मी सिंह समेत शोक संतप्त परिवार से मिलकर जताई संवेदना
  • परशुराम सिंह वरिष्ठ अधिवक्ता, सफल व्यवसायी और समाजसेवी के रूप में थे प्रतिष्ठित

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयलांचल के प्रतिष्ठित समाजसेवी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सफल व्यवसायी स्वर्गीय परशुराम सिंह को जिले के जाने-माने बिजनेसमैन कुंभनाथ सिंह ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। गुरुवार देर शाम कुंभनाथ सिंह कुसुम बिहार स्थित बिल्डर एवं फिल्म प्रोड्यूसर राजेश सिंह उर्फ बम्मी सिंह के आवास पहुंचे। यहां उन्होंने स्वर्गीय परशुराम सिंह की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की।

कुंभनाथ सिंह ने स्वर्गीय परशुराम सिंह के पुत्र राजेश सिंह उर्फ बम्मी सिंह समेत शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दिवंगत परशुराम सिंह के व्यक्तित्व, सामाजिक योगदान और लोगों से उनके आत्मीय संबंधों को याद किया। उनके साथ श्रीराम सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

कुंभनाथ सिंह ने बताया कि निजी कार्य से बाहर रहने के कारण स्वर्गीय परशुराम सिंह के श्राद्ध कर्म में शामिल नहीं हो सके थे। इसी कारण उन्होंने बाद में उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।

समाज के हर वर्ग में थी खास पहचान

स्वर्गीय परशुराम सिंह का व्यक्तित्व बहुआयामी था। वे केवल वरिष्ठ अधिवक्ता और सफल व्यवसायी ही नहीं, बल्कि समाजसेवा, शिक्षा, जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक समरसता के लिए भी विशेष रूप से जाने जाते थे। उनकी सादगी, सहज व्यवहार और लोगों के प्रति आत्मीयता ने उन्हें धनबाद के सम्मानित नागरिकों में अलग पहचान दिलाई थी।

कोयलांचल के विभिन्न वर्गों के लोग उन्हें शहर के अभिभावक के रूप में सम्मान देते थे। सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय रही। जरूरतमंदों की मदद और समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर चलने की उनकी सोच ने उन्हें व्यापक सम्मान दिलाया।

कोयला कारोबार में भी बनाई अलग पहचान

परशुराम सिंह ने कोयला कारोबार और व्यवसाय जगत में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। उन्हें कोयलांचल के महानायक दिवंगत बी.पी. सिन्हा के करीबी सहयोगियों में गिना जाता था। झरिया कोलफील्ड क्षेत्र में उन्होंने प्रतिष्ठित कोयला कारोबारी के रूप में अपनी पहचान कायम की।

व्यवसाय के क्षेत्र में उनकी सक्रियता का दायरा झारखंड तक सीमित नहीं था। बिहार के बेगूसराय स्थित चर्चित सावित्री टॉकीज का स्वामित्व भी उनके पास रहा। व्यवसाय, समाजसेवा और जनसंपर्क के क्षेत्र में उनके योगदान को धनबाद के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। उनके पुत्र राजेश सिंह उर्फ बम्मी सिंह धनबाद के प्रमुख बिल्डरों में शामिल हैं। निर्माण व्यवसाय के साथ-साथ फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।

87 वर्ष की उम्र में हुआ था निधन

कुसुम विहार निवासी स्वर्गीय परशुराम सिंह का 24 जुलाई को 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार 25 जुलाई को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया, जहां उनके पुत्र राजेश सिंह उर्फ बम्मी सिंह ने मुखाग्नि दी। वे अपने पीछे पत्नी, पुत्र, दो पौत्र, एक प्रपौत्र और पुत्रवधू समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर से धनबाद के सामाजिक, विधिक और व्यावसायिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ श्राद्ध कर्म

स्वर्गीय परशुराम सिंह के श्राद्ध कर्म का आयोजन पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। अनुष्ठान का संचालन प्रसिद्ध वैदिक आचार्य पंडित गंगाधर पाठक के नेतृत्व में हुआ। पंडित गंगाधर पाठक ने 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य पूजा अनुष्ठान का संचालन किया था। श्राद्ध कर्म में उनके नेतृत्व में लगभग 40 विद्वान वैदिक पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे विधि-विधान से अनुष्ठान संपन्न कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और दिवंगत परशुराम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्राद्ध कर्म में उमड़ी लोगों की भीड़ उनके व्यापक सामाजिक प्रभाव और लोकप्रियता की गवाही देती रही। जीवनभर सेवा, सादगी, सामाजिक समर्पण और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने वाले परशुराम सिंह की स्मृतियां धनबाद के लोगों के बीच लंबे समय तक जीवित रहेंगी।