Dhanbad : कतरास में भू-धंसान का कहर, गोफ में समा गया पूरा तालाब; घरों में पड़ी दरारें, दहशत में हजारों लोग

Dhanbad News: धनबाद के कतरास स्थित छाताबाद फुटबॉल ग्राउंड के पास मंगलवार सुबह भीषण भू-धंसान हुआ। विशाल गोफ में पूरा तालाब समा गया, कई घरों में दरारें पड़ गईं और हजारों लोग दहशत में हैं। प्रभावित परिवार पुनर्वास, मुआवजा और अवैध खनन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Dhanbad : कतरास में भू-धंसान का कहर, गोफ में समा गया पूरा तालाब; घरों में पड़ी दरारें, दहशत में हजारों लोग
केन्दुआडीह भू-धंसान पर हाई लेवल बैठक।

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  • कतरास के छाताबाद फुटबॉल ग्राउंड के पास मंगलवार सुबह बड़ा भू-धंसान
  • जोरदार धमाके के बाद बना विशाल गोफ, पूरा तालाब उसमें समा गया
  • आधा दर्जन घरों में बड़ी दरारें, हजारों लोग दहशत में
  • अवैध उत्खनन को हादसे की वजह बता रहे स्थानीय लोग
  • सड़क जाम कर पुनर्वास, मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
  • बीसीसीएल की ओबी से गोफ भरने की कोशिश का लोगों ने किया विरोध

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के कतरास क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक बार फिर कोयलांचल की जमीन ने भयावह रूप दिखाया। छाताबाद फुटबॉल ग्राउंड के समीप सुबह करीब सात बजे अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज के कुछ ही क्षण बाद जमीन धंसने लगी और देखते ही देखते एक विशाल गोफ (गड्ढा) बन गया। इस गोफ में कुछ ही देर में पूरा तालाब समा गया। घटना के साथ ही आसपास के आधा दर्जन से अधिक मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

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भू-धंसान की इस घटना के बाद लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागना शुरू कर दिया। कई परिवारों ने एहतियातन अपना सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया। पूरे छाताबाद इलाके की हजारों की आबादी फिलहाल भय और अनिश्चितता के माहौल में जी रही है।

धमाके के बाद मच गई भगदड़

स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह अचानक विस्फोट जैसी तेज आवाज आई। लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक जमीन फटने लगी। तालाब के बीचों-बीच बने विशाल गोफ में देखते ही देखते पूरा तालाब समा गया। आसपास की जमीन में भी दरारें उभर आईं। कई मकानों की दीवारें और फर्श फट गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।

अवैध खनन पर उठे गंभीर सवाल

स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए क्षेत्र में लंबे समय से जारी अवैध उत्खनन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि पास में संचालित बीसीसीएल की एकीकृत न्यू आकाशकिनारी कोलियरी के विभागीय पैच की आड़ में लंबे समय से अवैध खनन किया जा रहा था, जिसके कारण जमीन अंदर से खोखली हो गई और अंततः यह भयावह हादसा हुआ।

सड़क जाम कर लोगों का प्रदर्शन

घटना के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों और प्रभावित परिवारों ने छाताबाद मस्जिद तथा छाताबाद पुल के पास कतरास-भटमुरना मुख्य सड़क को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अवैध खनन पर रोक लगाने, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, उचित मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान लोगों ने राज्य सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की।

पुलिस और सीआईएसएफ ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही वार्ड संख्या-दो के पार्षद मो. शहाबुद्दीन मौके पर पहुंचे। इसके बाद कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। एहतियात के तौर पर पूरे भू-धंसान क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर दी गई।विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कतरास थाना के अलावा रामकनाली, सोनारडीह, महुदा और अंगारपथरा थाना की पुलिस भी मौके पर तैनात की गई। बड़ी संख्या में सीआईएसएफ के जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया।

गोफ भरने की कोशिश का लोगों ने किया विरोध

भू-धंसान के बाद बीसीसीएल प्रबंधन ने हाइवा वाहनों के जरिए ओवरबर्डन (ओबी) डालकर गोफ को भरने की कोशिश शुरू की, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए काम रुकवा दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पहले हादसे की निष्पक्ष जांच हो और प्रभावित लोगों की सुरक्षा तथा पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए, उसके बाद ही कोई तकनीकी कार्य किया जाए।

प्रशासन और बीसीसीएल के बीच हुई वार्ता

दोपहर करीब तीन बजे बाघमारा अंचल के सीओ गिरजानंद किस्कू घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने बीसीसीएल के गोविंदपुर एरिया-3 के जीएम सत्यकाम आनंद से बातचीत कर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे पर चर्चा की। प्रशासन ने बताया कि इस मामले को लेकर कतरास थाना में अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

इन परिवारों के घर हुए प्रभावित

भू-धंसान से जिन परिवारों के मकानों में दरारें आई हैं, उनमें मो. जुबेर अंसारी, मो. जियाउल अंसारी, मो. राजू अंसारी, मो. डब्लू अंसारी, इसराफिल अंसारी, जैनुल अंसारी और जाबेद अंसारी प्रमुख हैं। सभी प्रभावित परिवारों ने सुरक्षित पुनर्वास, उचित मुआवजा और स्थायी समाधान की मांग की है।

कोयलांचल में फिर बढ़ी चिंता

धनबाद के कोयलांचल क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन छाताबाद की यह घटना एक बार फिर अवैध खनन और भूमिगत आग से जुड़े खतरों को उजागर करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वैज्ञानिक सर्वे, सुरक्षा उपाय और अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं।

फिलहाल पूरा छाताबाद इलाका भय और असुरक्षा के माहौल में है। प्रभावित परिवारों की नजर अब प्रशासन और बीसीसीएल पर टिकी है कि उन्हें सुरक्षित पुनर्वास, मुआवजा और स्थायी समाधान कब तक मिल पाता है।