धनबाद: ‘27 तक साफ कर देना है’... BCCL CMD को धमकी से मचा हड़कंप, सरायढेला थाने में FIR

BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल को कथित जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है। टेम्पो में हुई बातचीत के बाद सरायढेला थाने में FIR दर्ज हुई। जानिए ‘27 तक साफ’ और ‘पांच पेटी’ वाले मामले की पूरी कहानी।

धनबाद: ‘27 तक साफ कर देना है’... BCCL CMD को धमकी से मचा हड़कंप, सरायढेला थाने में FIR
BCCL CMD को धमकी, FIR के बाद मचा हड़कंप।

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  • BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल को कथित जान से मारने की धमकी का मामला
  • सरायढेला थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज, टेम्पो में हुई कथित बातचीत से सामने आया मामला
  • ‘पांच पेटी का इंतजाम कर लो’ और ‘27 तक साफ कर देना है’ जैसे शब्दों का दावा
  • कोयला चोरी और अवैध खनन के खिलाफ BCCL की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा मामला

धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल को कथित जान से मारने की धमकी का मामला सामने आने से धनबाद में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। कोयला चोरी और अवैध खनन के खिलाफ बीसीसीएल की कार्रवाई के बीच एक टेम्पो में हुई कथित बातचीत ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। बातचीत में ‘पांच पेटी का इंतजाम कर लो’ और ‘27 तक साफ कर देना है’ जैसे शब्द सामने आने का दावा किया गया है।

मामले में बीसीसीएल के महाप्रबंधक (सुरक्षा) मो. हफीजूल कुरेशी ने सरायढेला थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बातचीत करने वाले लोग कौन थे और कथित धमकी के पीछे वास्तव में क्या मंशा थी।

टेम्पो में हुई बातचीत से खुला मामला

बीसीसीएल की शिकायत के अनुसार, 12 अगस्त 2025 की रात करीब 9:20 बजे धनबाद रेलवे स्टेशन से कोयला भवन की ओर जा रहे एक टेम्पो में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान ने कथित तौर पर दो लोगों की बातचीत सुनी। बताया गया है कि रणधीर कर्मा चौक के आसपास दो अज्ञात व्यक्ति टेम्पो में सवार हुए। बातचीत के दौरान बीसीसीएल के सीएमडी का जिक्र आया। शिकायत के मुताबिक, एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि “सीएमडी वापस आ रहा है, पांच पेटी का इंतजाम कर लो। 27 तक साफ कर देना है। कोयले पर बहुत रेड करवा रहा है।” यही बातचीत बाद में सुरक्षा तंत्र तक पहुंची और बीसीसीएल प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचना दी।

‘पांच पेटी’ और ‘27 तक साफ’ पर सबसे बड़ा सवाल

पूरे मामले में दो बातें जांच का अहम हिस्सा बन गई हैं—‘पांच पेटी का इंतजाम’ और ‘27 तक साफ कर देना है।’ ‘पांच पेटी’ से कथित तौर पर किस रकम या सामान का संकेत था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसी तरह ‘साफ कर देना’ से बातचीत करने वालों का क्या आशय था, इसका भी खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह महज आपराधिक बातचीत थी या इसके पीछे बीसीसीएल के शीर्ष अधिकारी को नुकसान पहुंचाने की कोई साजिश थी।

कोयला चोरी पर कार्रवाई बनी वजह?

बीसीसीएल की शिकायत में कथित बातचीत को कंपनी की ओर से कोयला चोरी, अवैध खनन और अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से जोड़कर देखा गया है। बीसीसीएल प्रबंधन के अनुसार, कंपनी लगातार अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। सुरक्षा विभाग और CISF की निगरानी में कई इलाकों में अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे में सीएमडी के खिलाफ कथित धमकी को इन कार्रवाइयों से जोड़कर भी जांच की जा रही है।

FIR के बाद अब पुलिस के सामने कई सवाल

सरायढेला थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कथित बातचीत में शामिल दोनों लोगों की पहचान करना है। इसके साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि उन्होंने सीएमडी को लेकर जो बातें कहीं, उनका वास्तविक मकसद क्या था। पुलिस टेम्पो की पहचान, संभावित यात्रियों, घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर सकती है। बातचीत के दौरान मौजूद CISF जवान की जानकारी भी जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

27 तारीख ने बढ़ाई सुरक्षा चिंता

कथित बातचीत में 27 तारीख का उल्लेख होने के कारण यह तारीख सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, ‘27 तक साफ कर देना है’ का वास्तविक अर्थ क्या था, यह फिलहाल जांच का विषय है। बिना जांच पूरी हुए इसे किसी निश्चित आपराधिक योजना की तारीख मानना जल्दबाजी होगी। लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इस कथित धमकी को हल्के में नहीं लेना चाहतीं।

कोयला मंत्रालय तक पहुंचा मामला

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जानकारी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। कोयला मंत्रालय, झारखंड सरकार और संबंधित विभागों को भी इसकी सूचना दिए जाने की जानकारी है। इससे साफ है कि मामला सिर्फ स्थानीय थाने में दर्ज एक FIR तक सीमित नहीं है। बीसीसीएल के शीर्ष अधिकारी की सुरक्षा और कोयला चोरी के खिलाफ चल रहे अभियान के लिहाज से इसे गंभीर प्रकरण के तौर पर देखा जा रहा है।

अब जांच से खुलेगा धमकी का राज

फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि टेम्पो में हुई बातचीत कितनी वास्तविक थी, उसमें शामिल लोग कौन थे और ‘पांच पेटी’ तथा ‘27 तक साफ’ जैसे शब्दों के पीछे क्या मंशा थी। बीसीसीएल प्रबंधन ने अज्ञात लोगों की पहचान कर मामले का उद्भेदन करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है।