धनबाद: कांग्रेस लीडर सुरेश सिंह मर्डर केस में दून बहादुर ने दी गवाही, कोर्ट में कहा शशि सिंह ने की मर्डर
कोयला राजधानी धनबाद की बहुचर्चित कोल किंग सह कांग्रेस लीडर सुरेश सिंह मर्डर केस के ट्रायल दौरान मंगलवार को दूनबहादुर सिंह की गवाही हुई. सकलदेव सिंह के अनुज व सुरेस सिंह के साले दुनबहादुर ने कोर्ट में कहा कि सिंह मैंशन के साथ उनकी फैमिली की पुरानी अदावत चल रही थी. शशि सिंह के पिता रामधीर सिंह ने उनके भाई विनोद सिंह और सकलदेव सिंह की मर्डर की थी. शशि सिंह ने उसी सिलसिले में सुरेश सिंह की मर्डर की. दुन बहादुर समेत आज तीनों लोगों ने कोर्ट में गवाही दी.
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मुख्य अभियुक्त सिंह(फाइल फोटो).[/caption]
दुन बहादुर सिंह ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडे की कोर्ट में दिये गये बयान में कहा कि वर्ष 2011 की सात दिसंबर की रात वह अपने घर में थे.उनकी बहन जो सुरेस सिंह की वाइफ है ने फोन कर उन्हें बताया कि सुरेश को गोली लगी है. सूचना पर वह सेंट्रल हॉस्पीटल गये तो वहां देखा कि सुरेश सिंह की मौत हो गई है. उन्होंने मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट पर अपनी दस्तखत की पहचान की. हालांकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनूप कुमार सिन्हा एवं अभय कुमार सिन्हा द्वारा पूछे जाने पर दून बहादुर सिंह ने कहा कि उनके सामने कोई घटना नहीं घटी. इसलिए उन्हें घटना की व्यक्तिगत जानकारी नहीं है. मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट पर दस्तखत से पहले सुरेश सिंह के शव को देखा था. उन्होंने कैसा कपड़ा पहना था, यह याद नहीं है.
एंबुलेंस के मालिक सह चालक धर्मेंद्र सिंह ने अपने बयान में कहा कि वह एक जख्मी को जालान अस्पताल ले गए थे. डॉक्टर ने उसे सेंट्रल अस्पताल ले जाने को कहा था. जख्मी कौन था, वह नहीं जानता. वह जिंदा था या मर गया था, यह भी नहीं बता सकते।.गवाह रोहित सिंह ने कहा कि वह धनबाद क्लब मे था. बाहर गोली चलने की आवाज आई.। उसे बाद में पता चला सुरेश सिंह को गोली लगी है. गोली किसने मारी उसे पता नहीं. कोर्ट ने अभियोजन को गवाह पेश करने का निर्देश देते हुए अगली तारीख निर्धारित कर दी है.
फ्लैश बैक
धनबाद क्लब में व,र् 2011 की रात नूनू सिंह के बेटे रोहित सिंह के रिसेप्शन पार्टी में सुरेश सिंह की गोली मार कर मर्डर कर दी गयी थी. सुरेश के पिता तेजनारायण सिंह के शिकायत पर शशि सिंह, संजीव सिंह, रामधीर सिंह के विरुद्ध धनबाद थाना कांड संख्या 994/11 के तहत को शशि सिंह, प्रमोद लाला, मोनू सिंह, आलोक वर्मा के खिलाफ कोर्ट में चाार्जशीट दाखिल कर दी थी. पुलिस ने शशि को फरार दिखाते हुए चार्जशीट दाखिल की थी. शशि को शूटर बताया गया था. पुलिस जाच में संजीव व रामधीर के खिलाफ कोई साक्ष्च नहीं मिली थी. केस में एक अन्य प्राथमिकी अभियुक्त मनोज सिंह अभी भी फरार चल रहा है.शशि आठ साल से फरार है. पुलिस शशि पर 20 हजार का इनाम घोषित कर रखी है. फरारी में ही शशि ने शादी की. दो-दो बच्चे का पिता भी बन चुका है.




