सुदिव्य सोनू के निधन का असर: झारखंड पुलिस एसोसिएशन का 8-10 सितंबर का आंदोलन टला

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने 8 से 10 सितंबर तक प्रस्तावित राज्यव्यापी आंदोलन स्थगित कर दिया है। नौ सूत्री मांगों पर अगली बैठक में रणनीति तय होगी।

सुदिव्य सोनू के निधन का असर: झारखंड पुलिस एसोसिएशन का 8-10 सितंबर का आंदोलन टला
सुदिव्य सोनू के निधन के बाद पुलिस एसोसिएशन का आंदोलन स्थगित।

Advertisement

     HighLights:

  • 8 से 10 सितंबर तक नौ सूत्री मांगों को लेकर प्रस्तावित था राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन।
  • पुलिस के कई संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की थी
  • केंद्रीय कार्यकारिणी की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया फैसला
  • आंदोलन रद्द नहीं हुआ है, अगली बैठक में आगे की रणनीति तय होगी

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड सरकार के मंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने अपने प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। एसोसिएशन ने 8 से 10 सितंबर 2026 तक नौ सूत्री मांगों को लेकर राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की थी। हालांकि, मंत्री के निधन के बाद उत्पन्न शोक की स्थिति को देखते हुए संगठन ने आंदोलन को अगले आदेश तक टालने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में झारखंड पुलिस एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यकारिणी की विशेष बैठक 6 सितंबर को आयोजित की गई। बैठक में आंदोलन की तैयारियों और आगे की रणनीति पर चर्चा होनी थी। लेकिन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन की सूचना मिलने के बाद बैठक का रुख बदल गया और सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने आपसी विचार-विमर्श के बाद आंदोलन स्थगित करने पर सहमति जताई।

8 से 10 सितंबर तक प्रस्तावित था आंदोलन

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की थी। इसके तहत 8 से 10 सितंबर तक राज्यभर में आंदोलनात्मक कार्यक्रम प्रस्तावित था। संगठन की ओर से आंदोलन को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं। इस आंदोलन को केवल झारखंड पुलिस एसोसिएशन का ही समर्थन नहीं था।झारखंड पुलिस सर्विस एसोसिएशन, झारखंड पुलिस मेन्स एसोसिएशन और झारखंड पुलिस चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ ने भी आंदोलन के समर्थन की घोषणा की थी। वहीं झारखंड पुलिस सेवानिवृत्त पुलिस एसोसिएशन ने भी आंदोलन को नैतिक समर्थन देने की बात कही थी।ऐसे में नौ सूत्री मांगों को लेकर प्रस्तावित आंदोलन को व्यापक समर्थन मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, अब सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद इसे अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।

मंत्री के निधन पर दो मिनट का मौन

केंद्रीय कार्यकारिणी की विशेष बैठक के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों और सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत मंत्री की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।संगठन के पदाधिकारियों ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिजनों के प्रति अपनी सहानुभूति जताई। इसके बाद सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए 8 से 10 सितंबर तक प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित किया जाए।

आंदोलन रद्द नहीं, सिर्फ स्थगित

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि नौ सूत्री मांगों को लेकर प्रस्तावित आंदोलन को रद्द नहीं किया गया है, बल्कि फिलहाल स्थगित किया गया है। इसका मतलब है कि पुलिस संगठनों की मांगें अभी भी कायम हैं और आने वाले दिनों में इन मांगों को लेकर आंदोलन की नई रूपरेखा तैयार की जा सकती है। अगली बैठक में मौजूदा परिस्थितियों की समीक्षा करने के बाद आंदोलन की अगली तारीख और कार्यक्रमों को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

कई पुलिस संगठनों की रही भागीदारी

केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न पुलिस संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में अध्यक्ष राहुल मुर्मू, महामंत्री संजीव कुमार, उपाध्यक्ष मो. महताब आलम, उपाध्यक्ष रोहित रजक, संयुक्त सचिव संतोष कुमार महतो, संयुक्त सचिव राकेश कुमार पांडेय समेत केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद रहे।इसके अलावा क्षेत्रीय पदाधिकारी, विशेष आमंत्रित सदस्य और विभिन्न पुलिस संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। संगठन के पूर्व पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए और आंदोलन को लेकर चर्चा में अपनी राय रखी।

अगली बैठक में तय होगी आगे की रणनीति

एसोसिएशन के इस फैसले के बाद अब सभी की नजर अगली बैठक पर रहेगी। नौ सूत्री मांगों को लेकर पुलिस संगठनों की आगे की रणनीति इसी बैठक में तय होने की संभावना है। फिलहाल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद राज्य में शोक का माहौल है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस एसोसिएशन ने अपने आंदोलन को स्थगित करने का फैसला लिया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि परिस्थितियों के अनुरूप आगे निर्णय लिया जाएगा और नौ सूत्री मांगों को लेकर भविष्य की रणनीति बाद में सार्वजनिक की जाएगी।