अल्टीमेटम से नहीं डरेंगे जयराम महतो! पुलिस एसोसिएशन को दो टूक, बोले- भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी
Jairam Mahto Police Controversy: पुलिस एसोसिएशन के अल्टीमेटम पर जयराम महतो का पलटवार। बोले- स्पीकर को चार बार फोन किया, नहीं हुई सुनवाई; भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। जानिए पूरा विवाद।
HighLights:
- विधायक जयराम महतो बोले- धमकी से डरने वाला नहीं, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता रहूंगा
- स्पीकर को चार बार फोन करने का दावा, बोले- मामले की सच्चाई जानने में नहीं ली गयी रुचि
- पुलिस की कार्यशैली, कोयला-बालू चोरी और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उठाये सवाल
- प्रिंस खान का जिक्र कर पूछा- अपराधियों के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन क्यों नहीं उठाता आवाज?
धनबाद (Threesocieties.com Desk): बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोपों को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो और झारखंड पुलिस एसोसिएशन के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पुलिस एसोसिएशन की ओर से माफी मांगने के लिए अल्टीमेटम दिये जाने के बाद विधायक जयराम महतो ने सोशल मीडिया के माध्यम से तीखा पलटवार किया है। उन्होंने साफ कहा कि वह किसी भी तरह के दबाव या धमकी के आगे झुकने वाले नहीं हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
झारखंडवासियों से मेरी अपील...
— Jairam Kumar Mahato MLA (@Tigerjairam) August 27, 2026
थाना हो या कोई भी भ्रष्ट पुलिस अधिकारी आपके साथ दुर्व्यवहार करता है, उत्पीड़न, अन्याय या प्रताड़ित करता है, जुल्म करता है या अवैध वसूली करता है तो सुरक्षित तरीके से उसका वीडियो या ऑडियो रिकॉर्ड करें, बने डरे उसे वायरल करें एवं मुझे टैग करें।
आप किसी… pic.twitter.com/kFlsLAtjDu
जयराम महतो ने कहा कि उनका विरोध पूरे पुलिस विभाग से नहीं है। वह पुलिस का सम्मान करते हैं, लेकिन यदि कहीं भ्रष्टाचार, मनमानी या आम लोगों के साथ गलत व्यवहार होता है तो वह उसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की समस्याओं को उठाना उनका दायित्व है।
स्पीकर को चार बार फोन करने का दावा
विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि स्पीकर विधायकों के कस्टोडियन होते हैं। इसी वजह से उन्होंने मामले की स्थिति स्पष्ट करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को चार बार फोन किया, लेकिन उनकी ओर से मामले में अपेक्षित रुचि नहीं ली गयी। जयराम महतो का कहना है कि उन्होंने स्पीकर से मामले की वास्तविकता जानने और स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन जब उनकी बात नहीं सुनी गयी तो अब वह स्पीकर को इस मामले में कभी पत्र नहीं लिखेंगे।
तीन एफआइआर को बताया साजिश
जयराम महतो ने अपने खिलाफ दर्ज तीन एफआइआर का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश के तहत मामले दर्ज किये जा रहे हैं और उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि शराब के नशे में लोगों ने उनके खिलाफ एफआइआर करायी। हालांकि, विधायक की ओर से लगाए गये इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और एफआइआर में दर्ज आरोपों तथा पुलिस की जांच की स्थिति अलग विषय है।
पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल
जयराम महतो ने पुलिस एसोसिएशन के रवैये पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि पुलिसकर्मियों के साथ अधिकारी स्तर पर कथित रूप से गलत व्यवहार होता है तो एसोसिएशन उस पर आवाज क्यों नहीं उठाता। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी आम लोगों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं और लोगों को परेशान किया जाता है। विधायक ने सवाल उठाया कि यदि किसी पुलिसकर्मी की कार्यशैली को लेकर शिकायत आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती। जयराम ने कहा कि पुलिस एसोसिएशन को सिर्फ जनप्रतिनिधि के खिलाफ कार्रवाई या माफी की मांग तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पुलिस व्यवस्था से जुड़े व्यापक सवालों पर भी आवाज उठानी चाहिए।
'पुलिस का सम्मान करता हूं, भ्रष्टाचार का विरोध करूंगा'
विधायक ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह पुलिस विभाग का सम्मान करते हैं। उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या पूरे पुलिस महकमे के खिलाफ नहीं है, बल्कि कथित भ्रष्ट व्यवस्था और गलत कार्यशैली के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कोयला चोरी, बालू चोरी और यौन शोषण जैसे गंभीर मामलों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि जनता से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना अपराध माना जाता है तो भी वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।
प्रिंस खान का जिक्र कर पुलिस एसोसिएशन से पूछा सवाल
अपने बयान में जयराम महतो ने धनबाद के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रिंस खान की ओर से पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था, तब पुलिस एसोसिएशन की ओर से वैसा विरोध क्यों नहीं किया गया। विधायक ने आरोप लगाया कि अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस को और सख्त होना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस को परेशानी होती है, जबकि जनप्रतिनिधि द्वारा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो जाती है। इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रिंस खान से जुड़े मामलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पहले भी कार्रवाई करती रही हैं।
24 घंटे से पांच दिन के अल्टीमेटम पर भी निशाना
पुलिस एसोसिएशन की ओर से दिये गये अल्टीमेटम को लेकर भी जयराम महतो ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें 24 घंटे के भीतर माफी मांगने को कहा गया था, जबकि बाद में अल्टीमेटम की अवधि बढ़ाकर पांच दिन कर दी गयी। जयराम ने कहा कि अल्टीमेटम की अवधि बदलने से उन पर कोई दबाव नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि वह तोपचांची की धरती से आते हैं और किसी धमकी से डरने वाले नहीं हैं।
कोई माफीनामा नहीं दिया जाएगा:जयराम
विधायक जयराम महतो ने वसाफ कहा कि उनकी ओर से कोई माफीनामा नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक गाली के मामले में सीधे गिरफ्तारी की मांग करना उचित नहीं है। पुलिस एसोसिएशन को पहले पूरे घटनाक्रम और वायरल ऑडियो की जांच की मांग करनी चाहिए। विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस एसोसिएशन को गाली वाले हिस्से से ज्यादा आपत्ति एक विधायक के तौर पर उनके रवैये से है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विधायक को अपनी बात रखने का अधिकार है और किसी भी संस्था को गिरफ्तारी की मांग करने का अधिकार नहीं है।
थाना प्रभारी जनता के साथ ठीक व्यवहार नहीं, आम लोगों को परेशान किया जाता है
जयराम महतो ने कहा कि बड़ी संख्या में थाना प्रभारी जनता के साथ ठीक व्यवहार नहीं करते और आम लोगों को परेशान किया जाता है। उन्होंने ट्रैक्टर और वाहन किस्त पर लेने वाले लोगों पर कार्रवाई तथा जुर्माना लगाने का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।विधायक ने कहा कि यदि उनकी सरकार बनती है तो प्रशासन का ऐसा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता का खून चूसने और गरीबों को परेशान करने की व्यवस्था नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने दलित व्यक्ति को थाने में लाकर पीटने के अधिकार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में वह DGP से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे। थाना परिसर में उनके साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर भी कार्रवाई की मांग करेंगे।
विवाद की जड़ क्या है?
दरअसल, बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप के बाद यह विवाद शुरू हुआ। पुलिस एसोसिएशन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक से माफी मांगने की मांग की और अल्टीमेटम जारी किया। वहीं, जयराम महतो लगातार अपने ऊपर लगे आरोपों का विरोध कर रहे हैं और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। अब विधायक के ताजा बयान के बाद विवाद और तीखा होने के आसार हैं।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस एसोसिएशन और विधायक जयराम महतो के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। आने वाले दिनों में पुलिस एसोसिएशन का अगला कदम और विधायक की प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।
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